सभी तरफ बढ़ रहे संक्रमित

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए पूरे देश में लागू लॉकडाउन के छठे दिन सोमवार को इस वायरस से संक्रमण के 124 नए मामले सामने आए, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 1306 हो गई। सोमवार को छह संक्रमितों की मौत हो गई, जिससे इस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 37 हो गई। सोमवार को केरल में सबसे ज्यादा 32 मामले सामने आए। वहां संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 234 हो गई। महाराष्ट्र में सोमवार को दो संक्रमितों की मौत हुई। पुणे में 52 साल के एक व्यक्ति की और मुंबई में 80 साल के बुजुर्ग की जान गई। राज्य में अब तक 10 मौतें हो चुकी हैं। गुजरात के भावनगर में 45 साल की एक महिला की मौत हो गई। उसके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि सोमवार को हुई। वहां अब तक छह लोगों मौत इस वायरस से हो चुकी है। मध्य प्रदेश के इंदौर में 41 साल के एक मरीज ने दम तोड़ा। राज्य में अब तक इस वायरस से चार लोगों की मौत हुई है। इनमें दो इंदौर और दो उज्जैन के रहने वाले थे। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में रहने वाली 54 साल की एक महिला की मौत… Continue reading सभी तरफ बढ़ रहे संक्रमित

कम्युनिटी संक्रमण शुरू नहीं

नई दिल्ली। भारत सरकार ने देश में कोरोना वायरस का कम्युनिटी संक्रमण शुरू होने की खबरों का खंडन किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि देश में कोरोना वायरस का संक्रमण अभी कम्युनिटी लेवल पर नहीं पहुंचा है, यह लोकल लेवल पर ही फैल हो रहा है। मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने लॉकडाउन को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि समाज के हर एक व्यक्ति को सहयोग करना होगा, वरना अब तक संक्रमण को रोकने के जो भी नतीजे सामने आए हैं, वह सब बेकार हो जाएंगे। उन्होने देश में हो रही जांच के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना की जांच के लिए 115 सरकारी और 47 निजी लैब हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मेंटल हेल्थ के की ओर से डॉक्टरों की ट्रेनिंग करवाई जा रही है। इंडियन कौंसिल मेडिकल रिसर्च, आईसीएमआर ने बताया- अब तक 38,442 टेस्ट किए गए हैं। इनमें से 3,501 टेस्ट रविवार को किए गए थे। आईसीएमआर ने कहा- हम अभी भी अपनी परीक्षण क्षमता के 30 फीसदी से कम हैं। पिछले तीन दिनों में 1,334 परीक्षण निजी लैब्स में किए गए हैं। उन्होंने देश के लोगों से कहा कि सौ फीसदी फीसदी अलर्ट रहें और देश को… Continue reading कम्युनिटी संक्रमण शुरू नहीं

30 मौतें, 11 सौ से ज्यादा संक्रमित

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को चार और संक्रमितों की मौत हो गई, जिससे मरने वालों का आंकड़ा 30 पहुंच गया है। देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 11 सौ से ज्यादा हो गई है। कोरोना वायरस के संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित केरल और महाराष्ट्र दोनों राज्यों में संक्रमितों की संख्या दो सौ का आंकड़ा पार गई है। रविवार की शाम तक महाराष्ट्र में 203 और केरल में 202 लोग इस वायर, से संक्रमित थे। बहरहाल, रविवार को अलग अलग हिस्सों में चार और मौतें हो गईं। मुंबई में 40 साल की महिला की जान चली गई। वह हाईपरटेंशन की मरीज भी थी। इसके अलावा राज्य के बुलढाणा में भी 45 साल के एक व्यक्ति की मौत संक्रमण के चलते हुई थी। रविवार को आई रिपोर्ट में पता चला कि वे कोरोना से संक्रमित थे। महाराष्ट्र में मरने वालों की संख्या आठ हो गई है, जिनमें सात लोगों की मौत मुंबई में हुई है। मुंबई से बाहर पहली मौत बुलढाणा में हुई है। रविवार को अहमदाबाद में भी 45 साल के व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। गुजरात में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा पांच पर पहुंच गया… Continue reading 30 मौतें, 11 सौ से ज्यादा संक्रमित

