भारत के पहले स्वदेशी टीके ‘Covaxin’ को इस हफ्ते WHO से मंजूरी! बाहर के देशों की यात्रा करना होगा आसान

कोवैक्सिन को आपातकालीन उपयोग सूची में शामिल कराने के लिए भारत बायोटेक द्वारा आवश्यक सभी दस्तावेज डब्ल्यूएचओ को 9 जुलाई तक जमा करा दिए गए थे

वैक्सीन मिक्सिंग के अच्छे नतीजे

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए एक ही व्यक्ति को दो अलग अलग वैक्सीन लगाने यानी वैक्सीन मिक्सिंग करने का प्रयोग सफल रहा है। इसके नतीजे बहुत अच्छे आए हैं।

वैक्सीन से पहली मौत की पुष्टि

नई दिल्ली। भारत में 16 जनवरी से चल रहे वैक्सीनेशन अभियान के दौरान वैक्सीन लगाने से हुई पहली मौत की पुष्टि हुई है। सरकार की ओर से बनाए गए विशेषज्ञों के पैनल ने 68 के एक बुजुर्ग की वैक्सीन लगाने से मौत होने की पुष्टि की है। हालांकि इससे पहले वैक्सीन लगवाने वाले अनेक लोगों की मौत हुई है लेकिन उनको वैक्सीन की वजह से हुई मौत नहीं माना गया। बहरहाल, बुजुर्ग को आठ मार्च को वैक्सीन की डोज दी गई थी, जिसके बाद उनमें एनाफिलैक्सिस जैसे साइड इफेक्ट दिखे थे। इसके बाद उनकी मौत हो गई थी। ये एक तरह का एलर्जिक रिएक्शन होता है। इससे शरीर में बहुत तेजी से दाने निकलने लगते हैं। कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वैक्सीन लगवाने के बाद गंभीर साइड इफेक्ट्स वाले 31 लोगों के मामले का अध्ययन किया गया, इनमें से 28 की मौत हो गई थी। इनमें से सिर्फ एक व्यक्ति की मौत वैक्सीन की वजह से हुई और तीन लोग अस्पताल में भर्ती होने के बाद ठीक हो गए। वैक्सीन लगवाने के बाद इन तीन लोगों को गंभीर साइड इफेक्ट की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज से वे पूरी तरह ठीक होने के बाद… Continue reading वैक्सीन से पहली मौत की पुष्टि

सरकार के लिए भी महंगी होगी कोवैक्सीन

हैदराबाद। निजी अस्पतालों के लिए भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की कीमत सबसे ज्यादा रखी गई है। अब ऐसा लग रहा है कि सरकार को भी यह वैक्सीन महंगी कीमत पर खरीदनी पड़ेगी। कंपनी की ओर से कहा गया है कि उसके लिए बहुत दिन तक डेढ़ सौ रुपए प्रति डोज के हिसाब से सरकार को वैक्सीन उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा। कंपनी की ओर से वैक्सीन को लेकर मंगलवार को एक बड़ा बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि कंपनी सरकार को डेढ़ सौ रुपए डोज के हिसाब से वैक्सीन दे रही है पर ऐसा लंबे समय तक नहीं किया जा सकता है। कंपनी ने निजी अस्पतालों को सबसे महंगी कीमत पर वैक्सीन देने को सही ठहराते हुए कहा कि अलग कीमत इसे बनाने की लागत की भरपाई के लिए है। कंपनी ने कहा- अलग अलग कीमतें होने के बावजूद हमें लग रहा है कि कोवैक्सीन की एक डोज की औसत कीमत ढाई सौ रुपए आ रही है। हम जो भी वैक्सीन बना रहे हैं, उसका बड़ा हिस्सा केंद्र को जाएगा। केंद्र सरकार हमसे डेढ़ सौ रुपए में एक डोज खरीद रही है। भारत बायोटेक ने कहा- वैक्सीन की 25 फीसदी हिस्सा निजी अस्पतालों को जाएगा। केंद्र सरकार ने… Continue reading सरकार के लिए भी महंगी होगी कोवैक्सीन

बच्चों पर वैक्सिन ट्रायल! आज से Delhi AIIMS में 6 से 12 वर्ष आयु के बच्चों की शुरू होगी स्क्रीनिंग

