ट्रंपः जनाज़ा ज़रा धूम से निकले

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद पर जो नौटंकी रचाई थी, उसका अंत तो हो चुका है और उन्होंने यह भी मान लिया है कि 20 जनवरी को डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जो बाइडन और कमलादेवी हैरिस राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति की शपथ ले सकेंगे।

अधिकारियों की हिम्मत भी काबिले तारीफ

अमेरिका में ऐसा नहीं है कि लोकतंत्र बचाने के लिए सिर्फ नेता आगे आए और पार्टी लाइन तोड़ कर डोनाल्ड ट्रंप का विरोध किया। अमेरिकी अधिकारियों, जिनको ट्रंप ने ऊंचे पदों पर रखा था, उन्होंने भी हिम्मत दिखाई।

अधिनायकत्व के जनाज़े का उपसंहार

यह तो मेरी समझ में आ गया कि अमेरिका में जो हुआ, क्यों हुआ। लेकिन यह मेरी समझ में नहीं आया कि अमेरिकी-कुप्रसंग में, बिना किसी के दिखाए भी, भारतीय संदर्भ के डरावने साए लोगों को क्यों दिखाई देने लगे

अमेरिकी संस्थाओं को सलाम

अमेरिकी कांग्रेस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए हुई वोटिंग के आधार पर इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों के सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्जिया राज्य के अपनी पार्टी के एक मंत्री को फोन किया, जो राज्य में चुनाव का प्रभारी भी है

ट्रंप हैं, अमेरिकी कलंक

डोनाल्ड ट्रंप ने सिद्ध कर दिया है कि वह अमेरिका के कलंक हैं। अमेरिका के इतिहास में राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर कुछ विवाद कभी-कभी जरुर हुए हैं लेकिन इस बार ट्रंप ने अमेरिकी लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं।

अमेरिकी लोकतंत्र पर ट्रंप का कलंक…

Trump on American Democracy : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘उकसावे’ में उनके हजारों समर्थक बुधवार को अमेरिकी संसद ..

और लोड करें