कोरोना से 26 मौत, 953 संक्रमित

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 26 पहुंच गई। शनिवार को इस बात की पुष्टि हो गई कि महाराष्ट्र में मरने वाले 85 साल के डॉक्टर को कोरोना वायरस का संक्रमण था। इसके बाद महाराष्ट्र में इस वायरस की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़ कर छह हो गई है, जो कि किसी भी दूसरे राज्य के मुकाबले ज्यादा है। वायरस से सबसे ज्यादा संक्रमित केरल में शनिवार को पहली मौत हुई है। उधर तेलंगाना में भी संक्रमण से एक मरीज की मौत हो गई। शनिवार को केरल के कोच्चि मेडिकल कॉलेज में 69 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। राज्य में इस संक्रमण से यह पहली मौत है। वहीं, गुजरात के अहमदाबाद में 46 साल की महिला ने दम तोड़ा। इस महिला को 26 मार्च को हाइपरटेंशन और डायबिटीज की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।  इसके साथ ही गुजरात में कोरोना से मरने वालों का संख्या चार हो गई है। अहमदाबाद में दो और भावनगर-सूरत में एक-एक जान जा चुकी है। इस बीच कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश भर में शनिवार की शाम तक 953 मामले सामने आ चुके हैं। शनिवार को… Continue reading कोरोना से 26 मौत, 953 संक्रमित

महानगरों को खाली कराना होगा

भारत सरकार और राज्यों की सरकारें भी अगर कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकना चाहती है तो सबसे पहले महानगरों में रह रहे प्रवासियों की समस्या पर ध्यान देना होगा। देश के छोटे-बड़े सभी शहरों में और खास कर महानगरों में लाखों की संख्या में प्रवासी लोग रहते हैं। दूसरे राज्यों के मजदूर झुग्गी-झोपड़ी कॉलोनियों में रहते हैं। ऐसी कॉलोनियों में तमाम बुनियादी सुविधाओं की कमी है। दिल्ली के महिपालपुर की झुग्गी की कहानियां राष्ट्रीय मीडिया में आई हुई हैं। वहां झुग्गी-झोपड़ी कॉलोनी में पानी नहीं है। ध्यान रहे इस वायरस के संक्रमण के लिए साफ-सफाई और हाथ धोते रहना सबसे पहली जरूरत है पर लोगों के पास पीने का पानी नहीं है तो लोग सफाई क्या करेंगे। जाहिर है कि अगर सफाई के लिए पानी नहीं मिला को वायरस का संक्रमण बढ़ेगा। ऐसी अनगिनत झुग्गियां हैं और सबमें इसी तरह की कहानी है। इन झुग्गियों में दस गुणा दस या 12 गुणा 12 की झोपड़ी में पूरा परिवार रहता है। चार-पांच लोगों का परिवार इतनी छोटी जगह में है, यह अपने आप में स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। अगर कोरोना जैसा संक्रमण फैला हो तो इसका खतरा कितना बढ़ जाता है, यह समझा जा सकता है।… Continue reading महानगरों को खाली कराना होगा

कोरोनाः रेलें और बसें तुरंत चलाएं

लॉकडाउन (तालाबंदी) की ज्यों ही घोषणा हुई, मैंने कुछ टीवी चैनलों पर कहा था और अपने लेखों में भी पहले दिन से लिख रहा हूं कि यह ‘लाकडाउन’ कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक सिद्ध हो सकता है। कोरोना से पिछले दो हफ्तों में 20 लोग भी नहीं मरे हैं और 1000 लोग भी उसके मरीज़ नहीं हुए हैं लेकिन शहरों और कस्बों में काम-धंधे बंद हो जाने के कारण अब लाखों मजदूर और छोटे-मोटे कर्मचारी अपने गांवों की तरफ कूच कर रहे हैं। क्यों कर रहे हैं ? क्योंकि उन्हें हर शाम अपनी मजदूरी मिलनी बंद हो गई है। जो लोग कारखानों और दफ्तरों में ही सो जाते थे, उनमें ताले पड़ गए हैं। देश भर के इन करोड़ों लोगों के पास खाने को दाने नहीं हैं और सोने को छत नहीं है। वे अपने गांवों की तरफ पैदल ही चल पड़े हैं। उनके बीवी-बच्चे भी हैं। उनके पेट और जेब दोनों ही खाली हैं।सरकार ने 80 करोड़ लोगों के लिए खाने में मदद की घोषणा करके अच्छा कदम उठाया है लेकिन ये जो अपने गांवों की तरफ दौड़े जा रहे मजदूर, कर्मचारी और छोटे व्यापारी हैं, ये लोग भूख के मारे क्या रास्ते में ही दम नहीं तोड़ देंगे… Continue reading कोरोनाः रेलें और बसें तुरंत चलाएं

