झारखंड में नागरिकता मुद्दा फेल?

ऐसा लग रहा है कि नागरिकता कानून का मुद्दा झारखंड चुनाव में भाजपा के लिए फायदेमंद नहीं रहा है। पांच चरण का मतदान खत्म होने के बाद जो एक्जिट पोल के नतीजे आए हैं उनसे लग रहा है कि भाजपा नुकसान में है। ध्यान रहे लोकसभा में नागरिकता कानून नौ दिसंबर को पास हो गया था और 12 दिसंबर को इस पर राज्यसभा की भी मुहर लग गई थी।

कांग्रेस की धारणा बदलवाने की कोशिश

कांग्रेस पार्टी संशोधित नागरिकता कानून और संभावित एनआरसी को लेकर भाजपा और मीडिया के बनाए नैरेटिव को बदलने का प्रयास कर रही है। सीएए और एनआरसी को लेकर ऐसी धारणा बनी है, जैसे यह हिंदू-मुस्लिम का मामला है।

बांग्लादेश, अफगानिस्तान को क्लीनचिट

भारत सरकार ने नागरिकता कानून में जो संशोधन किया है उसमें कहा गया है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न का शिकार होकर भारत आए गैर मुस्लिमों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। पर इसके साथ ही भारत सरकार बांग्लादेश और अफगानिस्तान को यह क्लीनचिट भी दे रही है

नागरिकता कानून पर केजरीवाल की दुविधा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दुविधा में हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के शुरू को चार साल नौ महीने बहुत आसानी से निकाल लिए। उनको किसी विवादित मसले में उलझना नहीं पड़ा। ध्रुवीकरण कराने वाले सारे मसलों पर वे बहुत होशियारी से अपने को बचा कर निकल गए।

नागरिकता कानून  पर बवाल क्यों?

नागरिकता संशोधन अधिनियम पर उग्र प्रदर्शन के बीच सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार (18 दिसंबर) को रोक लगाने से इंकार कर दिया। अब अदालत इसकी वैधानिकता को परखेगी। गुरुवार (19 दिसंबर) को वामपंथियों ने भारत बंद भी बुलाया। अबतक देश में जारी उग्र बवाल में रेलवे, अन्य सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी क्षति पहुंची है।

नागरिकताः भाजपा फिर सोचे

यह नागरिकता कानून कमाल का है। इसने जैसी गलतफहमी देश में फैलाई है, मुझे याद नहीं पड़ता किसी अन्य कानून ने फैलाई है। सबसे पहले तो इसने हमारी संसद की इज्जत को पैंदे में बिठा दिया है। जिन दलों ने इसका आंख मींचकर समर्थन किया था, उनमें से कुछ ने अब इसका विरोध शुरु कर दिया है।

क्या सब कुछ कांग्रेस करा रही है?

भाजपा के नेता कमाल कर रहे हैं। देश के अलग अलग हिस्सों में हो रहे प्रदर्शन और छात्रों के आंदोलन के लिए वे कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर असम के हिमंता बिस्वा सरमा तक सब कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं।

इंटरनेट, मेट्रो बंद अब सामान्य है

दिल्ली में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र बढ़ी हुई फीस के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के तदर्थ शिक्षक अपना स्टैट्स कम किए जाने के खिलाफ आंदोलन पर हैं। इस बीच जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों ने नागरिकता कानून के विरोध में आंदोलन शुरू कर दिया।

नागरिक क़ानून से हो रहा ध्रुवीकरण

झारखंड विधानसभा के चुनाव नतीजों को नागरिकता संशोधन क़ानून पर जनमत संग्रह नहीं माना जाना चाहिए| भारतीय जनता पार्टी जीते तो भी नहीं और हारेतो भी नहीं। क्योंकि झारखंड नागरिकता संशोधन क़ानून के असर वाले दायरे में नहीं आता। वैसे भी मोदी-शाह भले ही इस गलतफहमीं में हों कि उनकी राष्ट्रवादी नीतियों का राज्य विधानसभा चुनावों पर असर होता है , पर यह सच नही है।

बांग्लादेश को गंवा रहा है भारत!