नई दिल्ली | देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से हुई तबाही के बाद अब बच्चों पर तीसरी लहर के दुष्प्रभाव की संभावना को देखते हुए सरकार देश में तेजी के साथ टीकाकरण के दायरे को बढ़ाने पर काम कर रही है। ऐसे में अब बच्चों को टीका लगाने को लेकर लगातार ट्रायल किए जा रहे हैं। दिल्ली एम्स (Delhi AIIMS) में भी आज मंगलवार से 6 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों की स्क्रीनिंग शुरू होगी। इस आयु वर्ग के बच्चों पर भारत बायोटैक द्वारा निर्मित स्वदेशी टीका कोवैक्सिन (Covaxin) का ट्रायल किया जाएगा। केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के प्रकोप को देखते हुए 12-18 वर्ष आयु वर्ग के 1 करोड़ 30 लाख बच्चों में 80 प्रतिशत को तेजी से टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ये भी पढ़ें:- जब मुंह का बिगड़ने लगे स्वाद, तो हो जाए सावधान, इस गंभीर बीमारी के हो सकते हैं लक्षण जानकारी के अनुसार, 12 से 18 साल की उम्र वालों में कोवैक्सिन का क्लिनिकल ट्रायल पूरा हो चुका है। बीते शनिवार तक जिन बच्चों को वैक्सीन लगाई गई है वो अब तक पूरी तरह से स्वस्थ हैं। ये भी पढ़ें:- Corona New Variant ‘Delta Plus’: कोरोना का नया वेरियंट… Continue reading बच्चों पर वैक्सिन ट्रायल! आज से Delhi AIIMS में 6 से 12 वर्ष आयु के बच्चों की शुरू होगी स्क्रीनिंग

अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा! वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी संक्रमित कर सकता है कोरोना का ‘Delta’ Variant

नई दिल्ली | कोरोना वायरस को लेकर एक चौंकाने और डराने वाला खुलासा हुआ है। जिसके अनुसार, कोरोना वायरस (Coronavirus) कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की दोनों डोज लेने के बाद भी किसी को भी संक्रमित कर सकता है। एक अध्ययन में ये चौंकाने वाली बात सामने आई कि कोरोना का ‘डेल्टा’ वेरियंट (Delta Varient) कोविशील्ड और कोवैक्सीन (Covishield and Covaxin) की दोनों डोज लेने के बाद भी संक्रमित कर सकता है। ये भी पढ़ें- कोरोना मरीजों में मिला हर्पीज़ सिम्पलेक्स वायरस, डॉक्टर्स ने बताया बेहद खतरनाक रिपोर्ट के मुताबिक AIIMS दिल्ली और नेशनल सेंटर ऑफ डिसीज कंट्रोल के अलग-अलग अध्ययनों में यह खुलासा हुआ है। यह वायरस पहली बार भारत में अक्टूबर में पाया गया था। हालांकि इन दोनों ही अध्ययनों की अभी तक समीक्षा नहीं की गई है। एम्स की स्टडी में पाया गया कि, डेल्टा वेरियंट ब्रिटेन में पाए गए अल्फा वेरियंट के मुकाबले 40 से 50 फीसदी ज्यादा संक्रामक है और भारत में कोरोना वायरस की बढ़ोतरी का यही सबसे बड़ा कारण है। ‘डेल्टा’ वेरिएंट इन्फेक्शन फैलाने में ज्यादा सक्षम भारत में कोविशील्ड और कोवैक्सीन (Covaxin) दोनों तरह के टीका लेने के बाद भी डेल्टा ( B.1.617.2) वेरिएंट से संक्रमित होना पाया गया है। भारत में ब्वअंÛपद और… Continue reading अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा! वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी संक्रमित कर सकता है कोरोना का ‘Delta’ Variant

केन्द्र सरकार ने तय की COVID Vaccine की दरें, अब प्राइवेट अस्पतालों को मुंह मांगे दाम लेना पड़ सकता है भारी! जानें नई कीमत