अवसाद के समय में पालनहार से गुहार

हे प्रभु! क्या ग़लती हो गई हम पृथ्वी-वासियों से? क्या हम से राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और धार्मिक संसार की भौतिक आराध्य-मूर्तियों के चयन में ग़लती हो गई?क्या हम से अपनी धरती को नाहक ही स्पर्धा, स्वार्थ और निजी सनकपूर्ति की दिशा में धकेल देने की ग़लती हो गई?कुछ तो हुआ, प्रभु, कि आपने तक़रीबन पूरी पृथ्वी को एक जीवाणु की ज़ंजीर में जकड़ दिया।पृथ्वी-वासियों से जो भी हुआ प्रभु, मगर आप तो करुणावतार हैं। कई और भी समझते होंगे, लेकिन मैं तो समझता ही हूं, प्रभु, कि आपकी करुणा भी अगर जवाब दे गई है तो वज़ह मामूली नहीं है। सो, आपने जो किया, ठीक किया। आप अगर आज यह अर्द्ध-विराम नहीं लगाते तो कल तो बहुत देर हो जाती। आप हस्तक्षेप न करते तो आ़िख़र जिस तरफ़ हमारी धरती को यह चूसक-मंडली ले कर जा रही है, वह इनके भी मतलब की कब तक रहती? सियासत की सारी सकारात्मकता को चूस कर उसकी खोल में घनघोर नकारात्मकता उंड़ेल देने वाले आख़िर कौन हैं? सारी सामाजिकता को पोला कर उसकी नाभि में नफ़रत भर देने वाले कौन हैं? सारी सांस्कृतिकता को खोखला कर उसके गर्भ में अप-संस्कृति बो देने वाले कौन हैं? सारे अर्थशास्त्र को एकतरफ़ा बना कर उसके… Continue reading अवसाद के समय में पालनहार से गुहार

22 मौतें, 862 संक्रमित

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के तीसरे दिन संक्रमण फैलने और लोगों के मरने का सिलसिला जारी रहा। शुक्रवार को दो और लोगों की मौत हो गई, जिससे इस वायरस से मरने वालों की संख्या 22 पहुंच गई है। शुक्रवार को कर्नाटक के तुमकुर में एक 65 साल के बुजुर्ग की मौत हुई और देर शाम महाराष्ट्र में 65 साल की एक महिला की मौत हो गई। महाराष्ट्र में अब तक इस वायरस के संक्रमण से पांच लोगों की मौत हो चुकी है और कर्नाटक में तीन लोग मरे हैं। तुमकुर में कोरोना संक्रमण से जूझ रहे 65 साल के एक बुजुर्ग ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। कर्नाटक में यह तीसरी मौत है। वहां 11 और 26 मार्च को कोरोना से मौत हुई थी। इससे पहले गुरुवार को देश के अलग-अलग राज्यों में सबसे ज्यादा सात संक्रमितों की जान गई थी। शुक्रवार को जिस बुजुर्ग ने जान गंवाई वे पांच मार्च को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से परिवार के 13 सदस्यों के साथ दिल्ली गए थे और वहां जामिया मस्जिद भी गए थे। मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में शुक्रवार को 65 साल की एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। महाराष्ट्र में… Continue reading 22 मौतें, 862 संक्रमित

विदेश से लौटे लोगों की निगरानी की चिंता

नई दिल्ली। भारत में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा के बावजूद संक्रमितों की संख्या बढ़ने का सिलसिला जारी है। इसका एक कारण यह बताया जा रहा है कि विदेश से लौटे भारतीयों की निगरानी ठीक तरह से नहीं हो रही है। इसे लेकर केंद्र सरकार ने राज्यों से चिंता जताई है। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिख कर विदेश से भारत आए यात्रियों की निगरानी में अंतर को लेकर चिंता जताई है। गौबा ने राज्य सरकारों से कहा कि 18 जनवरी से 23 मार्च के बीच 15 लाख से ज्यादा यात्री विदेश से भारत आए हैं, लेकिन उनकी निगरानी में अंतर है। कैबिनेट सचिव ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को कहा है कि पिछले दो महीनों में 15 लाख से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय यात्री भारत आए हैं लेकिन जितने यात्रियों को कोरोना वायरस को लेकर निगरानी में रखा गया है उनकी संख्या इस संख्या से मेल नहीं खाती है। गौबा ने कहा है कि निगरानी में यह फर्क कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को प्रभावित कर सकता है। राजीव गौबा ने इस बात पर जोर दिया कि जिन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को कोरोना को लेकर निगरानी में नहीं रखा गया है उनके… Continue reading विदेश से लौटे लोगों की निगरानी की चिंता

