CM Biren Singh

  • अब हकीकत का अहसास?

    मणिपुर में हिंसा की शुरुआत हुए लगभग नौ महीने आने को हैं, लेकिन स्थिति आज भी नियंत्रण में नहीं है। मैतेई और कुकी समुदायों के बीच अविश्वास और विभाजन की रेखाएं गहरा गई हैं और उनके कुछ संगठन अब आतंकवादी तौर-तरीकों का सहारा लेने लगे हैं। संभवतः मणिपुर में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को भी हकीकत का अहसास हुआ है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की प्राथमिकताएं चाहे जो हों, प्रदेश के नेता समझ रहे हैं कि मौजूदा सरकार आम जन के बीच अपना भरोसा खो चुकी है और उसके हाथ में समाधान का कोई सूत्र नहीं है। मुख्यमंत्री एन बीरेन...

  • एक मुख्यमंत्री की आत्मा

    अब ये सवाल लाजिमी है कि मणिपुर में ढाई महीने से जारी हिंसा, सवा सौ से अधिक लोगों की मौत, पचास हजार से ज्यादा लोगों के विस्थापन के बीच मुख्यमंत्री लोगों की कैसी सेवा की है और उनकी आत्मा क्यों नहीं जागी है? मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने मीडिया को अपने बारे में कभी बताया था कि फुटबॉल खेलना उनका शौक था और पत्रकारिता उनका जुनून। लेकिन आत्मा की पुकार पर लोगों की सेवा करने वे राजनीति में उतरे। इसलिए अब ये सवाल लाजिमी हो जाता है कि उनके राज्य में ढाई महीने से जारी हिंसा, सवा सौ...