भारत के लिए ग्लोबल टास्क फोर्स

दुनिया में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था कि किसी खास देश के लिए एक ग्लोबल टास्क फोर्स बने। भारत में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिए अमेरिका की 40 बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों यानी सीईओज ने एक ग्लोबल टास्क फोर्स बनाई है। अमेरिका के गृह मंत्री ने इस टास्क फोर्स के साथ एक बैठक की है और भारत की मदद किस तरह से करनी है इसकी रणनीति बनाई है। ग्लोबल टास्क फोर्स से जुड़ी कंपनियों के प्रमुखों का कहना है कि भारत का संकट अभूतपूर्व है इसलिए ऐतिहासिक कदम उठाने की जरूरत है। यह ग्लोबल टास्क फोर्स न सिर्फ भारत को मेडिकल मदद भेजेगी, बल्कि भारत को आगे किस तरह के कदम उठाने चाहिए इसकी रणनीति भी बनाएगी। यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स के यूएस-इंडिया बिजनेस कौंसिल और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम और बिजनेस राउंडटेबल के साझा प्रयास के तहत यह ग्लोबल टास्क फोर्स बनाई गई है। यह टास्क फोर्स सबसे पहले 20 हजार ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर भारत भेज रही है। इसके बाद दो अलग अलग आकार के ऑक्सीजन सिलेंडर भेजे जाएंगे, जिनका अस्पतालों में इस्तेमाल होगा। साथ ही मोनिटरिंग इक्विपमेंट भेजने की भी योजना है। इसके अलावा दुनिया की इन तमाम बड़ी… Continue reading भारत के लिए ग्लोबल टास्क फोर्स

कोरोना से दो लाख मौतें

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या दो लाख का आंकड़ा पार कर गई है। संक्रमण की दूसरी लहर के बीच मंगलवार को देश में 24 घंटे के अंदर ढाई हजार के करीब लोगों के मरने की खबर आई, जिसके बाद संक्रमण से मरने वालों की संख्या दो लाख से ऊपर पहुंच गई। मंगलवार को खबर लिखे जाने तक देश भर में 2,403 लोगों की मौत हुई थी और देश भर में मरने वालों की संख्या दो लाख 238 पहुंच गई। पिछले एक साल में चल रही कोरोना की महामारी में सबसे ज्यादा 65,284 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई है। उसके बाद 14,807 लोग कर्नाटक में और 14,628 लोगों की दिल्ली में मौत हुई है। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में 10-10 हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं। मंगलवार को खबर लिखे जाने तक पूरे देश में तीन लाख आठ हजार 126 नए केसेज आए थे और एक्टिव मरीजों की संख्या साढ़े 29 लाख 64 हजार से ज्यादा हो गई थी। खबर लिखे जाने तक दिल्ली, छत्तीसगढ़ और झारखंड सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों के आंकड़े अपडेट नहीं हुए थे। इनके आंकड़े अपडेट होने के बाद देर रात तक संक्रमितों की संख्या… Continue reading कोरोना से दो लाख मौतें

अब तोहमत भारत पर

मशहूर ब्रिटिश पत्रिका द इकॉनमिस्ट ने भारत में आई कोरोना महामारी पर एक कड़ी टिप्पणी में कहा है कि ये स्थिति भारत के साथ- साथ पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बन रही है। इसमें ध्यान दिलाया गया है कि भारत में उत्पन्न हुआ डबल म्यूटेंट कई पश्चिमी देशों तक पहुंच गया है। अगर भारत में स्थिति बेकाबू बनी रही, तो यहां नए म्यूटेंट बनते रहेंगे और वे दुनिया भर में पहुंचते रहेंगे। कोरोना महामारी के सिलसिले में ये पहले ही कहा गया है कि इससे या तो पूरी दुनिया सुरक्षित होगी, या फिर कोई सुरक्षित नहीं है। इसीलिए जानकार दुनिया भर में सबके टीकाकरण पर जोर देते रहे हैं। मगर अब स्थिति यह है कि अलग-अलग देशों के वैक्सीन नेशनलिज्म के कारण गरीब देशों तक टीका पहुंचाने की कॉवैक्स योजना के लिए खतरा पैदा हो गया है। जबकि बहुत से विकासशील देशों के लिए कोरोना वायरस संक्रमण रोकने का टीका पाने की एकमात्र उम्मीद यही योजना है। अब हाल यह है कि टीका निर्यात पर हालिया पाबंदियों के कारण विकासशील देशों को अगले महीने तक अब उम्मीद से काफी कम संख्या में वैक्सीन डोज मिल पाएंगे। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन के एक विश्लेषण मुताबिक विकासशील देशों को मई तक तक… Continue reading अब तोहमत भारत पर

