दिल्ली हिंसा मामले में उमर खालिद गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र उमर खालिद को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत पूर्वोत्तर दिल्ली हिंसा के सिलसिले में

दंगों के आरोपपत्र पर पुलिस की सफाई

दिल्ली दंगों को लेकर पूरक आरोपपत्र में कई नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अध्यापकों आदि को आरोपी बनाए जाने की खबरों पर दिल्ली पुलिस ने सफाई दी है। दिल्ली पुलिस ने उन खबरों का खंडन किया है

दिल्ली हिंसा मामले में येचुरी का नाम, कांग्रेस संसद में उठाएगी मुद्दा

कांग्रेस ने दिल्ली हिंसा के एक मामले में दिल्ली पुलिस की सप्लीमेंट्री (पूरक) चार्जशीट में माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और अन्य विपक्षी नेताओं का नाम शामिल किए

दिल्ली हिंसा मामला: आप के निलंबित नेता ताहिर हुसैन से पूछताछ

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा और तब्लीगी जमात मामले की जांच के सिलसिले में तिहाड़ जेल से पूछताछ के लिए आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को एजेंसी के मुख्यालय लेकर आई।

सांप्रदायिक उन्माद फैलाना क्या है, दिल्ली-अधीश?

आज अखबार में पूरा पेज विज्ञापन देख कर साहिर लुधियानवी का “तुम को सब मुआफ, जुल्म हो कि लूट / तुम कहो तो सच, हम कहें तो झूठ …” याद आया। विज्ञापन दिल्ली विधान सभा की किसी कमेटी का है। इस में ‘साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने’ के विरुद्ध लोगों से शिकायत करने कहा गया है। उस से हुए एफ.आई.आर. पर शिकायती को दस हजार नकद ईनाम की भी घोषणा है। सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वाले को 3 साल कैद की चेतावनी भी। लेकिन उस में ‘सांप्रदायिक उन्माद फैलाना’ कहीं परिभाषित नहीं। तब उस की पहचान कैसे होगी? इस पर मनमानी चलती है। पंद्रह साल पहले सांप्रदायिक हिंसा निरोधी विधेयक में ऐसा ही एक कानून तक प्रस्तावित हुआ था! उस में किसी चीज को सांप्रदायिकता फैलाने का कारण हिंसा की संभावना को माना गया था। यानी, किसी उचित काम या सच्चे कथन से भी हिंसा सभांवित हो, तो वह अनुचित हुआ। तब तो खास चालाक लोग हिंसा की धमकी देकर किसी भी विषय पर विचार-विमर्श तक बंद करा सकते हैं। दरअसल अधिकांश यही होता रहा है। वामपंथी प्रोफेसरों और सेक्यूलरवादी नेताओं ने भी सांप्रदायिकता पर वही एकतरफापन रखा है। किन्हीं कार्यों, विचारों की सूची दे कर वे घोषित नहीं करते कि यह ‘सांप्रदायिकता’… Continue reading सांप्रदायिक उन्माद फैलाना क्या है, दिल्ली-अधीश?

ताहिर हुसैन को 10 दिनों की न्यायिक हिरासत

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को आम आदमी पाटी(आप) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को राष्ट्रीय राजधानी में हिंसा भड़काने के आरोप में 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हुसैन की एक दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद उसे मुख्य महानगर दंडाधिकारी पवन सिंह राजावत के समक्ष पेश किया गया। हुसैन कथित रूप से उस हिंसा में शामिल था, जिसमें खुफिया ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। अंकित का शव उसके घर के पास एक नाले से बरामद किया गया था। ताहिर हुसैन के भाई शाह आलम को भी हिंसा के लिए गिरफ्तार किया गया है और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है। पिछले महीने राष्ट्रीय राजधानी के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें कम से कम 53 लोग मारे गए थे।

दिल्ली हिंसा : 5 और हिरासत में, एसआईटी पूछताछ में जुटी

उत्तर पूर्वी दिल्ली जिले में 24-25 फरवरी को हुई हिंसा मामले में संदिग्धों की गिरफ्तारियों और हिरासत का सिलसिला जारी है। गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने हिंसा के इन्हीं मामलों में पांच और लोगों को हिरासत में ले लिया।

कपिल मिश्रा के बचाव में भाजपा

आम आदमी पार्टी छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए और हाल ही में विधानसभा चुनाव हारे कपिल मिश्रा का जिस अंदाज में भाजपा बचाव कर रही है वह कमाल है। अपने भड़काऊ भाषण की वजह से चर्चा में आए कपिल मिश्रा के खिलाफ भाजपा के एक सांसद गौतम गंभीर ने कार्रवाई की मांग की थी।

