Corona Update: पूर्वोत्तर में बढ़ रहा है कोरोना, 14 जिलों में संक्रमण दर 25 फीसदी से ज्यादा

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की पहली लहर में लगभग सुरक्षित रहे पूर्वोत्तर के राज्यों में दूसरी लहर तेजी से फैल रहा है और एक तरफ जहां देश भर में वायरस का संक्रमण कम हो रहा है तो पूर्वोत्तर के राज्यों में संक्रमण की दर बढ़ रही है। मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, सिक्किम और नगालैंड उन चुनिंदा… Continue reading Corona Update: पूर्वोत्तर में बढ़ रहा है कोरोना, 14 जिलों में संक्रमण दर 25 फीसदी से ज्यादा

डेल्टा वैरिएंट है ‘चिंताजनक’ :अमेरिका

वाशिंगटन। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल यानी सीडीसी ने भारत में सबसे पहले पाए गए कोरोना वायरस के बेहद संक्रामक डेल्टा वैरिएंट को ‘चिंताजनक’ बताया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन, डब्लुएचओ ने पहले ही इस वैरिएंट को चिंताजनक बता दिया था। सीडीसी ने एक बयान में कहा है- अमेरिका में पाए जा रहे वायरस के… Continue reading डेल्टा वैरिएंट है ‘चिंताजनक’ :अमेरिका

Corona New Variant ‘Delta Plus’: कोरोना का नया वेरियंट आया सामने, वैज्ञानिकों ने कही ये बात

दिल्ली | Corona New Variant ‘Delta Plus’ : दुनिया में महामारी फैलाकर लाखों लोगों की जान लेने वाला आजतक का सबसे खतरनाक कोरोना वायरस अपना रूप बदलने में भी माहिर है। दुनिया के कई देशों में अलग-अलग रूप बदलकर इस वायरस ने तहलका मचाया है। भारत में भी कोरोना वायरस की दूसरी लहर के लिए… Continue reading Corona New Variant ‘Delta Plus’: कोरोना का नया वेरियंट आया सामने, वैज्ञानिकों ने कही ये बात

झूठ को फिर भी शर्म नहीं!

मैं थक गया, सूख गई स्याही.. पर झूठ न हारा। सांसे फडफडा कर मर गई… पर झूठ न पसीजा। गिद्धों ने नौचा जिंदा इंसानों (मरीजों) को.. पर झूठ नहीं लजाया। लोभी-लालची बन गए नरपशु…पर झूठ नहीं कांपा। चिताओं से जल उठे श्मशान …पर झूठ नहीं जला। शवों पर टूट पड़े कुत्ते… पर झूठ नहीं ठिठका।…… Continue reading झूठ को फिर भी शर्म नहीं!

साहेब तुम्हारे रामराज में..

सन् इक्कीस का राजा… महाबली, महा भाग्यवान। पर क्या सचमुच? राजा का भाग्य तो प्रजा का सुख होता है। राजा भाग्यवान होता तो भला वह हेडलाइन बनवाने में क्यों खपा होता?  क्यों राजा को लंगूरों की फौज की जरूरत होती? क्यों वह आंकड़े बनवाते हुए होता? राजा का भाग्य प्रजा से है, प्रजा का भाग्य… Continue reading साहेब तुम्हारे रामराज में..

जान से बड़ा कुछ भी नहीं

आपने भी सुना होगा अच्छा सोचो, शुभ-शुभ सोचो, पॉजिटिव बनो! बकौल मोहन भागवत…. जो चले गए वो एक तरह से मुक्त हो गए,….ये जीवन मरण का चक्र चलता रहता है, जैसे मनु्ष्य मैले और पुराने कपड़े त्याग कर नए कपड़े बदलता है, वैसे पुराना शरीर छोड़ कर नया शरीर धारण करके आता है….हम अपने मन… Continue reading जान से बड़ा कुछ भी नहीं

राष्ट्र के नाम

सब कुछ राष्ट्र के नाम पर है। भारत को महान बनाने के नाम पर है। गंगा-बनारस सब देश का गौरव बढ़ाने के लिए हैं। लोगों का मरना भी राष्ट्र के लिए है। अस्पताल, दवा और टीके के लिए भटकना और इस तरह मरना कि अंतिम संस्कार भी न हो पाए और यह सब होने के… Continue reading राष्ट्र के नाम

कहां है पुण्यभूमि का गौरव

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के नीति-सिद्धांत का कोर बिंदु पुण्यभूमि के गौरव में है। हम और वे का पूरा सिद्धांत इस बात पर है कि भारत जिनकी मातृभूमि है उनकी पुण्यभूमि दूसरी जगह कैसे हो सकती है? फिर इस पुण्यभूमि की आज ऐसी हालत क्यों है? इस पुण्यभूमि पर कैसा संकट आया हुआ है और इस… Continue reading कहां है पुण्यभूमि का गौरव