कर्नाटक कोवैक्सीन के लिए कोल्ड चेन सिस्टम के साथ तैयार : मंत्री

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने कल कहा कि कोरोनवायरस वैक्सीन के भंडारण और वितरण के लिए राज्यभर में पर्याप्त कोल्ड चेन प्रणाली है।

दवा, वैक्सीन पर नजर रखने की जरूरत

कोरोना वायरस के संक्रमण से परेशान हाल दुनिया में दवा और वैक्सीन को लेकर सबसे ज्यादा बेचैनी है। सारे सभ्य, विकसित और संपन्न देश इस जुगाड़ में हैं कि किसी तरह के प्रभावी दवा और वैक्सीन आ जाए, ताकि वे अपने लोगों के इसके सहारे बचा सकें।

दुनिया साथ आए, यही बेहतर

बीते मार्च में यह खबर आई थी कि वैक्सीन बनाने वाली जर्मन कंपनी क्योरवैक को अमेरिका ने एक अरब डॉलर देने की पेशकश की थी, ताकि वैक्सीन वैक्सीन के खास अधिकार वह अमेरिका को बेच दे। तब यूरोप में इसका भारी विरोध हुआ।

राहुल ने लॉकडाउन पर अमल पर सवाल उठाया

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री की ओर से घोषित लॉकडाउन का समर्थन किया है पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसके अमल को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है का देश का गरीब तबका इसके बरबाद हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का कोई फैसला करते हुए बहुत गहराई से सोचने की जरूरत है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के चलते देश का गरीब और मजदूर तबका सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। इसे लेकर राहुल गांधी ने ट्विट किया- लॉकडाउन हमारे देश के गरीब और कमजोर तबके को बरबाद करके रख देगा। इससे हमारे प्यारे देश भारत को एक बड़ा झटका लगेगा। भारत को सिर्फ स्याह और सफेद में देखना ठीक नहीं है। कोई भी फैसला करते वक्त हमें गहराई से सोचने की जरूरत है। राहुल गांधी ने अपने ट्विट में आगे लिखा- इस संकट से निपटने के लिए ऐसे नजरिए की जरूरत है जो लोगों के प्रति दया भी रखता हो। अभी भी बहुत देर नहीं हुई है। राहुल ने इस ट्विट के साथ एक वीडियो शेयर किया, जिसमें एक बच्चा अपना दुखड़ा सुनाता दिख रहा है। वीडियो में बच्चा बता रहा है कि… Continue reading राहुल ने लॉकडाउन पर अमल पर सवाल उठाया

जीवन में ऐसा बुरा वक्त कभी नहीं देखा

मैं अंधविश्वासी नहीं हूं। मगर अब तक के अपने अनुभवो के बाद मैंने माना है कि पुरानी कहावतों, रोग, गंडा ताबीज आदि चीजों का कुछ सीमा तक असर होता है। कम-से-कम नुकसान किए जाने या होने के मामले में तो उनका जरूर असर होता है। बचपन में बुजुर्गो को कहते हुआ सुना था कि इंसान बड़ा कौर भले ही खा ले मगर उसे बड़ा बोल कभी नहीं बोलना चाहिए।जब नरेंद्र मोदी पहली बार सत्ता में आए थे तो आसमान छू चुकी तेल की कीमते गिरने लगी थी। इससे उत्साहित होकर वे सार्वजनिक रूप से खुद ही यह कहने लगे कि यह सस्ता मेरी वजह से हो रहा है क्योंकि राजा या देश के प्रशासक के भाग्य के साथ ही देश का भाग्य जुड़ा होता है क्योंकि मैं भाग्यशाली हूं। अतः देश का फायदा हो रहा है। अब जब चारों तरफ कोरोना वायरस के कारण हाहाकार मचा हुआ है तो इसका श्रेय किसे दिया जाना चाहिए? मैंने अपने जीवन में अनेक बार बुरे समय देखें मगर इतना बुरा समय नहीं देखा कि जबकि हालात आपको यह अनुभव करा दे कि नजरबंदी या घर में ही कैद किए जाने का मतलब क्या होता है। हमने व हमारी सरकार ने जो कदम उठाए… Continue reading जीवन में ऐसा बुरा वक्त कभी नहीं देखा

कोरोना: 10 मौतें, 528 संक्रमित

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इन आंकड़ों में कम से कम 41 विदेशी नागरिक शामिल हैं और अब तक नौ मौत हो चुकी है।

