इटली ने किया वैक्सीन तैयार करने का दावा

इजराइल के बाद अब इटली ने घोषणा की है कि उसने कोरोना वायरस के इलाज की वैक्सीन विकसित कर ली है। उसका दावा है कि यह वैक्सीन इंसानों पर काम करती है। इटली ने इसे दुनिया की पहली वैक्सीन होने का दावा किया है।

सबसे पहले वैक्सीन किसकी आएगी?

विश्व स्वास्थ्य संगठन, डब्लुएचओ की मुख्य वैज्ञानिक डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि किसी भी वायरस का टीका तैयार करने में समय लगता है। उन्होंने याद दिलाया है कि इबोला का टीका दस साल में बना था और जीका वायरस का टीका तैयार करने में भी दो साल लगे थे।

इंसान पर मुनाफे को तरजीह

कोरोना वायरस से फैले विश्व-व्यापी आतंक के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के रुख से दुनिया भर में नाराजगी पैदा हुई है। ट्रंप अमेरिकी कंपनियों के हित में काम करते हैं, यह जग-जाहिर है। लेकिन उनका हित साधने के लिए वे इस हद तक जाएंगे, इसकी अपेक्षा किसी को नहीं थी। साथ ही अपने प्रशासन की नाकामियां छिपाने के लिए “नस्लवादी” तौर-तरीकों का सहारा लेंगे, यह भी अनपेक्षित था। लेकिन उन्होंने ऐसा ही किया। अपने एक ट्विट में उन्होंने कोरोना वायरस की जगह चाइनीज वायरस लिखा। दूसरी तरफ जर्मनी के अखबार- वेल्ट अम जॉनटाग- ने पिछले दिनों यह खबर छापी कि डॉनल्ड ट्रंप ने एक जर्मन कंपनी से कोरोना का वैक्सीन खरीदने के लिए भारी रकम देने की पेशकश की। इस कंपनी का नाम क्यूरवैक है। यह कोरोना वायरस का टीका बनाने पर काम कर रही है। अखबार के अनुसार ट्रंप इस टीके का बौद्धिक संपदा अधिकार खरीदना चाहते हैं, ताकि इसका इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ अमेरिका में किया जा सके। जर्मनी के राजनीतिक दलों ने अमेरिका की इस कोशिश की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अपमानजनक बताया और कहा कि वैक्सीन को अरबों के सौदे में तब्दील नहीं किया जा सकता। जर्मनी के शोध मंत्रालय ने साफ किया… Continue reading इंसान पर मुनाफे को तरजीह

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