जीडीपी में सुधार बनाए रखना मुश्किल!

भारत सरकार में फीलगुड का माहौल है। आर्थिक मोर्चे पर एक के बाद एक लगातार दो अच्छी खबरें आई हैं। पहली खबर सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी को लेकर आई थी।

जीडीपी 7.5 फीसदी गिरी

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 23.9 फीसदी की भारी भरकम गिरावट के बाद दूसरी तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पादन में थोड़ा सुधार हुआ है और यह दूसरी तिमाही में साढ़े  सात फीसदी गिरा है।

माइनस 9.5 फीसदी रहेगी जीडीपी

कोरोना महामारी के संकट के बीच भले अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने के दावे किए जा रहे हैं पर हकीकत यह है कि अर्थव्यवस्था इस पूरे वित्त वर्ष में निगेटिव ही रहने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी की विकास दर के माइनस में रहने के अंदेशे पर मुहर लगा दी है

स्पाइसजेट को 73 करोड़ रुपये का मुनाफा

किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट का शुद्ध मुनाफा चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 33 प्रतिशत बढ़कर 73 करोड़ रुपये के पार पहुँच गया।

माली मुश्किलों का दस्तावेज

आर्थिक सर्वेक्षण से आर्थिक क्षेत्र में बदहाली को जो तस्वीर उभरी थी, बजट ने उसकी और पुष्टि कर दी। या इसे ऐसे कहा जा सकता है कि देश की माली हालत जिस बदहाली में पहुंच गई है, उससे निकालने का कोई रोड मैप पेश करने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन नाकाम रहीं। उलटे भारतीय जीवन बीमा निगम में सरकारी हिस्सेदारी बेचने जैसी घोषणाओं ने नई आशंकाएं पैदा कर दी हैं। मगर असली समस्या यह है कि सरकारी खजाने का घाटा अनियंत्रित हो गया है। नतीजतन, राजकोषीय दायित्व एवं प्रबंधन अधिनियम (एफआरबीएम) के तहत तय राजकोषीय घाटे के लक्ष्य की उलटी दिशा में चलने को सरकार मजबूर हो गई है। चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद के 3.3 प्रतिशत तक इस घाटे को रखने का लक्ष्य सरकार हासिल नहीं कर पाई। अब सरकार ने खुद मान लिया है कि ये घाटा 3.8 प्रतिशत रहेगा। अगले साल भी इसे 3.5 फीसदी तक ही लाने का लक्ष्य वह रख पाई, जबकि पहले इसे तीन फीसदी तक लाने का लक्ष्य था। इसके पहले 2019-20 वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करने के बाद केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने कहा था कि इसका मूल विषय है संपत्ति का सृजन। यह कैसे… Continue reading माली मुश्किलों का दस्तावेज

दस प्रतिशत घटा ऑटो कारोबार,एक लाख लोगों की नौकरी पर असर

देश के ऑटोमोबाइल उद्योग में पिछले एक साल से छाई सुस्ती के कारण ऑटो उपकरण उद्योग के कारोबार में 2019-20 की पहली छमाही

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