महान निष्क्रियता का दौर

प्रबंधन के कई गुरु बताते हैं कि फैसला नहीं करना भी एक किस्म का फैसला होता है। प्रबंधन गुरुओं के यह ज्ञान देने से बहुत पहले 1991 में देश के तब के प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव ने इस गुरु मंत्र को अपनाया था। उन्होंने सरकार बनाने के चंद दिनों के बाद ही देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से बदल देने वाले फैसले किए और उसके बाद चुप होकर बैठ गए। उन्होंने चुपचाप अंदर-अंदर उस फैसले के अनुरूप काम होने दिया यानी उन पर अमल होने दिया। उनकी चुप्पी और फैसला नहीं करने का नतीजा यह हुआ कि राजनीतिक विवाद नहीं खड़ा हुआ, उनकी अल्पमत सरकार के सामने संकट नहीं आया और उनकी योजनाओं पर अमल हो गया। जिस समय नरसिंह राव फैसला नहीं करने की नीति के हिसाब से काम कर रहे थे उसी समय देश में न्यायिक सक्रियता का दौर आया था, जो करीब दो-ढाई दशक तक चला। न्यायिक सक्रियता के इस दौर में अदालतों ने हर मसले पर फैसले सुनाए, इसी दौर में जजों की नियुक्ति और तबादले के लिए कॉलेजियम सिस्टम बन गया और न्यायपालिका का दखल हर क्षेत्र में बढ़ा। माना गया कि केंद्र में कमजोर सरकारों की वजह से न्यायपालिका को अपनी ताकत बढ़ाने… Continue reading महान निष्क्रियता का दौर

चिदंबरम ने केंद्र पर साधा निशाना

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तीन दिन से चल रही हिंसा को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने नागरिकता का मामला उठाते हुए सवालिया लहजे में कहा कि भारत में 1955 से नागरिकता कानून बना हुआ है, आखिर उसमें इस समय बदलाव करने की क्या जरूरत आ गई? उन्होंने यह भी कहा कि इसका मामला अदालत में है और जब तक फैसला नहीं हो जाता है तब तक सरकार को इसे रोक देना चाहिए। दिल्ली में तीन दिन से चल रही हिंसा की निंदा करते हुए चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि जनता असंवेदनशील और अदूरदर्शी नेताओं को सत्ता में पहुंचाने की कीमत चुका रही है। उन्होंने कहा कि सीएए में संशोधन को तत्काल प्रभाव से छोड़ देना चाहिए। चिदंबरम ने कहा- सरकार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक सीएए को रोक देना चाहिए और सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों की बात सुननी चाहिए। गौरतलब है कि दिल्ली में तीन दिन की हिंसा में दस लोग मारे जा चुके हैं। इसे लेकर चिदंबरम ने कहा- सोमवार को दिल्ली में हुई हिंसा और उसमें लोगों की मौत बहुत स्तब्धकारी है और इसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए। उन्होंने… Continue reading चिदंबरम ने केंद्र पर साधा निशाना

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