सरकार के निर्देशों का पालन करें: राहुल

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश के लोगों से सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। राहुल ने कोरोना वायरस के संकट से निपटने में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों और दूसरे लोगों का आभार जताते हुए मंगलवार को कहा कि सभी लोगों को सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सामाजिक मेलजोल से दूर रहना चाहिए। उन्होंने एक संदेश में लोगों से यह अपील भी की कि वे संकट के इस समय में समाज के कमजोर लोगों, दिव्यांगों और बुजुर्गों की हर संभव मदद करें। राहुल गांधी ने कहा- सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे कुछ देशों ने लोगों को सामाजिक मेलजोल से दूर रख कर और बड़े पैमाने पर जांच करके कोरोना पर नियंत्रण करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा- भारत में अगले तीन-चार हफ्ते अहम हैं और इस महामारी से निपटने के लिए जीवनशैली में तत्काल बदलाव की जरूरत है। राहुल गांधी ने आगे कहा- सामाजिक रूप से अलग रहने का मतलब छुट्टियां मनाना नहीं है। गैरजरूरी यात्राओं और सामाजिक मेलजोल से कोरोना का खतरा बढ़ेगा। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि लोगों को अपने तहत काम करने वालों को वैतनिक अवकाश देना चाहिए ताकि सभी की सुरक्षा हो सके।

कोरोनाः मेडिकल अध्यादेश ला सेना के सुपुर्द करो!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध है रिएलिटी समझे। न उनके स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, न केबिनेट सचिव और न मंत्रियों के समूह में कोरोना वायरस की महामारी को रोकना संभव है। ईश्वर करें कि मैं बुरी तरह गलत साबित होऊं, लेकिन मैं फरवरी से वैश्विक हालात समझते हुए दस फरवरी से भारत की लापरवाही पर जो लिखता आया हूं, उसका दिल्ली, एनसीआर, गुडगांव, नोएड़ा में हो रहे चिकित्सकीय प्रबंधन में जुड़े हुए व्यक्ति की जुबानी कल जो मैंने जाना उससे बुरी तरह हिला हूं। जान ले कोरोना वायरस से रामभरोसा लड़ा जा रहा है। वैसे ही उसी तरह, उसकी अंदाज में कि आर्थिकी ठिक तो है। जान ले कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख बार-बार जो टेस्ट व ट्रेस करने की जो हिदायत दे रहे है उसके प्रति भारत या तो लापरवाह है या नगण्य टेस्टीग है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख को आज भी मैंने यह बोलते हुए सुना है कि यह न सोचो कि महामारी नहीं आएगी। वह आएगी इसलिए टेस्ट और ट्रेसिंग पहली बेसिक जरूरत है जिस पर सघनता से फोकस हो। ध्यान रहे अमेरिका में डोनाल्ड़ ट्रंप ने टेस्टींग किट की जरूरत में, ईलाज के साधनों की जरूरत में विशेष कानून बना कर हथियार बनाने वाली अमेरिकी… Continue reading कोरोनाः मेडिकल अध्यादेश ला सेना के सुपुर्द करो!

इटली में हुई थी लापरवाही

फॉग स्प्रे के विज्ञापन की तरह आजकल पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ही चल रहा है। जब पिछले दिनों कानपुर से एक दोस्त का फोन आया तो मैंने उससे कहा कि मुझे तो लगता था कि देश में सबसे ज्यादा यह वायरस कानपुर में फैलेगा, मगर ऐसा नहीं हुआ। नतीजतन एक भी केस नहीं आया। तो उसने कहा कि यहां के लोग कह रहे हैं कि हमारा शहर इतना गंदा है कि कोरोना वायरस भी इस गदंगी के कारण मर गया होगा। वह फैलता कैसे! सच में उसकी बात इटली में इतनी संख्या में मरने की खबर पढने के बाद सही लगने लगती है। दुनिया के सबसे बडे धर्मावलीं समुदायईसाईयों के पवित्र शहर, वेटिकन के लिए जाना जाने वाला इटली यूरोप के साफ सुथरे शहरो में आता है। अभी तक इस रोग के पूरी दुनिया में दो लाख मामले आए हैं। इससे प्रभावित 160 देशों में सबसे ज्यादा मरने वालों की संख्या में इटली दूसरे नंबर पर आ गया है। जहां 31506 लोग इस रोग से प्रभावित हुए थे वे उसमें से 2500 लोग मरें।दुनिया में प्रभावित होने वाले दो लाख लोगों में से चीन में 81,000 लोग इससे प्रभावित हुए व वहां 3237 लोगों की इसके कारण मौत हुई… Continue reading इटली में हुई थी लापरवाही