पौने दो करोड़ के पार संक्रमित

नई दिल्ली। भारत में संक्रमितों की संख्या पौने दो करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है। संक्रमितों की संख्या डेढ़ करोड़ से पौने दो करोड़ पहुंचने में सिर्फ आठ दिन का समय लगा। पिछले रविवार को यानी 18 अप्रैल को देश में संक्रमितों का आंकड़ा डेढ़ करोड़ से ऊपर गया था और उसके आठ दिन बाद 26 अप्रैल को यह आंकड़ा पौने दो करोड़ से ऊपर पहुंच गया है। इस तरह पिछले आठ दिन में औसतन तीन लाख से ज्यादा केस रोज आए हैं। सोमवार को खबर लिखे जाने तक देश में कुल संक्रमितों की संख्या एक करोड़ 75 लाख 51 हजार से ऊपर पहुंच गई थी। देश में एक्टिव केसेज की संख्या 28 लाख 50 हजार से ज्यादा हो गई थी और मरने वालों की संख्या एक लाख 96 हजार से ऊपर पहुंच गई थी। सोमवार को खबर लिखे जाने तक पूरे देश में दो लाख 45 हजार से ज्यादा नए केसेज आए थे और एक्टिव मरीजों की संख्या साढ़े 28 लाख से ज्यादा हो गई थी। खबर लिखे जाने तक दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और झारखंड सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों के आंकड़े अपडेट नहीं हुए थे। इनके आंकड़े अपडेट होने के बाद देर रात तक संक्रमितों की संख्या… Continue reading पौने दो करोड़ के पार संक्रमित

संक्रमण पर काबू नहीं, दिल्ली में संक्रमण की दर 30 फीसदी

नई दिल्ली। भारत में लॉकडाउन लगाने से लेकर किए जा रहे दूसरे तमाम प्रयासों के बावजूद कोरोना वायरस का संक्रमण पर काबू नहीं पाया जा सका है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संक्रमण की दर 30 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। यानी जितने लोगों का टेस्ट हो रहा है उनमें से एक तिहाई लोग संक्रमित मिल रहे हैं। चुनाव वाले राज्य पश्चिम बंगाल में हालात इतने खराब हो गए हैं कि राजधानी कोलकाता और आसपास के इलाकों में टेस्ट कराने वाला हर दूसरा व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिल रहा है। कोलकाता और आसपास के इलाकों में संक्रमण की दर 45 से 55 फीसदी तक पहुंच गई है। जहां तक पूरे राज्य की बात है तो राज्य में संक्रमण की दर 24 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। इस महीने में संक्रमण की दर पांच से बढ़ कर 24 फीसदी पहुंची है। रविवार को खबर लिखे जाने तक पूरे देश में तीन लाख 26 हजार, 880 नए नए केसेज आए थे और एक्टिव मरीजों की संख्या 28 लाख के करीब हो गई थी। खबर लिखे जाने तक छत्तीसगढ़, पंजाब और झारखंड सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों के आंकड़े अपडेट नहीं हुए थे। इनके आंकड़े अपडेट होने के बाद देर रात तक संक्रमितों… Continue reading संक्रमण पर काबू नहीं, दिल्ली में संक्रमण की दर 30 फीसदी

गले में खराश को गंभीरता से लें!

