पहले डाकूओं का समर्पण अब नेता बनते है!

महात्मा गांधी की गांधीवादी विरासत की आचार-विचार में पालना और भूदान कराने वाले विनोबा भावे ने एक वक्त डाकुओं के आत्मसमर्पण की कोशिश की थी। पुलिस चंबल क्षेत्र में डाकूओं से निपटने में तब नाकाम रहती थी।