नई दिल्ली। देश में 18 प्लस आयु वर्ग को फ्री वैक्सीन (Free Vaccine) लगाने की घोषणा के बाद अब केन्द्र सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की कीमतें तय कर दी है, ताकि कोई भी प्राइवेट अस्पताल अपनी मुंह मांगी कीमत न ले सके। इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके अनुसार, ऑक्सफओर्ड-एस्ट्राजेनिका की कोविशील्ड (Covishield) के लिए अधिकतम 780 रुपये, भारत बायोटेक की तरफ से तैयार की गई कोवैक्सीन (Covaxin) के लिए 1410 रुपये और स्पूतनिक (Sputnik V) वैक्सीन के लिए 1145 रुपये प्राइवेट अस्पतालों के लिए तय कर दिए है। अब प्राइवेट अस्पताल जीएसटी (GST) और सर्विस टैक्स (Service Tax) मिलाकर भी इस निश्चित रकम से ज्यादा चार्ज नहीं कर सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि निर्माताओं द्वारा कोविड टीकों की 44 करोड़ खुराकों की आपूर्ति अगस्त और दिसंबर के बीच की जाएगी। ये भी पढ़ें:- Rajasthan Unlock होते ही राजधानी जयपुर में फिर बढ़ा Corona संक्रमण, कहीं फिर भारी न पड़ जाए ये लापरवाही स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन प्रोग्राम (Vaccination Programme ) के लिए संशोधित गाइडलाइस जारी गई है। जिसके अनुसार, सभी वैक्सीन निर्माताओं की तरफ से प्राइवेट अस्पतालों के लिए वैक्सीन… Continue reading केन्द्र सरकार ने तय की COVID Vaccine की दरें, अब प्राइवेट अस्पतालों को मुंह मांगे दाम लेना पड़ सकता है भारी! जानें नई कीमत

इस साल सबको टीका कैसे लगेगा?

अगर मौजूदा स्थिति की बात करें तो भारत सरकार ने जुलाई तक के लिए साढ़े 35 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया है, जिसमें से 20 करोड़ उसे मिल गए हैं। इसके अलावा 16 करोड़ का ऑर्डर राज्यों और निजी अस्पतालों ने दिया है। अभी तक देश में 21 करोड़ से कुछ ज्यादा लोगों को टीका लग चुका है, जिसमें से साढ़े चार करोड़ के करीब लोगों को दोनों डोज लगी है। यानी पूरी तरह से वैक्सीनेटेड लोगों की संख्या तीन फीसदी के करीब है और कुल आबादी के 15 फीसदी लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी है। यह भी पढ़ें: झूठे आंकड़ों से बढ़ेगा संकट भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने 21 मई को कहा कि देश की पूरी व्यस्क आबादी को इस साल के अंत तक कोरोनारोधी टीका लगा दिया जाएगा। इसके एक हफ्ते बाद सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने 28 मई को प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि इस साल दिसंबर तक देश में सबको टीका लग जाएगा। टीके को लेकर इतना बड़ा बयान सूचना व प्रसारण मंत्री ने क्यों दिया, वह अलग राजनीतिक बहस का विषय है पर बड़ा सवाल है कि इस साल के अंत में यानी अगले सात… Continue reading इस साल सबको टीका कैसे लगेगा?

भ्रांतियों का निवारण जरूरी

ऐसी खबरें हैं कि कुछ राज्यों में बहुत से गांवों के लोगों ने लिखित रूप से अपने ग्राम प्रधान को बता दिया है कि वे टीका नहीं लेंगे। बल्कि अफवाह तो यह भी फैली हुई है कि जो मौतें हाल में हुई हैं, वे कोरोना संक्रमण से नहीं, बल्कि टीके की वजह से हुई हैं। ऐसी भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है। भारत के ग्रामीण इलाकों में कोरोना की वैक्सीन को लेकर लोगों में तरह-तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं। ऐसी खबरें हैं कि कुछ राज्यों में बहुत से गांवों के लोगों ने लिखित रूप से अपने ग्राम प्रधान को बता दिया है कि वे टीका नहीं लेंगे। बल्कि अफवाह तो यह भी फैली हुई है कि जो मौतें हाल में हुई हैं, वे कोरोना संक्रमण से नहीं, बल्कि टीके की वजह से हुई हैं। अभी एक रिपोर्ट मध्य प्रदेश के धार जिले से आई। वहां के आदिवासी बहुल नालछा क्षेत्र में लोग टीका लगवाने के लिए आसानी से तैयार नहीं हो रहे हैं। यहां लोगों में तरह-तरह की भ्रांतियां हैं। वे यह समझ ही नहीं पा रहे हैं कि कोरोना को वैक्सीन से कैसे रोका जा सकता है। ये अचछी बात है कि कुछ नौजवानों ने वहां जागरूकता लाने… Continue reading भ्रांतियों का निवारण जरूरी

वैक्सीन मिक्स, सरकार बेपरवाह!