इलाज अभी दूर, खौफ में दुनिया

नई दिल्ली/लेह। लेह में सेना का 34 वर्षीय एक जवान कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है, जिसके बाद सेना ने निगरानी तंत्र और बढ़ाने के साथ ही अपने युद्धाभ्यास व प्रशिक्षण गतिविधियों को भी टाल दिया है। देश में कोरोना वायरस के कुल मामले बुधवार को बढ़कर 151 पहुंच गए। इस बीच, लोकसभा में एक लिखित जवाब में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि विदेशों में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल भारतीयों की संख्या 276 है जिनमें ईरान में 255, यूएई में 12, इटली में पांच, हांगकांग, कुवैत, रवांडा और श्रीलंका में एक-एक मामले शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि संक्रमित सैनिक लेह के चुहोट गांव का रहने वाला है और वायरस से संक्रमित अपने पिता के सम्पर्क में आने के कारण वह भी इससे प्रभावित हो गया है। उन्होंने बताया कि उसे सात मार्च को पृथक किया गया था और 16 मार्च को पॉजिटिव पाया गया। सूत्रों ने बताया कि सैनिक का भाई भी पॉजिटिव पाया गया है।कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रकोप अब तक विश्व के 150 से अधिक देशों तक फैल चुका है और इसके संक्रमण से 8,165 लोगों की मौत हो गयी है जबकि 200,362 से ज्यादा लोगों के इससे संक्रमित होने की पुष्टि… Continue reading इलाज अभी दूर, खौफ में दुनिया

कोरोना खा रहा खरबों डालर!

उफ! कोरोना वायरस कितने खरब डालर खाएगा? जवाब क्या कोई हो सकता है? नही,क्योंकि अभी तो शुरुआत है। डोनाल्ड ट्रंप ने बात-बात में अगस्त तक हालात बेकाबू रहने का जुमला बोला है। लेकिन न ट्रंप के बस में कुछ है और न किसी और माईबाप के बस में मंदी से दुनिया को बचा सकना है। पिछले एक सप्ताह में शेयर बाजार, वित्तीय बाजार में जो हाहाकार हुआ है वह लंबी मंदी में दुनिया के जाने की शुरुआत है। सवाल है ऐसा कैसे सोचा जा सकता है? जवाब में मोटी हकीकत पिछले दो दिनों का घटनाक्रम है। 48 घंटों में दुनिया के अमीर देशों ने सामूहिक तौर पर, पूरे तालमेल के साथ अपने केंद्रीय बैंकों से पैसा लुटाने की घोषणाएं कराई ताकि कोरोना के वायरस से मंदी नहीं बने। मगर उलटा मैसेज गया! हां, ऱविवार, सोमवार के दो दिन में अमेरिका, कनाडा, योरोपीय संघ, ब्रिटेन, स्वीट्जरलैंड, जापान जैसे तमाम देशों ने अपने केंद्रीय उर्फ रिर्जव बैंक से पैसा उड़लवाने क ेखरबों डालर के फैसले किए। मतलब आओ और बिना ब्याज के पैसा ले जाओ ताकि वित्तीय धंधा आबाद रहे। शेयर बाजार में भरोसा व तेजी बनी रहे। आपतकाल के अंदाज में, आईसीयू की गंभीरता में अमेरिका के फेडरल बैंक ने जो… Continue reading कोरोना खा रहा खरबों डालर!

भीड़ कैसे घरों में बंद हो?

क्या सवा सौ करोड़ लोगों की भीड़ में भारत के लोग कुछ दिन घरों में बंद रह सकते हंै? कैसे घर में बंद रहा जाए? सोचे, आप कितने दिन क्षेत्र सन्यास में रह सकते हंै? मतलब घर में बंद रह सकते हंै?  इटली में छह करोड़ लोग आठ दिन से घरों में बंद हंै। तभी सोचने वाली बात है कि देश, प्रांत, शहर में तालाबंदी हो और अपने-अपने घर में कई दिनों, कई महीनों बंद रहना पड़े तो वक्त कैसे कटेगा?  आधुनिक वक्त में तालाबंदी याकि लॉकडाउन से वायरस से लड़ने की कल्पना क्या पहले कभी हुई? मगर आज पूरी दुनिया इसी तरीके को कोरोना वायरस से लड़ने का कारगर तरीका मानती है। उस नाते दुनिया मध्यकाल याकि 19वीं-20वी सदी के विज्ञान-चिकित्सा काल से पूर्व के वक्त में लौट रही है। पहले महायुद्ध से पहले स्पेनिश फ्लू की महामारी याकि 1915-20 के कालखंड जैसी महामारी के वक्त में दुनिया का आज पहुंचना प्रमाण है कि इंसान कितनी ही प्रगति कर ले प्रकृति की मनमर्जी पर, अनहोनी पर कंट्रोल संभव नहीं है। 10 फरवरी को कोरोना पर मेरे लिखे कॉलम (सोचंे, वायरस से थर्राई दुनिया पर) में मैंने लिखा था-‘प्रकृति और मानव में यह होड़ अंतहीन है कि तुम डाल, डाल… Continue reading भीड़ कैसे घरों में बंद हो?

