लखीमपुर में किसानों के कई संकल्प

50 हजार किसानों की मौजूदगी में अंतिम अरदास। यूपी के हर जिले और देश के हर राज्य में अस्थि कलश यात्रा।

किसान आंदोलन और शाहीन बाग का फर्क

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ छह महीने से आंदोलन कर रहे किसान कहीं नहीं जा रहे हैं। वे दिल्ली को तीन तरफ से घेरे रहेंगे और सीमा पर बैठे रहेंगे। आंदोलन के छह महीने पूरे होने के मौके पर किसानों के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जरूरत पड़ी तो किसान 2024 तक यानी अगले लोकसभा चुनाव तक आंदोलन करते रहेंगे। उन्होंने आंदोलन कर रहे किसानों की वजह से कोरोना फैलने की बातों को खारिज करते हुए कहा कि जो किसान, जहां है वहीं से आंदोलन कर रहा है इसलिए यह सुपर स्प्रेडर इवेंट नहीं है। सो, यह तय है कि किसान आंदोलन का हस्र नागरिकता संशोधन कानून पर शाहीन बाग में हुए आंदोलन वाला नहीं होने जा रहा है। कोरोना की पहली लहर में शाहीन बाग का आंदोलन खत्म हो गया था। पहले आंदोलन में शामिल लोगों की संख्या धीरे धीरे कम हुई और उसके बाद चुपचाप आंदोलन खत्म हो गया। एक समय दिल्ली के शाहीन बाग से लेकर देश के दूर-दराज तक के हिस्सों में सीएए विरोधी आंदोलन चल रहा था। लेकिन वायरस की पहली लहर ने इसे खत्म कर दिया। ऐसा लग रहा था कि कोरोना की दूसरी लहर में किसान आंदोलन खत्म हो जाएगा… Continue reading किसान आंदोलन और शाहीन बाग का फर्क

26 जनवरी को लाल किले पर कब्जा कर ऐसा करना चाहते थे उपद्रवी, पुलिस की चार्जशीट में हुआ खुलासा

New Delhi: कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन अब देश के सबसे लंबे समय तक चलने वाले धरना प्रदर्शनों में शामिल हो गया है. लेकिन यह भी सच है कि किसान आंदोलन के दौरान 26 जनवरी को जो कुछ भी हुआ वह देश के इतिहास में काला दिवस के रूप में अंकित हो गया है. अब इस पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. दिल्ली की कोर्ट में पुलिस के द्वारा पेश की गई चार्जशीट के अनुसार किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किला पर कब्जा कर यहां स्थाई धरना स्थल बनाने की तैयारी कर रहे थे. किसानों का एक और भी मकसद था कि इसके लिए वे केंद्र सरकार को बदनाम करना चाहते थे. दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के सामने आने से एक बार फिर देश भर में हड़कंप मच गया है. निशान साहिब और किसान झंडा फहराने वाले को मोटी रकम का वादा दिल्ली कोर्ट में पुलिस द्वारा दायर की गई चार्जशीट के अनुसार पुलिस ने दावा किया है कि लाल किला के ऊपर निशान साहिब और किसानों का झंडा फहराने वाले शख्स को मोटी रकम देने का वादा किया गया था. 26 जनवरी के दिन हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस… Continue reading 26 जनवरी को लाल किले पर कब्जा कर ऐसा करना चाहते थे उपद्रवी, पुलिस की चार्जशीट में हुआ खुलासा

जयशंकर के साथ क्या हो रहा है?

