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Saturday, April 10, 2021
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नए स्ट्रेन से चिंता में केंद्र

महाराष्ट्र में बिल्कुल अलग वैरिएंट मिला है। वहां भी रैंडम सैंपल में 15 से 20 फीसदी मामले नए स्ट्रेन के।

कोटपा में संशोधन से बीड़ी कारोबार पर संकट गहराने के आसार

मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड और महाकौशल इलाके के बड़े हिस्से में रोजगार का साधन बीड़ी निर्माण रहा है, मगर अब इस कारोबार पर संकट के बादल गहराने लगे हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि सिगरेट एंड अंडर टोबेको प्रोडक्ट एक्ट (कोटपा) 2003 में अभी हाल में संशोधन कर नई नियमावली जारी की है।

ट्रंप अब भी एक संकट

भारत में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या पिछले छह दिन से लगातार 30 हजार से नीचे रह रही है। 11 दिसंबर के बाद अभी तक यह संख्या 30 हजार के आंकड़े के ऊपर नहीं गई है।

सरकार ने देशभर के किसानों को संकट में धकेल दिया: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि बिहार में किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बिना परेशान है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश के किसानों को ही इस संकट में धकेल दिया है।

मुसीबत का अंत नहीं

भारत के बैंकिंग सेक्टर को लेकर जारी अविश्वास कोई जैसे कोई अंत नहीं है। वित्तीय संकट के घिरते बैंकों की सूची पिछले दो साल में लंबी होती गई है।

दिवालिया बैंक में नया प्रशासक नियुक्त

सरकार ने वित्तीय संकट से गुजर रहे निजी क्षेत्र के लक्ष्मी विलास बैंक पर एक महीने तक के लिए पाबंदियां लगा दी है, जिसके चलते बैंक के खाताधारक ज्यादा से ज्यादा 25,000 रुपये निकाल पाएंगे।

तीसरे आर्थिक पैकेज का ऐलान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस की महामारी के बीच तीसरे आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए सरकार ने मई में 21 लाख करोड़ रुपए के एक पैकेज की घोषणा की थी।

निजीकरण को लेकर राहुल का हमला

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश को संकट में तो पहुंचा देती है लेकिन समस्या के समाधान की उसके पास कोई योजना नहीं होती है।

हे राम! सहानुभूति भी नहीं!

भारत के हम लोग क्या हैं, यदि इसे समझना हो तो ईश्वर के लिए उन मां-बापों से मिलें, जो वायरस के बहाने लूटरों के आगे बेबस हैं। जब नादिरशाह ने दिल्ली में तलवार से असंख्य लोगों को मारा, उन्हें लूटा तो हिंदुओं ने यह सोचते हुए खून के आंसू पीये, ताउम्र रोते रहे कि वह विदेशी लुटेरा, आतातायी था।

सहचर-पूंजीवाद का मोर-पंखी मीडिया

मोर-पंखी मीडिया को अपने पांवों की तरफ़ संजीदगी से देखने का अगर यह भी वक़्त नहीं है तो समझ लीजिए कि हमारे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कलियुगी काले-सूराख़ का गुरुत्वाकर्षण-बल इस क़दर लील चुका है कि वेद व्यास ख़ुद भी अवतार ले लें तो उसे उबार नहीं सकते।
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