गले में दर्द के साथ खराश, सूखापन और खुरखुराहट महसूस होने को मेडिकल साइंस में सोर थ्रोट कहते हैं। गले में दर्द इसका कॉमन लक्षण है। सोर थ्रोट, वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण या फिर किसी  वातावरण आधारित फैक्टर से होता है। वातावरण में सूखापन और नमी कम होने से गले में खराश होने लगती है। कोरोना संक्रमण से पहले अपने आप या नमक के गरारे से ठीक होने वाले इस विकार से डरने वाली बात नहीं थी लेकिन आज की तारीख में कोरोना संक्रमण का पहला लक्षण होने की वजह से इसकी कल्पना मात्र से घबराहट होने लगती है। गले में लोकेशन के हिसाब से इसके तीन टाइप हैं- फेरनजाइटिस: इससे मुंह के ठीक पीछे का क्षेत्र प्रभावित होता है। टॉन्सिलाइटिस: यह मुंह में पीछे की ओर मौजूद सॉफ्ट टिश्यू या टॉन्सिल में सूजन और लालामी से होता है। लेरिनजाइटिस: यह गले में मौजूद वॉयस बॉक्स या लेरिन्क्स में सूजन और लालामी से होता है। लक्षण क्या हैं? इसके लक्षण इस बात पर निर्भर होते हैं कि व्यक्ति इसके किस टाइप से पीड़ित है। आमतौर पर सोर थ्रोट से पीड़ित होने पर गले में खुरखुराहट, जलन, सूखापन, इरीटेशन या खुजली महसूस होती है और गला मुलायम (टेन्डर) हो जाता है… Continue reading गले में खराश को गंभीरता से लें!

कोरोना पर काबू कठिन नहीं

पिछले दो-तीन दिनों में कोरोना ने ऐसा जुल्म ढाया है कि पूरा देश कांप उठा है। जो लोग मोदी-सरकार के अंधभक्त थे, वे भी डर और कटुता से भरने लगे है। सवा तीन लाख लोगों का कोरोना ग्रस्त होना, हजारों लोगों का मरना, ऑक्सीजन का अकाल पड़ना, दवाइयों और ऑक्सीजन सिलेंडरों की दस गुनी कीमत पर कालाबाजारी होना, राज्य-सरकारों की आपसी खींचातानी और नेताओं के आरोपों-प्रत्यारोपों ने केंद्र सरकार को कंपा दिया था। लेकिन इस सबका फायदा यह हुआ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल के लालच को छोड़कर कोरोना पर अपना ध्यान जमाया है। अब रातोंरात अस्पतालों को ऑक्सीजन के बंबे पहुंच रहे हैं, हजारों बिस्तर वाले तात्कालिक अस्पताल शहरों में खुल रहे हैं, कालाबाज़ारियों की गिरफ्तारी बढ़ गई है और 80 करोड़ गरीब लोगों के लिए प्रति माह 5 किलो अनाज मुफ्त बटने लगा है। आशा है कि एक-दो दिन में ही कोरोना के टीके की कीमत को लेकर शुरु हुई लूटमार पर भी सरकार रोक लगा देगी। कोरोना के टीके और अन्य दवाइयों के लिए जो कच्चा माल हम अमेरिका से आयात कर रहे थे, उसे देने में अमेरिका अभी आनाकानी कर रहा है लेकिन ब्रिटेन और फ्रांस– जैसे देशों ने आगे बढ़कर मदद करने की… Continue reading कोरोना पर काबू कठिन नहीं

