आर्थिक सुस्ती गहराने से दूसरे दिन टूटा शेयर बाजार

रिजर्व बैंक के विकास अनुमान घटाने के बाद देश में आर्थिक सुस्ती गहराने की आशंका से चिंतित निवेशकों ने आज शेयर बाजार में जमकर बिकवाली की जिससे बीएसई का 30 शेयरों वाला

सरकार और आर्थिक सुधार करेगी

नई दिल्ली। देश की विकास दर में लगातार हो रही गिरावट और आर्थिक मंदी की खबरों के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार आर्थिक सुधार जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत को निवेश के लिए सबसे बेहतर जगह बनाने का है। सीतारमण ने कहा कि सरकार भारत को निवेश के लिए और अधिक आकर्षक जगह बनाने के लिए आर्थिक नीतियों व कार्यक्रमों में आगे और भी सुधार करने को तैयार है। संसद में आर्थिक स्थिति पर चर्चा के बाद मंगलवार को सीतारमण ने भारत और स्वीडन के प्रमुख उद्यमियों की एक बैठक को संबोधित किया। इसमें उन्होंने अपनी सरकार की ओर से कारोबार को बढ़ावा देने के लिए हाल में उठाए गए कई कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने कंपनियों पर आय कर की दरें घटाने का बड़ा फैसला किया है। वित्त मंत्री ने कारोबारियों से कहा- मैं तो सिर्फ आप को आमंत्रित ही कर सकती हूं और भरोसा दे सकती हूं कि भारत आगे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में और भी सुधार करने को प्रतिबद्ध है। इसमें बैंकिंग क्षेत्र हो सकता है, बीमा और खनन क्षेत्र हो सकता है और ऐसे अनेक दूसरे क्षेत्र भी हो सकते हैं।… Continue reading सरकार और आर्थिक सुधार करेगी

निर्मला ने कहा, सबकी सुनती है सरकार

नई दिल्ली। मशहूर उद्योगपति राहुल बजाज की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने आर्थिकी के सवाल उठाने के मसले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार सबकी सुनती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आलोचनाओं को सुनती है और उसका जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहती है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कहना गलत है कि मोदी सरकार आलोचना नहीं सुनती है। कारपोरेट कर में कटौती से जुड़े संशोधन वाले कराधान विधि संशोधन विधेयक 2019 पर लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार आलोचना सुनती है और सकारात्मक ढंग से जवाब देती है और कदम भी उठाती है। वित्त मंत्री ने एक कार्यक्रम में उद्योगपति राहुल बजाज के ‘डर का माहौल’ वाले बयान का हवाला देते हुए कहा कि उस जगह गृह मंत्री ने पूरा जवाब दिया और जब भी आलोचना होती है तो यह सरकार सुनती है और जवाब देती है। वित्त मंत्री ने कहा- सोशल मीडिया में तो कुछ लोगों ने सबसे खराब वित्त मंत्री कह दिया, लेकिन मैंने कुछ नहीं कहा। मंत्री ने कहा कि यह सरकार और प्रधानमंत्री आलोचनाओं को सुनते हैं और सकारात्मक ढंग से जवाब देते हैं। उन्होंने विपक्ष पर… Continue reading निर्मला ने कहा, सबकी सुनती है सरकार

आर्थिक मंदी का एक और सबूत

आर्थिकी के जानकार हर दिन नए सबूतों के जरिए समझा रहे हैं कि देश आर्थिक मंदी की दिशा में बढ़ रहा है। गाड़ियों की बिक्री के आंकड़े पिछले 11 महीने से गिर रहे हैं। त्योहारों का सीजन होने के बावजूद इसमें तेजी नहीं आई।