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के एक अस्पताल में लापरवाही से लोगों को दो अलग अलग वैक्सीन की डोज लग गई है लेकिन भारत सरकार का कहना है- कोई बात नहीं, यह भी ठीक है। सरकार का यह रवैया हैरान करने वाला है। अभी तक दुनिया भर के देशों में इस बात पर शोध चल रहा है कि अगर किसी ने वैक्सीन की पहली डोज जिस कंपनी की ली है उसकी बजाय दूसरी कंपनी की दूसरी डोज ली जा सकती है या नहीं। लेकिन उससे पहले ही भारत में सरकार ने बिना किसी शोध के कह दिया कि इसमें कोई चिंता की बात नहीं है। गौरतलब है कि बुधवार को खबर आई थी कि उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में 20 लोगों को पिछले महीने पहली डोज कोवीशील्ड की लगी थी और दूसरी डोज कोवैक्सीन की लगा दी गई है। इसके बाद हड़कंप मचा था और गांवों में लोग दहशत में थे। लेकिन गुरुवार को भारत सरकार ने कहा कि इस पर चिंता करने की जरूरत नहीं है। नीति आयोग के सजस्य डॉ. वीके पॉल ने मंगलवार को कहा कि दोनों डोज अलग-अलग वैक्सीन की दिए जाने पर चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि अगली ही सांस में डॉ. वीके पॉल… Continue reading वैक्सीन मिक्स, सरकार बेपरवाह!

Corona Alert: कोविशिल्ड और कोवैक्सिन का ‘कॉकटेल’ लेना चाहते हैं, तो पढ़ लें ये खास रिपोर्ट

विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कह रहे हैं कि कभी भी दो अलग-अलग वैक्सीन लेने की गलती ना करें…

दुष्चक्र में फंस  गया वैक्सीनेशन!

भारत का वैक्सीनेशन अभियान खराब फैसलों और कुप्रबंधन के ऐसे दुष्चक्र में फंस गया है, जिसमें से इसका निकलना कम से कम अभी मुश्किल दिख रहा है। इस दुष्चक्र से निकलने में जितना अधिक समय लगेगा, वायरस का संकट उतना गहराता जाएगा और कोरोना के भंवर जाल से निकलना भारत के लिए उतना ही मुश्किल होता जाएगा। फिर भारत उसी तरह दुनिया के लिए संकट बनेगा, जिस तरह ऑक्सीजन की कमी के समय बना था। अप्रैल के महीने में भारत में ऑक्सीजन का ऐसा संकट बना कि सारी दुनिया चिंतित हो गई थी। दुनिया के देशों ने भारत के संकट का वैश्विक खतरा बूझा और भारत को मदद भेजनी शुरू की। ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसट्रेटर, वेंटिलेटर, क्रायोजेनिक टैंकर आदि बड़ी मात्रा में दुनिया के देशों से भारत पहुंचे और भारत में स्थिति काबू में आई। मुश्किल यह है कि दुनिया के देश इस तरह की मदद वैक्सीन के मामले में नहीं कर सकते हैं क्योंकि वैक्सीन की कमी उनके यहां भी है। किसी भी मुल्क के पास इतनी मात्रा में वैक्सीन नहीं उपलब्ध है कि वह भारत जैसी विशाल आबादी वाले देश की मदद कर सके। अमेरिका एक-दो करोड़ डोज उपलब्ध करा दे तो वह उसकी कृपा होगी। इसी तरह थोड़े… Continue reading दुष्चक्र में फंस गया वैक्सीनेशन!

देश में तीसरी लहर की तैयारियां शुरू, 1 जून से 2-18 साल के वर्ग के लिए शुरू होगा Covaxin का ट्रायल!