दुनिया के 158 देशों में 6,664 की मौत

वाशिंगटन। चीन में जहां, कोरोना वायरस का कहर शुरू हुआ था वहां हालात सामान्य हो रहे हैं और संक्रमित मरीजों की संख्या कम होने लगी है पर दुनिया के देशों में इसका तेजी से विस्तार हो रहा है। सोमवार तक कोरोनो वायरस का कहर 158 देशों तक पहुंच गया। सोमवार दोपहर तक कुल एक लाख 73 हजार 171 मामले सामने आए और मरने वालों का आंकड़ा 6,664 हो गया। राहत की बात ये है कि 77,789 संक्रमित लोग स्वस्थ भी हुए हैं। ईरान में 24 घंटे में 129 लोगों की मौत हो गई और संक्रमण के एक हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए। अमेरिका के 29 राज्यों में स्कूल अगले आदेश तक पूरी तरह से बंद कर दिए गए। यहां दो हजार हाईस्पीड लैब सोमवार से शुरू हो गईं। ट्रंप सरकार ने नेशनल लॉक डाउन की खबरों को अफवाह बताया। अमेरिका ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए सभी संभव उपाय किए हैं। सोमवार सुबह तक यहां कुल 3,802 मामले सामने आए। 69 संक्रमित लोगों की मौत हो चुकी है। न्यूयॉर्क सहित 29 राज्यों में सभी स्कूल अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। कुछ राज्यों में कॉलेज भी बंद किए गए हैं। उप राष्ट्रपति माइक पेंस के… Continue reading दुनिया के 158 देशों में 6,664 की मौत

चीन से पहले ब्लैक डेथ अब कोरोना!

सबसे पहले जब विश्व स्वास्थ्य संगठन व फिर हरियाणा सरकार ने कोरोना को महामारी घोषित किया तो मेरा चौकना स्वाभाविक था। अरसे बाद इतने व्यापक स्तर पर किसी बीमारी के महामारी घोषित किया गया है। इसलिए सबसे पहले यह समझना, जानना जरूरी है कि आखिर महामारी होती क्या है?  दशकों पहले अतीत में विश्व में महामारी फैलने की बातें सुना करते थे। कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया के पांच हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं व करीब सवा लाख लोग इससे प्रभावित है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन को भी अब शामिल कर अन्य सभी योरोपीय देशों से आने वाले लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगा दी है। पूरी दुनिया के शेयर बाजारों ने गिरने के सारे रिकार्ड तोड़ दिए है। इस वायरस को 100 से ज्यादा देशों में फैलने के कारण महामारी घोषित किया गया है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इस बीमारी से प्रभावित होने वाले देश में फिलहाल इटली व ईरान सबसे आगे है। कुछ अन्य देशों में यह और ज्यादा तेजी से फैलेगा।गनीमत है कि भारत में अब तक इसके कुछ ही मामले पाए गए है। जब कोई बीमारी पूरे विश्व के अधिकांश देशों में छुआछूत के कारण फैलती है… Continue reading चीन से पहले ब्लैक डेथ अब कोरोना!

सतर्कता और ऐहतियात से

कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत चीन से हुई। उसके बाद यह वायरस अब 132 देशों तक पहुंच चुका है। दुनिया भर में तकरीबन डेढ़ लाख लोगों को यहअपनी चपेट में ले चुका है। पांच हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। उनमें सबसे ज्यादा मौतें चीन में ही हुईं। अब भारत भी इसकी चपेट में है। यह आशंका तो आरंभ से ही थी कि चीन के बाद कोरोना की मार उसके पड़ोसी देशों पर पड़ेगी। मगर फिलहाल सबसे ज्यादा प्रभावित यूरोप- उसमें भी खासकर इटली दिख रहा है। बहरहाल, ये बात ध्यान खींचती है कि चीन के सबसे करीब स्थित ताइवान पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। जब ये संक्रमण शुरू हुआ, तब अनुमान था कि चीन के बाद सबसे ज्यादा मामले ताइवान में देखने को मिलेंगे। लेकिन चीन में जहां 80 हजार से भी ज्यादा मामले सामने आए हैं, ताइवान ने इसे सिर्फ 50 मामलों पर ही रोक लिया। पर्यवेक्षकों का कहना है कि ताइवान ने जिस फुर्ती के साथ वायरस की रोकथाम के लिए कदम उठाए, यह उसी का नतीजा है। और अब इसे दुनिया भर के लिए एक मिसाल माना जा रहा है। संदेश यह है कि अगर समय पर सतर्कता बरती जाए और पक्के… Continue reading सतर्कता और ऐहतियात से

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