ये चेतावनी बेहद गंभीर है

जब दुनिया भर में लॉकडाउन लागू था, तो उसका एक अच्छा असर यह देखा गया कि पर्यावरण के संकेतक सुधर गए। आसमान साफ दिखने लगा और ग्लेशियरों में वृद्धि देखी गई। लेकिन अब वो स्थिति पलट रही है। इसलिए जलवायु परिवर्तन की चिंताएं फिर से उठ खड़ी हुई हैं।