संसद सत्र का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से

नई दिल्ली। अगले महीने से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने होंगे। सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की चुनौती होगी जबकि विपक्ष जम्मू कश्मीर और आर्थक सुस्ती जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। आपको बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से शुरू हो कर 13 दिसंबर तक चलेगा। सरकार आगामी सत्र में अनेक विधेयक लाने के साथ ही दो महत्वपूर्ण अध्यादेशों को कानून बनाने की योजना पर काम कर रही है। इनमें से एक अध्यादेश सितंबर में आयकर अधिनियम, 1961 और वित्त अधिनियम, 2019 में संशोधन के लिए जारी किया गया था। दूसरा अध्यादेश भी सितंबर में जारी किया गया था जो ई-सिगरेट और इसी तरह के उपकरणों की बिक्री, निर्माण और भंडारण पर प्रतिबंध से संबंधित है। पिछले दो वर्षों में शीतकालीन सत्र 21 नवंबर को शुरू हुआ था और जनवरी के पहले सप्ताह तक चला था।

सुस्ती के प्रभाव को कम करने के लिए सम्मिलित प्रयास हो: सीतारमण

वाशिंगटन/नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सुस्ती के प्रभाव को कम करने के लिए दुनिया भर के देशों से मिलकर प्रयास करने की अपील करते हुये कहा कि वैश्विक विकास को गति देने के लिए बहुस्तरीय पहल की जानी चाहिए। सीतारमण ने शुक्रवार को यहां अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक समूह की वार्षित बैठकों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भाग लिया। उन्होंने डेवलपमेंट कमेटी के वर्किंग लंच सत्र में भी भाग लिया। ये खबर भी पढ़ेः भारत सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल : सीतारमण  यह कमेटी विश्व बैंक और आईएमएफ की मंत्री स्तरी समिति है। इस बैठक में वैश्विक आर्थिक परिदृष्य पर चर्चा की गयी। इस दौरान श्रीमती सीतारमण ने चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुये कहा कि व्यापारिक युद्ध और संरक्षणवाद की नीति से अनिश्चितता का माहौल बना है जिससे अंतत: पूंजी , वस्तुओं और सेवाअों के प्रवाह प्रभावित हुये हैं। ये खबर भी पढ़ेः निवेश के लिए भारत से अच्छा कोई स्थान नहीं : सीतारमण उन्होंने पूरी दुनिया में एक आयी इस आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए सम्मलित पहल करने की अपील करते हुये कहा कि वैश्विक विकास को पटरी पर लाने के लिए बहुस्तरीय उपाय किये जाने की जरूरत… Continue reading सुस्ती के प्रभाव को कम करने के लिए सम्मिलित प्रयास हो: सीतारमण

मोदी सरकार की अक्षमता से देश में मंदी: मनमोहन

मुंबई। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि मोदी सरकार की भेदभावपूर्ण नीतियों तथा अक्षमता के कारण देश आर्थिक मंदी के संकट में फंस गया है जिसके चलते लोगों की उम्मीद धूमिल हुई हैं और उनका भविष्य अंधकारमय दिखाई देता है। डॉ सिहं ने गुरुवार को यहां एक कार्यक्रम में कहा कि देश में मंदी के चलते ही चीन से आयात तेजी से बढ़ा है। इस अवधि में आयात 1.22 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। देश में निवेश नहीं हो रहा है जिसके कारण रोजगार का संकट बढ़ रहा है और युवा कम पैसे में काम करने को मजबूर है। ग्रामीण क्षेत्रों में निराशा का माहौल और बेरोजगारी लोगों को भटकने के लिए मजबूर कर रही है। ये खबर भी पढ़ेः विश्व बैंक के बाद आईएमएफ ने भी दिखाया सरकार को आईना : प्रियंका पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार लाने की जरूरत है और इसके लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा मैंने अभी-अभी वित्तमंत्री निर्मला सीतारम का एक बयान देखा है, मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा, लेकिन मैं केवल यह बता सकता हूं कि अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए बीमारियों और उनके कारणों का सही निदान करने की आवश्यकता होगी।… Continue reading मोदी सरकार की अक्षमता से देश में मंदी: मनमोहन

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