नागरिकता कानून में संशोधन का बिल पास होने और इसके जरिए कानून में बदलाव होने के बाद घरेलू राजनीति पर जो असर हुआ है वह तो अपनी जगह है पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसका बड़ा असर हुआ है। भारत को तात्कालिक कूटनीतिक नुकसान तो यह हुआ है कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की भारत यात्रा टल गई और बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन की भारत यात्रा रद्द हो गई।

नागरिकता कानून में त्रुटियां

भारत के कई हिस्सों में हुए भारी विरोध के माहौल के बीच नागरिकता संशोधन विधेयक को कानून का रूप दे दिया गया है। मगर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली, अलीगढ़, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई समेत कई शहरों में नए कानून के विरोध में रैलियां निकाली जा चुकी हैं।

प्रवासी अपने आप भारतीय नागरिक नहीं बन जाएंगे : गृह मंत्रालय

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर-मुस्लिम प्रवासी अपने आप भारतीय नागरिक नहीं बन जाएंगे, बल्कि इसके लिए उन्हें आवेदन करना होगा। सूत्रों ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को जल्द ही फ्रेम किया जाएगा। इसे ठीक ठंग से कानून की शक्ल दिया जाना अभी बाकी है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारतीय नागरिक बनने के इच्छुक प्रवासियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक के आने के बाद से ही देशभर के कई हिस्सों में इसका विरोध हो रहा है। राज्यसभा से भी पास होने के बाद से हालात और अधिक बिगड़े हैं। इसे भी पढ़ें : जामिया में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुई डीपीसीसी लोकसभा व राज्यसभा से पारित होने और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर करने के साथ ही यह अब कानून बन चुका है। नागरिकता संशोधन अधिनियम के माध्यम से अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए हिंदू, पारसी, ईसाई, जैन, बौद्ध और सिख समुदायों के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है।

सीएए को लेकर बेंगलुरू में विरोध प्रदर्शन

बेंगलुरू। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर हजारों बेंगलुरूवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को वह ‘आजादी की लड़ाई’ का नाम दे रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन रविवार शाम को किया गया। कांग्रेस राज्यसभा के सदस्य राजीव गौड़ा ने ट्वीट के माध्यम से कहा हमारे पास हिस्सा लेने के लिए एक और आजादी की लड़ाई है। भारत को उन वास्तविक टुकड़े-टुकड़े गैंग से बचाने के लिए, जो पहचान के आधार पर भारतीयों को बांट रहे हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट -बेगलुरू (आईआईएम-बी) के पूर्व प्रोफेसर ने प्रदर्शनकारियों से आह्वान किया कि वे समावेशी भारत के लिए लड़ाई लड़ने का प्रण लें और अनेकता का जश्न मनाएं। बेंगलुरू स्थित टाउनहॉल के प्रदर्शन में भाग लेने के दौरान गौड़ा ने कहा हमारे देश की आत्मा की रक्षा के लिए मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे इस संघर्ष में भाग लें। प्रदर्शनकारी नए नागरिकता कानून के विरोध में कर्नाटक राज्य का झंडा, भारतीय तिरंगा और विरोधी नारा लिखे हुए पोस्टर के साथ विरोध करते दिखे। टाउनहॉल में प्रदर्शन के दौरान दिखाए जा रहे एक पोस्टर में लिखा था भारतीय संविधान पर हमला बंद करो। हैशटैग एगेंस्ट सीएए। इसी दौरान एक और प्रदर्शनकारी एक पोस्टर लहराता दिखा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी… Continue reading सीएए को लेकर बेंगलुरू में विरोध प्रदर्शन

नागरिकता क़ानून और दारुल इस्लाम

नागरिकता संशोधन क़ानून के खिलाफ उठे पूर्वोतर के आन्दोलन से राष्ट्रीय स्वयसेवक संघ चिंतित है। इसलिए संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह पूर्वोतर की आशंकाओं को दूर करें। लेकिन संघ ने पहली बार आंदोलित मुसलमानों को आश्वस्त किया है

नागरिकता कानून से बहुत चुनावी लाभ!

जो लोग यह सोच रहे हैं कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार नागरिकता कानून पर पुनर्विचार कर सकती है, वे गलतफहमी में हैं। भाजपा और उसकी केंद्र सरकार ने बहुत सोच समझ कर इस कानून को पास कराया है। यह कानून भाजपा को बड़ा चुनावी फायदा दे सकता है।

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