लड़ते हैं बाहर जाके ये शेख ओ बिरहमन . . .

ऐसे उदाहरणों की भरमार है जहां कृत्रिम बनाया हुआ हिंदू–मुसलमान का विभाजन जरा भी नहीं चला। हिंदू मृतक को श्मशान ले जाने के लिए परिवार वाले नहीं आए तो पड़ोसी मुसलमानों ने अपना कंधा दिया। हिंदू संस्कारों के हिसाब से मृतक का अंतिम संस्कार किया। उधर मुसलमान का अस्पताल में दम अटका था कि कोई… Continue reading लड़ते हैं बाहर जाके ये शेख ओ बिरहमन . . .

लुप्त होती संवेदनाएं, छीजते जीवन मूल्य

कोरोना की दूसरी लहर के बीच जीवनरक्षक दवाइयों-उपकरणों और ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी के कारण हमारी पूरी दुनिया में थू-थू हुई। रेमडेसिवीर दवा की मुँहमाँगी कीमत वसूली गई, निजी अस्पतालों में जीवन-मृत्यु से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों का भयावह आर्थिक शोषण किया गया। किसी भी समाज एवं राष्ट्र की वास्तविक परीक्षा युद्ध या… Continue reading लुप्त होती संवेदनाएं, छीजते जीवन मूल्य

अब कितनी होगी तैयारी?

आशंका यह है कि तीसरी लहर आई, तब भी उससे बचाव की तैयारियां आधी-अधूरी ही रहेंगी। स्वास्थ्यकर्मियों और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी बदस्तूर जारी रहेगी। हकीकत यह है कि स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को लेकर समय-समय पर इसे लेकर हाय-तौबा मचती है, लेकिन फिर बातें पृष्ठभूमि में चली जाती हैं। कोरोना की दूसरी लहर अभी थमी… Continue reading अब कितनी होगी तैयारी?

सच सामने आता ही है

कोर्ट की पहल पर बनी कमेटियों को मौतों का सही आकलन करने का काम दिया गया। इन्हीं समितियों की रिपोर्ट को अब जारी किया गया है। सवाल है कि क्या ऐसा प्रयास सारे देश में नहीं होना चाहिए? ये बात आखिर सरकारों को कब समझ में आएगी कि सच देर सबेर सामने आ ही जाता… Continue reading सच सामने आता ही है

मेरे तो गिरधर गोपाल (मोदी), दूसरा न कोई!

‘नया इंडिया’ के एक सुधी पाठक, हैदराबाद के सोहन लाल कादेल ने पिछले सप्ताह मुझे मैसेज भेज पूछा- आपकी नजर में राज करने योग्य कौन है जी? ममता, राहुल, प्रियंका या कोई और जी? मैंने उनकी व्यथा समझी और लिखा- आप हैं जी सर्वाधिक योग्य! इसलिए कि घर-गृहस्थी-व्यापार सब में आप सफल, संवेदन और बुद्धि… Continue reading मेरे तो गिरधर गोपाल (मोदी), दूसरा न कोई!

भारतीय कृषि उत्पादों की बढ़ी मांग, अनाज निर्यात में जोरदार इजाफा

भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि के लिए कोराना की आपदा अब अवसर में बदल रही है। कृषि उत्पादन में इजाफा होने के साथ-साथ विदेश व्यापार में भी इसकी हिस्सेदारी बढ़ने से किसानों को उनकी फसलों का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद जगी है

आतंकवाद और ‘आपदा में अवसर’

कोरोना महामारी दुनिया के आम लोगों के लिए एक बड़ी आपदा बन कर आई है। लाखों लोग असमय मौत का शिकार हो गए। करोड़ों लोगों की जिंदगी आर्थिक रूप से तबाह हो गई

महामारी को ‘सुधारक’ के रूप में भी देखा जाना चाहिए: वेंकैया

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि कोरोना महामारी को न केवल एक आपदा बल्कि जीवन के प्रति दृष्टिकोण और प्रणाली में आवश्यक परिवर्तन करने वाले एक ‘सुधारक’ के रूप में भी देखने की जरूरत है

देश छुएगा नई ऊंचाइयां: मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत का इतिहास आपदाओं और चुनौतियों पर जीत हासिल कर और ज्यादा निखरकर निकलने का रहा है।

योगी ने आपदा को अवसर में बदला: मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ की शुरूआत करते हुए शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जिस तरह ‘आपदा’ को ‘अवसर’ में बदला गया, देश के अन्य राज्यों को भी इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।