16 मईः हमारी तारीख, हमारी प्राप्ति, पर चिंता की भी तारीख!

हम तिथियों की महत्ता मानते हुए, उसकी पूजा करते हुए जीते है। उनका खास अर्थ उसके खास भाव से होता है। तारीख विशेष के हम कतृज्ञ होते हैं। तारीख बहाना होती है उत्सव का, समझने का, रस-रंग में डूबने का। उनसे हम इसलिए भी प्रेम करते है क्योंकि वे जीवन के मकसद की याद दिलाती… Continue reading 16 मईः हमारी तारीख, हमारी प्राप्ति, पर चिंता की भी तारीख!

आशा, उम्मीद पर टिका है सब

मैं ‘उम्मीद’ पालती हूं। मेरा बस चलता तो मैं अपना नाम ‘होप’ ही रखती। उम्मीद पर ही मेरा जीवन है और थिरकता है। तभी मुझे अच्छा नहीं लगा जब इस अखबार के संपादकों ने कोविड-19 के बीच लोगों की तकलीफों पर खबरों, तस्वीरों और ग्राफिक्स के साथ अखबार की दसवीं साल गिरह मनाने का फैसला… Continue reading आशा, उम्मीद पर टिका है सब