दिल्ली हिंसा में 6.5 करोड़ रुपए का मुआवजा बांटा

नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के पीड़ितों को दिल्ली सरकार ने अभी तक 6 करोड़ 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया है। मुआवजा पाने वालों में हिंसा में मारे गए 36 व्यक्तियों के परिजन भी शामिल हैं। दिल्ली सरकार ने 24 से 26 फरवरी के बीच उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा अभी तक 309 ऐसे दुकानदारों को पूरा मुआवजा दिया जा चुका है, जिनकी दुकानें इस हिंसा में नष्ट कर दी गईं। दुकानों के अलावा 78 मकान मालिकों को व इनमें रहने वाले किराएदारों को भी पूरा मुआवजा दिया जा चुका है। इन 78 घरों को उपद्रवियों ने जला दिया या लूट लिया था। दिल्ली सरकार ने 33 गंभीर रूप से घायल लोगों को भी मुआवजा दिया है। ई-रिक्शा, स्कूटी के लिए भी अभी तक मुआवजा दिया गया है। सरकार का कहना है कि अभी तक अंतरिम और पूर्ण मुआवजा मिलाकर 6 करोड़ 50 लाख रुपए भुगतान किया जा चुका है। दिल्ली सरकार के मुताबिक, जिन स्कूलों में 1000 छात्रों तक नामांकन है, उन्हें 5 लाख रुपए का मुआवजा और 1000 से अधिक छात्रों के नामांकन वाले स्कूलों के लिए 10… Continue reading दिल्ली हिंसा में 6.5 करोड़ रुपए का मुआवजा बांटा

दिल्ली हिंसा: हाईकोर्ट ने सरकार, नेताओं को भेजे नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने आज कथित रूप से घृणास्पद भाषण देने और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका पर

पुलिस ने सौंपी दिल्ली हिंसा पर शाह को ताजा रिपोर्ट

केन्द्र सरकार द्वारा दिल्ली हिंसा पर संसद में बहस से पहले दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इस विषय पर एक विस्तृत रिपोर्ट गृहमंत्री अमित शाह को सौंपी।

सुनियोजित थी उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा : जीआईए

बुद्धिजीवियों के एक समूह द्वारा दिल्ली हिंसा पर तैयार की गई तथ्यान्वेषी रपट में दावा किया गया है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा ‘सुनियोजित साजिश’ थी।

सरकार लोकसभा में दिल्ली हिंसा पर चर्चा को तैयार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार संसद में दिल्ली हिंसा पर चर्चा के लिए तैयार है, बशर्ते विपक्ष चर्चा होने दे। एक सूत्र ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी। सदन की मर्यादा भंग करने को लेकर निलंबित सात कांग्रेसी विधायकों के संबंध में भी लोकसभा अध्यक्ष बैठक कर रहे हैं। सूत्र ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संसद में पहुंचने के बाद वह सदन में दिल्ली हुई हिंसा के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। कांग्रेस के सात सांसदों के निलंबन को लेकर विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा को स्थगित कर दिया गया। विपक्ष उनके निलंबन को रद्द करने की मांग कर रहा है। सूत्रों ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सत्र में भाग ले सकते हैं और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके, इसके लिए सांसदों के निलंबन को वापस लेने और दिल्ली हिंसा पर बहुप्रतीक्षित बहस पर एक महत्वपूर्ण बयान दे सकते हैं। इसके बाद जल्द ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर सदन में चर्चा शुरू होगी।

राज्यसभा की कार्यवाही अपराह्न् 2 बजे तक स्थगित

नई दिल्ली। राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने बुधवार को फरवरी के अंतिम सप्ताह में दिल्ली हिंसा और केरल के दो टीवी चैनलों पर प्रतिबंध को लेकर हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही अपराह्न् दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के बिनॉय विश्वम और के.के. रागेश ने दो मलयाली समाचार चैनलों पर शुक्रवार को लगाए गए प्रतिबंध का मुद्दा उठाया, जिसका विपक्षी दलों ने भी समर्थन किया और इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। इससे पहले नायडू ने कहा कि दिल्ली में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा पर चर्चा गुरुवार सुबह कराई जाएगी। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने उत्तर पूर्व दिल्ली में हिंसा कवरेज को लेकर शुक्रवार शाम 7.30 बजे से 48 घंटों के लिए दो मलयाली समाचार चैनलों पर प्रतिबंध लगाते हुए उनका प्रसारण निलंबित कर दिया था। मंत्रालय ने कहा था कि स्थिति अत्यधिक अस्थिर है ऐसे में एशियानेट न्यूज और मीडियावन की रिपोर्ट देश में सांप्रदायिक वैमनस्य को बढ़ा सकती हैं। हालांकि, 24 घंटे बाद प्रतिबंध हटा लिया गया था।

सोनिया को सौंपी रिपोर्ट, मिश्रा, प्रवेश, अनुराग पर कार्रवाई की मांग

दिल्ली हिंसा की जांच करने गये कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और कहा है कि केंद्र तथा दिल्ली सरकार की विफलता के कारण दंगे हुए हैं इसलिए सच्चाई सामाने लाने के लिए उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में दंगों की जांच कराने के आदेश दिए जाने चाहिए।

और लोड करें