कोरोना का कहर जारी, मरीजों की मौत का बनता रिकार्ड

नयी दिल्ली।  देश में शनिवार को खबर लिखे जाने तक करीब तीन लाख के करीब नये मामले सामने आये हैं वहीं दो हजार से अधिक मरीजों की मौत हुई। महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। खबर लिखे जाने तक राजधानी दिल्ली, छत्तीसगढ़ और झारखंड सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों के आंकड़े अपडेट नहीं हुए थे। कोरोना वायरस से सर्वाधिक संक्रमित राज्य महाराष्ट्र में शनिवार को 67,160 नए केसेज आए और रिकार्ड संख्या में 676 लोगों की मौत हुई। राज्य में संक्रमितों की संख्या 42 लाख से ऊपर पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है। यहां हर दिन नए मामलों का रेकॉर्ड बन रहा है। शनिवार को यहां 37944 नए पॉजिटिव केस मिले हैं और 222 मौतें हुई हैं। इन सबके बीच अच्छी बात यह रही कि 23 हजार 231 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। प्रदेश में अब तक सात लाख 52 हजार 211 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, करीब 10959 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। पश्चिम बंगाल में शनिवार को एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 14,281 मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या… Continue reading कोरोना का कहर जारी, मरीजों की मौत का बनता रिकार्ड

क्या लिखूं, सब तो साल पहले लिखा

भारत मौत का कुंआ बना है! ऐसा कोई सैकेंड वेव, थर्ड, फोर्थ वेव से नहीं है जो है वह नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की अंतहीन मूर्खताओं से है। इन मूर्खताओं में ब्रेक कभी नहीं था जो समझदार-सभ्य देशों की तरह यह सोचे कि वायरस रूक गया, फिर फैला, फिर रूका फिर फैला। भारत में वायरस लगातार फैलता हुआ है और यह कहीं सन् 1918 के स्पेनिश फ्लू जैसी महामारी की मौतों का मंजर न बने, इसके लक्षण पहले दिन से इसलिए दीवाल पर लिखे हुए थे क्योंकि नरेंद्र मोदी ने अपनी बुद्धी के घमंड में अकेले फैसले लिए। इनसे भारत मौत का कुंआ बनेगा, दुनिया का अछूत देश बनेगा, अगले तीन-चार भारत लगातार बरबाद होना है, यहमैंने इतना लिखा था कि अब तो बरबादी ही बरबादी है।  तो क्यों न आज गौर करें मेरे लिखे कॉलम के शीर्षक- पंक्तियों पर गौर रहें – वायरस वैश्विक व लापरवाह भारत!-‘भारत राष्ट्र-राज्य सावधान-सतर्क नहीं है। भारत को क्या सुध है कि ईरान, इटली, दक्षिण कोरिया, चीन के साथ हमारी आवाजाही खत्म करना जरूरी है या नहीं? (28 फरवरी 2020) यह भी पढ़ें:वायरस हुआ वैश्विक व लापरवाह भारत! मोदीजी विश्राम कीजिए, बुद्धी, हार्वड को मौका दीजिए!-वायरस से लड़ाई के मौजूदा सिनेरियों में भारत… Continue reading क्या लिखूं, सब तो साल पहले लिखा

फिर केरल मॉडल की चर्चा

कोरोना वायरस की पहली लहर में देश में केरल की कहानी सिल्वर लाइनिंग की तरह थी। केरल ने रास्ता दिखाया था कि किसी भी महामारी से कैसे लड़ा जा सकता है। हालांकि बाद में वहां भी केसेज तेजी से बढ़े थे। दिल्ली और मुंबई के बाद केरल के कोच्चि और तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे पर सबसे ज्यादा लोग विदेश से आते हैं। इसके अलावा पिछले साल पोंगल के उत्सव में राज्य के लोगों ने खुल कर हिस्सा लिया, जिससे कोरोना का विस्फोट हुआ। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में भी केरल रास्ता दिखा रहा है। इस समय जब पूरे देश में ऑक्सीजन की कमी को लेकर हाहाकार मचा है तो केरल संभवतः इकलौता राज्य है, जो अपनी जरूरत पूरी करने के बाद बिना किसी हिचक या तनातनी के पड़ोसी राज्यों को ऑक्सीजन मुहैया करा रहा है। असल में केरल ने दूसरी लहर शुरू होने से पहले ही भांप लिया था कि आगे महामारी बढ़ सकती है। इसलिए उसने ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता बढ़ाई। इस समय केरल में 80 टन ऑक्सीजन की रोज खपत है और राज्य में कोरोना की महामारी से निपटने में लगे चिकित्सा अधिकारियों का अनुमान है कि 30 अप्रैल तक राज्य को एक सौ टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़… Continue reading फिर केरल मॉडल की चर्चा