प्रवासी को रोकने का निर्देश

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अलग अलग शहरों से पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों को रोकने का निर्देश जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को राज्‍य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को परामर्श जारी करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के शहरों से घरों की ओर हो रहे बड़ी तादाद में पलायन को वे रोकें। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए परामर्श में यह भी कहा है कि वे छात्रावासों और कामकाजी महिला छात्रावासों में जरूरी वस्‍तुओं की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करें, जिससे कि कामगार और मजदूर गांवों की ओर पलायन नहीं कर पाएं। गृह मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्‍ता ने बताया कि सरकार ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाजरी जारी कर कहा है कि वे प्रवासी कृषि मजदूरों, उद्योगों में लगे कामगारों और असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के बड़े पैमाने पर गांवों की ओर हो रहे पलायन को रोकें ताकि कोरोना वायरस से संक्रमण को दूरदराज के इलाकों में फैलने से रोका जा सके। यही नहीं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह भी… Continue reading प्रवासी को रोकने का निर्देश

तालाबंदी तोड़ घरो के लिए चल पड़े लाचार गरीब!

नई दिल्ली।  पूरे देश में महानगरों, शहरों में दिहाड़ी पर जीने वाले असंख्य गरीब अपने-अपने  घरों के लिए पैदल ही निकले हुए है। दो दिन बाद दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर आज इनकी संख्या अविश्वसनीय दास्तां लिए मिली। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए लागू लॉकडाउन में काम धंधे बंद होने के बाद मजबूरी में बड़ी संख्या में मजदूरों का पलायन दिल्ली से शुरू हो गया है। हजारों लोगों का काफिला दिल्ली-यूपी सीमा से होकर अपने अपने गृह राज्य की ओर से जा रहा है। दूरी और दिक्कत की परवाह किए बगैर हजारों लोग सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकल पड़े हैं। ऐसा काफिला सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से नहीं निकला है, बल्कि देश के दूसरे महानगरों से भी अपने अपने गांवों की ओर निकला है। पेट पालने के लिए महानगरों में पहुंचे मजदूर अब जीवन बचाने के लिए अपने गांवों की ओर पैदल मार्च कर रहे हैं। पुलिस ने पहले तो इन्हें रोकने की कोशिश की पर जैसे जैसे संख्या बढ़ती गई है रोकना का प्रयास विफल हो गया।

नया टेस्टिंग किट और इलाज खोजने का दावा

नई दिल्ली। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनिया भर के वैज्ञानिक और शोधकर्ता आसानी से इसकी जांच करने के किट बनाने, इसे रोकने का टीका बनाने और इसकी दवा खोजने के काम में लगे हैं। इस बीच खबर आई है कि अमेरिका इस बीमारी से ठीक हो गए लोगों के प्लाज्मा से मरीजों का इलाज करने की तैयारी कर रहा है तो एक जर्मन कंपनी ने ऐसी किट बनाई है, जो ढाई घंटे में इसकी जांच रिपोर्ट दे देगी। ब्लूमबर्ग में छपी खबर के मुताबिक जर्मनी की कंपनी रॉबर्ट बॉश जीएमबीएच के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वोल्कमार डेनर ने गुरुवार को एक बयान में दावा किया कि उनकी कंपनी की टेस्ट किट के जरिए ढाई घंटे से भी कम समय में कोविड-19 की पुष्टि की जा सकती है। उन्होंने कहा- इसके जरिए संक्रमित मरीज़ों की पहचान तेज़ी से हो सकेगी, और उन्हें जल्दी आइसोलेट किया जा सकेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस नए टेस्ट में वाइवालिटिक मॉलीक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे बॉश की हेल्थकेयर डिवीजन ने तैयार किया है। दूसरी अच्छी खबर अमेरिका से है, जहां डॉक्टर कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों के प्लाज्मा से इलाज करने की तैयारी… Continue reading नया टेस्टिंग किट और इलाज खोजने का दावा

लॉकडाउन या पुलिस स्टेट!