भाजपा के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ट्विट करके सवालिया लहजे में कहा कि क्या भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को लंदन में क्वरैंटाइन कर दिया गया है? असल में जयशंकर की टीम के दो सदस्य कोरोना संक्रमित पाए गए। इसी वजह से माना जा रहा है कि भारत की पूरी टीम को क्वरैंटाइन किया गया है। पर वह एक अलग कहानी है। असली बात कोरोना के मामले में भारत सरकार की एक भी गलती नहीं मानने की जयशंकर की जिद है। वे पूरी बेशर्मी से सरकार की हर गलती का बचाव कर रहे हैं। असल में 35 साल तक सरकारी सेवा में रहने और यस सर, यस सर की ट्रेनिंग से उन्होंने वह बेशर्मी हासिल कर ली है, जिसे कोई राजनेता शायद ही हासिल कर सकता है। तभी कोरोना वायरस से लड़ाई में भारत सरकार की जो भी कमी बताई जा रही है वे उसके बचाव का कोई न कोई तर्क खोज लेते हैं। जैसे उन्होंने कुंभ मेले का भी बचाव कर दिया। उसका बचाव भाजपा का कोई नेता नहीं कर रहा है। लेकिन जब कुंभ मेले को कोरोना का सुपर स्प्रेडर बताया गया और इंडिया इंक के मनोज लाडवा ने जयशंकर से इस बार… Continue reading जयशंकर के साथ क्या हो रहा है?

किसानों पर सुप्रीम कोर्ट भी चुप

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में 145 दिन से आंदोलन कर रहे किसानों के बारे में जल्दी किसी फैसले की जरूरत है। अगर केंद्र सरकार कोई फैसला नहीं करती है तो उसका कारण समझ में आता है। उसका राजनीतिक मकसद है और जिस कारोबारी मकसद के लिए उसने ये कानून बनाए हैं उसे भी पूरा करना है। कुछ चुनिंदा कारोबारियों के हितों के सामने किसानों के हित उसके लिए ज्यादा मायने नहीं रखते हैं। लेकिन क्या सुप्रीम कोर्ट के सामने भी ऐसी ही मजबूरी है, जो वह फैसला नहीं कर रही है। आखिर सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंप दी है पर अदालत उस पर कोई विचार क्यों नहीं कर रही है? यह सही है कि इन दिनों कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की वजह से अदालत का काम पूरी रफ्तार से नहीं हो रहा है और वर्चुअल सुनवाई करनी पड़ रही है। लेकिन सर्वोच्च अदालत को प्राथमिकता तय करनी होगी। उसकी बनाई तीन सदस्यों की कमेटी ने कोई दस दिन पहले अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंप दी है। अदालत ने इस कमेटी को आठ हफ्ते का ही समय दिया था। हालांकि रिपोर्ट सौंपने में उससे… Continue reading किसानों पर सुप्रीम कोर्ट भी चुप

किसानों से बात करे सरकार

केंद्र सरकार को अपने बनाए कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के प्रति दुश्मनी का भाव छोड़ देना चाहिए और उनके साथ तत्काल बातचीत करनी चाहिए। राजधानी दिल्ली में जिस तेजी से कोरोना वायरस का संक्रमण फैल रहा है उसे देखते हुए यह आशंका निराधार नहीं है कि किसानों के बीच महामारी फैल सकती है। किसान 144 दिन से धरने पर बैठे हैं। वे थक भी गए हैं और खेती-किसानी का उनका काम भी प्रभावित हो रहा है। कोरोना का खतरा अलग से बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार उनसे बातचीत की शुरुआत करे और जिस शर्त पर होता है उनका आंदोलन खत्म कराने का प्रयास करे। भाजपा के सहयोगी और हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह आंदोलन कर रहे किसानों से बातचीत शुरू करे। भाजपा के अपने सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ट्विट करके कहा कि सरकार किसानों से बात करे और आंदोलन खत्म कराए। उन्होंने तो अपनी पार्टी की सरकार को सुझाव भी दिया कि कैसे आंदोलन खत्म कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से वादा करे कि जो भी राज्य इस कानून को लागू नहीं करना चाहता है वह इसे लागू नहीं… Continue reading किसानों से बात करे सरकार

मई में किसान करेंगे संसद मार्च

माना जा रहा है कि एक मई को मजदूर दिवस के मौके पर शायद किसान मार्च करें। 14 अप्रैल को संविधान बचाओ दिवस।

किसानों के साथ भी क्या शाहीन बाग होगा?

दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट को बताया है कि केसेज की बढ़ती संख्या की वजह से दिल्ली आपदा प्राधिकरण, डीएमए ने सार्वजनिक समारोहों पर रोक लगा दी है

चुनाव बाद किसान आंदोलन का क्या होगा?

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार को कहा कि सिख-सरदार किसी बात को तीन सौ साल तक याद रखते हैं। आखिर शहीद उधम सिंह ने 19 साल बाद जालियांवाला बाग का बदला लिया था।

लॉस एंजिल्स के Grammy 2021 तक पहंची किसानों की आवाज, अनोखे अंदाज में इस यूट्यबर ने की अपील

New Delhi: दुनिया में संगीत के लिए सबसे बड़े अवार्ड शो ग्रैमी अवार्ड्स का आयोजन कन्वेंशन सेंटर लॉस एंजिल्स (Los Angeles) में संपन्न हुआ. कोरोना के संक्रमण को देखते हुए इस बार इस अवार्ड शो का आयोजन वर्चुअल (Virtual) कराया गया. इस अवार्ड शो में कई बड़े सितारों ने शिरकत की . अवार्ड शो को होस्ट ट्रेवर नोआ ने की. वहीं इसकी मेजबानी डेली शो ने की. इस अवार्ड शो में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रही मशहूर यूट्यूबर (YouTuber) और कंटेंट क्रिएटर लिली सिंह (Lily Singh). लिली सिंह इस अवार्ड शो में एक अनोखे अंदाज में दिखी. दरअसल लिली ने अवार्ड शो में एक मास्क पहना था जिसपर लिखा था’ I Stand With Farmers’ . इसे भी पढ़ें- कोरोना के बढ़ते मामले से राहुल चिंतित, कहा- मैंने तो पहले ही कहा था… कौन है लिली सिंह बता दें कि मशहुर लिली सिंह भारत की ही रहने वाली है. इनके माता पिता का जन्म पंजाब में ही हुआ था. उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफार्म में खासा पसंद किया जाता है. सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वो अब एक बड़ी कॉमेडियन के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं. लिली का अपना एक टॉक शो भी है. हालांकि लिली सिंह को पहचान कनाडाई एंटरटेनर… Continue reading लॉस एंजिल्स के Grammy 2021 तक पहंची किसानों की आवाज, अनोखे अंदाज में इस यूट्यबर ने की अपील

किसान आंदोलनः 100 दिन बाद

आंदोलनकारी किसानों के दिल्ली में डेरा डाले 100 से ज्यादा हो गए हैं। लेकिन गतिरोध जहां का तहां है। कई विश्लेषकों का आरंभ से अनुमान था कि इस आंदोलन का गतिरोध खत्म नहीं होगा।

न आंदोलन हो और न आलोचना

देश देश में इससे पहले भी केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों या फैसले के खिलाफ आंदोलन होते रहे हैं। मनमोहन सिंह की सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में जितने आंदोलन और प्रदर्शन देखे, उसकी मिसाल आजाद भारत के इतिहास में नहीं है

किसान आंदोलन के बाद अब बाल मजदूरी पर घिरीं अमेरिकी पॉप स्टार रिहाना

भारत में किसान आंदोलन को अपना समर्थन देने पर चौतरफा फटकार झेल रहीं जानी-मानी अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना अब बाल मजदूरी को लेकर घिरती नजर आ रही हैं।

बिहार में विपक्ष की तमाम कोशिशों के बाद भी आंदोलन से नहीं जुडे किसान!

दिल्ली की सीमा पर जारी किसान आंदोलन के समर्थन में बिहार के विपक्षी दलों के नेता मानव श्रृंखला, ट्रैक्टर रैली, राजभवन मार्च, धरना और प्रदर्शन भले ही आयोजित कर चुके हैं

कृषि कानून की वापसी तक किसान आंदोलन को समर्थन : प्रियंका

दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान जान गंवाने वाले किसान नवरीत सिंह की अंतिम अरदास में शिरकत करने पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि कृषि कानून वापस नहीं लेना

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