केंद्र को जिंदगी की परवाह नहीं, कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकारा

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच ऑक्सीजन की कमी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को बुधवार को लगातार दूसरे दिन फटकार लगाई। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा ऑक्सीजन को लेकर इमरजेंसी जैसे हालात हैं और ऐसा लग रहा है कि केंद्र को इंसानी जिंदगी की कोई परवाह नहीं है। केंद्र को फटकार लगाते हुए अदालत ने सवालिया लहजे में कहा- जमीन हकीकत को लेकर केंद्र सरकार इतनी बेखबर क्‍यों है? अदालत ने यह भी कहा कि उसकी चिंता सिर्फ दिल्ली की नहीं, बल्कि पूरे देश में है। हाई कोर्ट ने उद्योगों को ऑक्सीजन की सप्लाई तुरंत रोकने का निर्देश देते हुए कहा कहा कि इन पर पहला हक मरीजों का है। ऑक्सीजन की कमी पर हाई कोर्ट ने कहा- यह अपने आप में इमरजेंसी जैसे हालात हैं, इसके मायने हैं कि सरकार के लिए इंसान की जिंदगी कोई मायने नहीं रखती। इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी अदालत ने केंद्र को फटकार लगाई थी और कहा था कि वह रोज इस मामले की सुनवाई करेगी। दूसरे दिन बुधवार को सख्‍त टिप्‍पणी करते हुए हाई कोर्ट ने कहा- सरकार आखिर वास्‍तविक हालात पर जाग क्‍यों नहीं रही, सरकार जमीनी हकीकत… Continue reading केंद्र को जिंदगी की परवाह नहीं, कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकारा

भारत झूठ से इस स्थिति में पहुंचा!

कोरोना वायरस की महामारी से लड़ाई में भारत असहायता, बेचारगी और दयनीयता की मौजूदा स्थिति में कैसे पहुंचा? भारत को इस स्थिति में पहुंचाने के लिए कौन जिम्मेदार है? तीन महीने पहले भारत में ‘दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान’ शुरू हुआ था तब प्रधानमंत्री ने एक-एक कर दुनिया के देशों को वैक्सीन अनुदान के तौर पर भेजनी शुरू की थी और अनेक देशों को वैक्सीन का निर्यात किया गया था। देश इस बात पर खुश था कि बारबाडोस या एंटिगा के किसी पूर्व क्रिकेटर ने ट्विट करके प्रधानमंत्री का आभार जताया कि उन्होंने उसके देश को वैक्सीन भेजी। सरकार के मंत्री कई दिनों से बता रहे थे कि भारत ने सौ मिलियन यानी 10 करोड़ लोगों को सबसे कम समय में वैक्सीन लगाई है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जब संख्या की बजाय इस बात पर जोर देने को कहा कि कितनी फीसदी आबादी को वैक्सीन लगाई गई, तो सरकार इतनी नाराज हो गई कि स्वास्थ्य मंत्री ने उनको चिट्ठी लिख कर बेहद सख्त लहजे में कहा कि आपकी पार्टी भी तो यह बता रही है कि कितने लाख लोगों को कोरोना हो गया, वे कौन सा प्रतिशत में बता रहें हैं कि कितने प्रतिशत आबादी को संक्रमण हुआ… Continue reading भारत झूठ से इस स्थिति में पहुंचा!