भारत में आपातकाल नहीं लगा है। न आंतरिक, न बाहरी, न वित्तीय और न मेडिकल आपातकाल है। फिर भी देश एक पुलिस स्टेट में बदल गया दिख रहा है। सड़कों पर सिर्फ पुलिस दिख रही है। लोगों में कोरोना वायरस से ज्यादा पुलिस का खौफ हो गया है। इस बीच तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने यह कह कर खौफ और बढ़ा दिया है कि अगर किसी ने लॉकडाउन का उल्लंघन किया तो पुलिस मौके पर गोली मार सकती है। सोचें, एक मुख्यमंत्री का यह कहना क्या मायने रखता है और ऐसे हालात में लोकतंत्र, नागरिक स्वतंत्रता, बुनियादी अधिकार जैसी चीजों का क्या मतलब रह जाता है? तेलंगाना के मुख्यमंत्री अकेले नहीं हैं, जिन्होंने कोरोना वायरस से लोगों की ‘जान बचाने’ के नाम पर लोगों की जान लेने का संकल्प जाहिर किया है। बेंगलुरू में कई दिन से पुलिस लोगों की पिटाई कर रही है। किसी भी काम से बाहर निकले लोगों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा है कि पुलिस को खुली छूट दी गई है कि वह  लोगों को काबू में करे। इसी से मिलती जुलती बात तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री ने कही है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का… Continue reading लॉकडाउन या पुलिस स्टेट!

कोरोना से राहतः पुण्य कमाएं

जिस काम के लिए मैं लगभग एक हफ्ते से लगातार जोर दे रहा हूं, वह काम आज कमोबेश भारत सरकार ने कर दिया। बधाई। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के गरीबों, ग्रामीणों, वंचितों, विकलांगों, दिहाड़ी मजदूरों, छोटे व्यापारियों या यों कहें कि देश के लगभग 80 करोड़ लोगों के लिए तरह-तरह की रहत की घोषणा कर दी है। सरकार अब अगले तीन महिनों में आम-जनता को सहूलियतें देने के लिए एक लाख 70 हजार करोड़ रु. खर्च करेगी। इसे मैं ‘देर आयद्, दुरुस्त आयद’ कहता हूं। यह देर सिर्फ राहतों की घोषणा में ही नहीं हुई है। तालाबंदी की तैयारी में भी हुई है। प्रधानमंत्री ने तालाबंदी पर भाषण दिया और उसके तीन-चार घंटों में ही उसे लागू कर दिया। करोड़ों मजदूर, किसान और व्यापारी और यात्री भी, जहां थे, वही फंस गए। डर के मारे लोग घरों से निकले ही नहीं। हमें लगा कि लोगों में कितना अनुशासन है, कितनी आज्ञाकारिता है लेकिन अब कुछ टीवी चैनल जो सच्चाइयां दिखा रहे हैं, उनसे चिंता पैदा हो रही है। हजारों मजदूर अपने गांव जाने के लिए बस-अड्डों पर भीड़ लगा रहे हैं, कुछ लोग बाल-बच्चों समेत पैदल ही निकल पड़े हैं, सैकड़ों लोग कई शहरों में साग-सब्जी और अनाज की… Continue reading कोरोना से राहतः पुण्य कमाएं

अहम हैं लॉकडाउन के 21 दिन

केंद्र सरकार ने 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया है। इसके पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक संवाद कार्यक्रम में लोगों से कहा कि कोरोना वायरस के संकट से लड़ने का यह सबसे अच्छा और जरूरी उपाय है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह एक जरूरी और अच्छा उपाय है पर इस हकीकत को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि सिर्फ लॉकडाउन से कोरोना वायरस खत्म नहीं होने वाला है। प्रधानमंत्री ने महाभारत का उद्धरण देते हुए कहा कि महाभारत की लड़ाई 18 दिन में जीती गई थी और कोरोना के खिलाफ युद्ध 21 दिन में जीता जाएगा। एक मिसाल के जरिए युद्ध जीतने की बात कहना और देश के लोगों को भरोसा दिलाना, उनका उत्साह बढ़ाना एक बात है। पर अगर सचमुच सरकार ऐसा मान रही होगी कि 21 दिन के लॉकडाउन से वायरस के खिलाफ युद्ध जीता जाएगा तो बड़ा धोखा हो सकता है। सबसे पहले इस बात को समझने की जरूरत है कि लॉकडाउन से असल में क्या हासिल होगा? लॉकडाउन के जरिए सोशल डिस्टेंसिंग कराना का पहला हासिल तो यह है कि कोरोना वायरस के संक्रमण की स्पीड कम हो जाती है। यह स्पीड कितनी कम होगी, इसका पता पांचवें दिन लगेगा।… Continue reading अहम हैं लॉकडाउन के 21 दिन

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