डब्लुएचओ ने दुनिया के देशों को दी चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन, डब्लुचओ ने कोरोना वायरस के संकट को लेकर दुनिया के देशओं को चेतावनी दी।

बीमार घर जैसे हो आर्थिकी की चिंता

लॉकडाउन के साठ दिन-4:  भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बुद्धि पर जरा विचार करें।

सरकार का इकबाल और कोरोना

बहुत साल पहले किसी खबर की रिपोर्टिंग के सिलसिले में मुझे पंजाब जाना पड़ा। जब वहां के एक थाने से एक आला पुलिस अफसर के साथ बाहर निकला तो दालान में तैनात पहरेदार सिपाही ने अपनी बंदूक ठीक करते हुए पैर पटक कर उन्हें जोर से सैल्यूट मारते हुए कहा कि ‘हुजूर का इकबाल बुलंद हो।’

दो गज की दूरी के अजब-गजब नियम

कोरोना वायरस के संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में सोशल डिस्टेंसिंग एक अहम हथियार है। सारी दुनिया ने इसे अलग-अलग तरीके से अपनाया और उन्हें इसका फायदा मिला।

पैसा छाप बांटें तब भी भय नहीं छंटेगा!

भारत यदि वैक्सीन आने तक (मतलब अगली जून तक) भय और शारीरिक दूरी में रहता है तो आर्थिकी का क्या होगा? सवाल हैकितनी अवधि का अनुमान लगे?

हाहाहूहू युग के नक्कारखाने की तूती

घर, घर होता है। चाहे वह समंदर किनारे न हो, चाहे वह हरे-भरे जंगलों के बीच न हो, चाहे उसमें तीन तरफ़ से हवा न आती हो, चाहे उसे सूरज की किरणें न छूती हों, चाहे उसमें बड़ी-बड़ी खिड़कियां न हों–मगर घर, घर होता है।

वेंटिलेटर पर फड़फड़ाती आर्थिकी!

आप भी सोचें, क्या आप अपने आपको ‘नॉर्मल’ पाते हैं? दिल व दिमाग चिंता और भय से बोझिल है या नहीं? क्या आप अपनी नौकरी, वेतन, कमाई को लेकर भरोसे में हैं?

भारत अब कहां, क्या?

भय, भूख और आईसीयू! ये तीन शब्द मई 2020 में भारत के पर्याय हैं। और आने वाले कई महीनों व शायद 2021, 2022, 2023, में भी यहीं भारत के पर्याय शब्द रहेंगे। उस नाते साठ दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वह काम किया है,

मजबूरी की बिक्री में नुकसान संभव

केंद्र सरकार ने सेल लगा दी है। वित्त मंत्री ने पांच दिन तक प्रेस कांफ्रेंस करके जिस प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान किया उसमें देश के हर नागरिक को कर्ज लेने के लिए प्रेरित करने और कर्ज के लिए ज्यादा पैसे का बंदोबस्त करने के अलावा जो दूसरी गौरतलब बात थी वह सरकारी कंपनियों को बेचने की थी।

जीएसटी संग्रह बढ़कर जनवरी 2020 में बढ़कर 1.1 लाख करोड़ रुपये

आर्थिक मंदी के आरोप झेल रही केंद्र सरकार को राहत प्रदान करते हुए जनवरी 2020 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह 1,10,828 करोड़ रुपये हुआ।

मोदी देश को आर्थिक मंदी से उबारने के समुचित प्रयास कर रहे हैं: रामदेव

इंदौर। योग गुरु बाबा रामदेव ने आर्थिक मंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव करते हुए सोमवार को कहा कि मोदी देश को आर्थिक मंदी से उबारने के उद्देश्य से समुचित प्रयास कर रहें हैं। इंदौर की एक तेल निर्माता इकाई को ख़रीदे जाकर उसका संचालन पतंजलि द्वारा किए जाने की जानकारी देने के उद्देश्य से आयोजित पत्रकार वार्ता में बाबा रामदेव ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में यह बात कही। उन्होंने कहा कि मोदी को आर्थिक मंदी के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा इस मुद्दे पर केंद्र सरकार अपने स्तर पर बेहतरी के लिए सभी प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री कमलनाथ की कार्यशैली से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में बाबा रामदेव ने कहा कि उन्हें जितने प्रिय चौहान थे, उतने ही कमलनाथ हैं। उन्होंने इस दौरान कमलनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे एक दूरदृष्टि के नेता हैं, उन्हें पता है कि सरकार कैसे चलानी चाहिए। जेएनयू छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े एक सवाल के जवाब में बाबा रामदेव ने कहा कि जेएनयू में कभी पंडित जवाहर लाल नेहरू तो कभी जिन्ना के नाम पर आजादी मांगी जाती है। उन्होंने छात्रों… Continue reading मोदी देश को आर्थिक मंदी से उबारने के समुचित प्रयास कर रहे हैं: रामदेव

आर्थिक मंदी पर कांग्रेस की रैली स्थगित

संसद के शीतकालीन सत्र के मद्देनजर देश में आर्थिक मंदी को लेकर 30 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की रैली टाल दी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह रैली अब नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 14 दिसंबर को होगी।

भारत की वृद्धि दर जी-20 देशों में सबसे तेज: सीतारमण

नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को सरकार ने आर्थिक मंदी को लेकर हुए एक सवाल के जवाब में जीडीपी गिरने की बात तो स्वीकार की, मगर साथ ही यह भी कहा कि भारत जी-20 में सबसे तेज दर से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एक लिखित जवाब में कहा, 2014-19 के दौरान औसत जीडीपी वृद्धि 7.5 फीसद थी, जो कि जी-20 देशों में सर्वाधिक है। वर्ष 2019 के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (डब्ल्यूईओ) ने वैश्विक उत्पादन और व्यापार में अच्छी-खासी मंदी का अनुमान लगाया है। फिर भी हाल में जीडीपी में कुछ कमी के बावजूद डब्ल्यूईओ के अनुमान के अनुसार भारत जी-20 देशों में सबसे तेज दर से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। दरअसल, सांसद एन.के. प्रेम चंद्रन ने सरकार से पूछा कि क्या सरकार ने आर्थिक मंदी के कारणों, विदेशी व्यापार समझौते या जीएसटी से इसके कनेक्शन की कोई पड़ताल की है? उन्होंने यह भी पूछा था कि मंदी से निपटने के लिए क्या सरकार आर्थिक नीतियों में परिवर्तन करेगी? निर्मला ने बताया कि देश की जीडीपी वृद्धि दर को बढ़ाने के लिए सरकार अर्थव्यवस्था में संतुलित स्तर की निश्चित निवेश दर, कम निजी उपभोग दर और निर्यात को बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। वित्तमंत्री ने बताया… Continue reading भारत की वृद्धि दर जी-20 देशों में सबसे तेज: सीतारमण

संसद का शीतकालीन सत्र हंगामेदार होने की आशंका

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष जम्मू कश्मीर की स्थिति, आर्थिक मंदी, महंगाई, बेरोजगारी, पर्यावरण प्रदूषण तथा कई अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास करेगी

प्रियंका ने मंदी को लेकर मोदी पर निशाना साधा

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आर्थिक मंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि विदेशों में जाकर देश में सब कुछ ठीक है कहने से असलियत छुपायी नहीं जा सकती है और न ही इससे स्थिति में सुधार होने वाला है।

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