कोरोना रोक नहीं सकते, फिर क्या करें?

पूरी दुनिया में व्यापक वैक्सीनेशन के बाद यह लगभग तय हो गया है कि किसी भी वैक्सीन से कोरोना वायरस के संक्रमण को रोका नहीं जा सकता है। वैक्सीन लगाए होने के बावजूद वायरस लोगों को संक्रमित कर रहा है।

महामारी में ऐसी बेरहमी!

कहा यह गया था कि महामारी के दौरान सरकार सबके हित का ख्याल रखेगी। उस दौरान किसी के साथ जोर-जबर्दस्ती ना हो, इसे ध्यान में रखा जाएगा।

कोरोना से राहत नहीं

डब्लूएचओ के अधिकारियों ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी को नियंत्रित करने के प्रयासों के परिणामों अब तक निराशाजनक हैँ।

टीका ही है बचाव

इस बीच राहत की कोई बात है, तो वो यही कि जो लोग संक्रमित हो रहे हैं, उनकी स्थिति उतनी गंभीर नहीं हो रही है, जैसा पहले हुआ था। पहले नए मामलों के साथ मृत्यु की जो दर थी, अभी वो उससे बहुत कम है। वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके लोगों को शायद ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ रही है। Vaccine protection delta variant : ब्रिटेन दुनिया के उन देशों में है, जहां सबसे ज्यादा टीकाकरण हुआ है। इसके बावजूद अब अब देश पर कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर का खतरा मंडराने लगा है। ब्रिटेन में ताजा लहर की वजह कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट बना है। और यही वजह है कि अब दुनिया ब्रिटेन को एक टेस्ट केस के रूप में देख रही है। विशेषज्ञ ये चेतावनी दे चुके हैं कि अब दुनिया भर में डेल्टा वैरिएंट की मुख्य वैरिएंट हो गया है। स्वाभाविक है कि ब्रिटेन में इसकी वजह से कैसे हालात बनते हैं, उसे देखने में पूरी दुनिया की दिलचस्पी है। गौरतलब है कि ब्रिटेन दुनिया का पहला देश बना है, जहां टीकाकरण की दर ऊंची है, फिर भी जहां कोरोना वायरस का सबसे अधिक संक्रामक माना जा रहा डेल्टा वैरिएंट तेजी से… Continue reading टीका ही है बचाव

कोविड खत्म नहीं हो रहा!

लगभग सौ देशों में डेल्टा वैरिएंट पंहुचने और ब्रिटेन से ले कर बांग्लादेश में पैनिक प्रमाण है कि कोरोना की महामारी लंबी चलेगी। नए-नए वैरिएंट और उनका तेजी से पूरी दुनिया में फैलना किसी के न समझ में आने वाली पहेली है। पहले का ब्रिटेन में मिला अल्फा वैरिएंट भी कोई 172 देशों में जा पहुंचा है। माना जा रहा था कि ऑस्ट्रेलिया, जापान में चाकचौबंद बंदोबस्तों से कोरोना लगभग खत्म। लेकिन दोनों अभी वायरस से जूझते हुए हैं। उत्तर कोरिया ने पूरी दुनिया में डंका बजाया था कि उसके यहां वायरस घुसा नहीं लेकिन इसी सप्ताह उसके तानाशाह राष्ट्रपति किम ने पगलाए-घबराए अंदाज में अधिकारियों पर ऐसी गाज गिराई, जिससे लग रहा है कि वहां महामारी ने बहुतों को मारा है। ध्यान रहे चीन इस देश का ग़ॉडफादर है। अपनी वैक्सीन-अपने तरीकों का बैकअप दे रखा है बावजूद इसके महामारी से फड़फड़ाए राष्ट्रपति किम! य​ह भी पढ़ें: यह अछूत होना नहीं तो क्या? ब्रिटेन में 67 प्रतिशत लोगों ने एक और 47 प्रतिशत ने दोनों टीके लगवा लिए हैं और कम संक्रमण व हर्ड इम्युनिटी से वहां महामारी पर पूरा कंट्रोल बनता लगता था लेकिन डेल्टा वैरिएंट के केसेज ने सब गड़बड़ा दिया है वैसे ही जैसे ऑस्ट्रेलिया में… Continue reading कोविड खत्म नहीं हो रहा!

अकेले वैक्सीन से नहीं रूकेगा कोरोना

इसमें संदेह नहीं है कि 21 जून के बाद भारत में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ी है और हर दिन औसतन 50 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग रही है। यह भी सही है कि कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है और पिछले करीब एक हफ्ते से मरने वालों की संख्या भी एक हजार से नीचे है। लेकिन सवाल है कि क्या अकेले वैक्सीनेशन के सहारे कोरोना को रोका जा सकता है? इसका जवाब किसी के पास नहीं है क्योंकि वैक्सीनेशन के बाद दुनिया के दूसरे देशों की तरह भारत में इस बात का आकलन नहीं हो रहा है कि नए वैरिएंट्स पर यह कितना कारगर हो रहा है। हालांकि यह दावा किया जा रहा है कि भारत की वैक्सीन अल्फा और डेल्टा दोनों वैक्सीन पर कारगर हो रही है लेकिन हकीकत यह है कि डेल्टा वैरिएंट के ही कई नए स्ट्रेन आ गए हैं, जिनमें एक डेल्टा प्लस है। इसके बारे में अभी तक वस्तुनिष्ठ अध्ययन नहीं हो पाया है। य​ह भी पढ़ें: दुनिया के देशों में फिर तबाही शुरू अकेले वैक्सीन या कोरोना को संभालने का बेहतर प्रबंधन वायरस के संक्रमण को रोकने में कारगर नहीं है, इसकी मिसाल केरल में देखने को मिल रही है।… Continue reading अकेले वैक्सीन से नहीं रूकेगा कोरोना

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