कर्ज लेकर खाने का मंत्र कितना कारगर?

केंद्रीय वित्त मंत्री ने पांच दिन तक प्रेस कांफ्रेंस करके आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान किया। पर यह राहत पैकेज का ऐलान कम और लोन मेला ज्यादा लग रहा था।

मजदूरों को नकद पैसे क्यों नहीं देते?

हर समझदार आदमी सरकार से यहीं सवाल पूछ रहा है। वित्त मंत्री ने पांच दिन प्रेस कांफ्रेंस करके 21 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का ऐलान किया। हर दिन यह सवाल पूछा गया कि इसमें कितने पैसे नकद लोगों के हाथ में जाएंगे।

ये सारा पैकेज किसके लिए?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपए का कोरोना पैकेज देने की घोषणा लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी थीं। तब उन्होंने कहा था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस पैकेज का किश्तों में एलान करेंगी।

आर्थिक पैकेज में बडी आबादी की हुई है अनदेखी : चिदम्बरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने कहा है कि आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपए के जिस आर्थिक पैकेज की घोषणा की है

10 लाख करोड़ रु के वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा करे सरकार: चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सरकार की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज में गरीबों, किसानों और श्रमिकों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए

राजनाथ के घर होगी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक

कोरोना के संकट से निजात पाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए आर्थिक पैकेज को जरूरतमंदों तक पहुंचाने और आर्थिक सुधारों की रणनीति तय करने के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की

संकट के समय साहसिक सुधार!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को राष्ट्र को संबोधित करते हुए 20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘बोल्ड रिफॉर्म्स’ की बात भी कही थी।

कोरोना काल में सेंस ऑफ ह्यूमर

वैसे हम भारतीयों में सेंस ऑफ ह्यूमर यानी हास्य-व्यंग्य की समझदारी थोड़ी कम है फिर भी सोशल मीडिया आने के बाद, जितना संभव होता है लोग इसका परिचय देते हैं।

आर्थिक पैकेज में राहत नहीं मिलने से दूरसंचार उद्योग निराश

सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) आर्थिक पैकेज में दूरसंचार क्षेत्र के लिए राहत की घोषणा नहीं होने पर निराशा जताई है। कोरोना वायरस महामारी के

सरकारी पैकेज जीडीपी का मात्र 1.6 प्रतिशत : कांग्रेस

कांग्रेस ने आज सरकार पर आर्थिक पैकेज के नाम पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र द्वारा घोषित उपाय भारत के सकल घरेलू उत्पाद

प्रोत्साहन पैकेज के नाम पर बजट!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपए के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की थी। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए देश भर में लागू लॉकडाउन की वजह लोगों को हो रही परेशानी और आर्थिक मुश्किलों को दूर करने के लिए पैकेज का ऐलान किया था।

आर्थिक पैकेज से जाहिर कंट्रास्ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जो आर्थिक पैकेज जारी कर रहे हैं उसे लेकर खूब सवाल उठ रहे हैं और अलग अलग किस्म की व्याख्या भी हो रही है। आर्थिकी की समझ रखने वाले भी और नासमझ लोग भी अपने अपने हिसाब से इसका मजाक उड़ा रहे हैं क्योंकि यह ऐसा राहत पैकेज है, जिसमें लाखों करोड़ रुपए बंट गए और किसी को कुछ मिला भी नहीं।

चिदंबरम ने आर्थिक पैकेज को स्पष्ट करने की मांग की

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आर्थिक पैकेज की घोषणा की तीसरी किश्त पर सवाल उठाते हुए बजट को स्पष्ट तरीके

कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को एक लाख करोड़

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना महामारी से निपटने और देश की अर्थव्यवस्था सेहत सुधारने के लिए घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के तहत किए गए

सबका साथ सबका विकास है आर्थिक पैकेज: शाह

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत गरीबों, किसानों , मजदूरों और अन्य वर्गों के लिए घोषित विशेष आर्थिक पैकेज

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