दस राज्यों में संकट गहरा, 1,320 लोगों की मौत हुई

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या परे देश में तेजी से बढ़ रही है और उसी अनुपात में मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। लेकिन देश के 10 राज्यों का संकट बहुत गहरा है और इन राज्यों की वजह से ही देश में कोरोना की हालत बेकाबू दिख रही है। देश में हर दिन मिल रहे नए संक्रमितों में 10 राज्यों का हिस्सा 78 फीसदी से ज्यादा है। देश में सर्वाधिक संक्रमित महाराष्ट्र के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात ये 10 राज्य हैं, जहां 78 फीसदी से ज्यादा नए केसेज मिल रहे हैं। इन राज्यों में कोरोना की स्थिति बेकाबू हो गई है। सर्वाधिक संक्रमित इन 10 राज्यों में से पांच राज्यों- दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन लगा हुआ है फिर भी हालात काबू में नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को खबर लिखे जाने तक पूरे देश में दो लाख 21 हजार से ज्यादा नए केसेज आए थे, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या एक करोड़ 55 लाख, 28 हजार से ज्यादा हो गई और एक्टिव मरीजों की संख्या 21 लाख 18 हजार से ज्यादा हो गई। खबर लिखे जाने तक राजधानी दिल्ली, कर्नाटक, छत्तीसगढ़… Continue reading दस राज्यों में संकट गहरा, 1,320 लोगों की मौत हुई

कोरोना का नया दायरा

कोरोना महामारी की नई लहर ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पहले जिन उम्र वर्गों के लोगों को इससे अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता था, अब वे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। 12 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ नवजात शिशुओं में भी ये संक्रमण देखने को मिला है। नौजवान युवा तो इसके शिकार हो ही रहे हैं। डॉक्टरों ने कहा है कि यह नई लहर शुरू हुई है, तबसे छोटे बच्चों के संक्रमित होने की खबर मिलने लगी। दिल्ली में तो सबसे छोटा संक्रमित बच्चा वह है, जिसका जन्म ही अस्पताल में हुआ था। यानी वह नवजात शिशु है। 15 से 30 वर्ष तक के तो अनगिनत नौजवान संक्रमित हो चुके हैँ। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अक्टूबर 2020 के एक दस्तावेज में बताया था कि कोविड-19 का संक्रमण वयस्कों की तुलना में बच्चों में बहुत कम देखा गया है। लेकिन अब भारत में आई इस महामरी की दूसरी लहर में सभी आयु वर्ग के बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे भी कुछ मामले सामने आए हैं, जिनमें इस संक्रमण के कारण निमोनिया हो गया। कुछ बच्चों में मल्टीसिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएस-सी) जैसी अधिक गंभीर जटिलताएं भी देखी गई हैं। ये सब खतरनाक संकेत हैँ।… Continue reading कोरोना का नया दायरा

ऑक्सीजन के लिए देश में हाहाकार, महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक अफरातफरी

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच पूरे देश में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा है। संक्रमण से ज्यादा प्रभावित होने वाले राज्यों हालात ज्यादा खराब हैं। मध्य प्रदेश के शहडोल में ऑक्सीजन खत्म होने की वजह से शनिवार की रात 12 बजे के बाद 12 मरीजों की मौत हो गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी कमी। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को दिन में बताया कि कई अस्पतालों में अब सिर्फ तीन-चार घंटे का ऑक्सीजन बचा है। महाराष्ट्र से लेकर राजस्थान और बिहार तक ऑक्सीजन की कमी से अफरातफरी मची है। मध्यप्रदेश के शहडोल मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 12 कोविड-19 मरीजों की मौत हो गई। इसके अलावा पिछले 24 घंटे में दूसरी वजहों से 10 और कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इस तरह अकेले शहडोल में 22 संक्रमित मरीजों की मौत हुई हैं। बताया जा रहा है कि शहडोल मेडिकल कॉलेज में शनिवार रात 12 बजे ऑक्सीजन का प्रेशर कम हो गया। इसकी वजह से मरीज तड़पने लगे। एक के बाद एक 12 मरीजों की सुबह छह बजे तक मौत हो गई। सभी आईसीयू में भर्ती थे। इससे पहले 15 अप्रैल को जबलपुर में ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से पांच… Continue reading ऑक्सीजन के लिए देश में हाहाकार, महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक अफरातफरी

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