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ( Coronavirus Second  Wave ) ने जो तबाही मचाई है उससे सरकार ने सबक लेते हुए कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर ( Coronavirus Third Wave ) की तैयारियां शुरू कर दी है. तीसरी लहर का सर्वाधिक प्रकोप बच्चों पर होना सामने आ रहा है. ऐसे में अब बच्चों का भी वैक्सीनेशन किया जाना है, जिसके लिए भारत बायोटेक ने एक जून में अपने स्वदेश निर्मित कोविड-19 वैक्सीन ( COVID-19 Vaccine ) को-वैक्सीन का बाल चिकित्सा परीक्षण शुरू करने का प्लान तैयार कर लिया है.  महामारी की गंभीरता को देखते हुए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने भी 2 से 18 साल की उम्र के बच्चों पर क्लिनिकल ट्रायल ( Clinical Trial ) करने की मंजूरी दे दी है. इसकी जानकारी देते हुए भारत बायोटेक के बिजनेस डेवलपमेंट और इंटरनेशनल एडवोकेसी के प्रमुख, रचेस एला ने कहा कि ट्रायल 1 जून से शुरू हो जाएगा. ये भी पढ़ें:- Canada ने अपने देश में आधी आबादी का Covid19 Vaccination कर दिया है, पहली खुराक में USA से आगे निकला एला ने बताया कि भारत बायोटेक ने को-वैक्सीन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) से लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू… Continue reading देश में तीसरी लहर की तैयारियां शुरू, 1 जून से 2-18 साल के वर्ग के लिए शुरू होगा Covaxin का ट्रायल!

वैक्सीनेशन पर बेहिसाब खर्च होगा

अब इसका कोई अंदाजा नहीं लगा सकता है कि देश के हर नागरिक को वैक्सीन लगाने पर कितना खर्च आएगा। भारतीय स्टेट बैंक ने एक मॉडल बना कर खर्च का अनुमान लगाया है। उसने पांच डॉलर से लेकर 40 डॉलर तक वैक्सीन की कीमत का पैमाना तय करके जो अनुमान लगाया है उसके मुकाबले अधिकतम तीन लाख 70 हजार करोड़ रुपया खर्च होगा, देश के हर नागरिक को वैक्सीन लगवाने में। उसके आकलन के मुताबिक बिहार में कुल बजट खर्च का 12 फीसदी हिस्सा सिर्फ वैक्सीनेशन पर खर्च हो सकता है। उसने इसी तरह के अनुमान अलग अलग राज्यों के लिए जाहिर किए हैं। इस अनुमान को भी अंतिम नहीं माना जा सकता है क्योंकि किसी को पता नहीं है कि आने वाले दिनों में वैक्सीन किस दर पर मिलेगी। राज्यों ने वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर करना शुरू कर दिया है पर ग्लोबल टेंडर इस बात की गारंटी नहीं है कि उन्हें समय से वैक्सीन मिल जाएगी। अगर वैक्सीन मिल भी जाती है तो उसकी कीमत क्या होगी, इसकी गारंटी कोई नहीं कर सकता है। भारत में वैक्सीन बना रही दोनों कंपनियों ने जो कीमत तय की है उस कीमत पर भी राज्यों को वैक्सीन मिल जाए तो गनीमत… Continue reading वैक्सीनेशन पर बेहिसाब खर्च होगा

टीके पर कैसी राजनीति?

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए वैक्सीन लगाने का काम राज्यों के ऊपर डालना क्या राजनीतिक फैसला है? द नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्युनाइजेशन के चेयरमैन एनके अरोड़ा ने कहा कि 18-44 साल वालों को वैक्सीन लगाने का फैसला राजनीतिक था। यह समूह भारत सरकार को सलाह देने के लिए बना है। इस समूह के मुखिया अगर यह कह रहे हैं कि 18 से 44 साल की उम्र वालों के लिए वैक्सीनेशन शुरू करने का फैसला तकनीकी सलाह पर आधारित नहीं था और यह फैसला राजनीतिक लगता है तो यह मानने का मजबूत आधार बनता है कि केंद्र सरकार वैक्सीनेशन के ऊपर भी राजनीति कर रही है। अरोड़ा का कहना है कि तकनीकी समूह का फोकस इस बात के ऊपर था कि 45 साल से ऊपर वालों को प्राथमिकता के साथ वैक्सीन लगाई जाए। ध्यान रहे 45 साल से ऊपर वालों को वैक्सीन लगाने के लिए पर्याप्त मात्रा में डोज उपलब्ध थी। इसके अलावा लोगों को मुफ्त में या बहुत मामूली कीमत पर वैक्सीन लगाई जा रही थी। सीरम इंस्टीच्यूट के कार्यकारी निदेशक सुरेश जाधव ने भी कहा है कि सरकार ने बिना सोचे समझे 18 से 44 साल के लोगों के लिए वैक्सीनेशन की इजाजत दे दी,… Continue reading टीके पर कैसी राजनीति?

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