डेजी रिडले को सोशल मीडिया से लगता है डर

अभिनेत्री डेजी रिडले का कहना है कि सोशल मीडिया में तनाव की अधिकता इतनी ज्यादा है, जो वाकई में डरा देने वाला है। ‘स्टार वॉर्स’ की नई फिल्मों में रे के किरदार से मशहूर हुईं

बिहार में है भ्रम और भय का माहौल : कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि जिस बिहार को लम्बे समय से सुशासन देने की बात की जाती रही है वहां आज भय एवं भ्रम का माहौल है और यह स्थिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पैदा की है।

यौन रिश्ते में डर है जेनोफोबिया

ऐसा रोग जिसमें व्यक्ति यौन अंतरंगता अर्थात सेक्सुअल इंटीमेसी से डरता है। यह पुरूषों और महिलाओं दोनों को होता है लेकिन हमारे देश में इसके पीड़ितों में महिलाओं का प्रतिशत ज्यादा है। मेडिकल साइंस में इसे क्वाइटोफोबिया या इरोटोफोबिया भी कहते हैं।

डर सबसे बड़ी बाधा है : वाणी कपूर

अभिनेत्री वाणी कपूर का कहना है कि वह डर को खत्म करने की दिशा में काम कर रही हैं। वाणी ने बताया, “मैं डर में नहीं जीने के लिए अपने आप पर बहुत मेहनत कर रही हूं,

झारखंड के कांग्रेसियों को भी सताने लगा है विधायक टूटने का ‘डर’!

मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाद अब कांग्रेस के नेताओं को झारखंड में भी विधायकों के टूटने का डर सताने लगा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और झारखंड के मंत्री रामेश्वर उरांव कहते भी हैं

एक नवागंतुक कलाकार होने के नाते अनिश्चितताएं मुझे डराती हैं : अन्या सिंह

नवागंतुक अभिनेत्री अन्या सिंह का कहना है कि कोविड-19 की यह अनिश्चित घड़ी उन्हें डरा रही है, लेकिन वह सकारात्मक बनी हुई हैं।

असफलता के विचार ने नियाल होरान को किया प्रेरित

वन डायरेक्शन पूर्व बैंडमेट नियाल होरान का कहना है कि असफल होने का डर उन्हें अपने काम में प्रेरित करता रहता है। 26 वर्षीय गायक ने बताया कि किस तरह असफल होने के डर ने उन्हें उनके नए एल्बम ‘हर्टब्रेक वेदर’ के लिए प्रेरित किया।

कलाकारों को सताने लगा कोरोना का डर

नई दिल्ली। कोरोनावायरस के डर से मनोरंजन की दुनिया भी अछूती नहीं रही। दुनियाभर में तेजी से फैल रहे संक्रमण को देखते हुए कई सितारों ने अपनी फिल्मों की शूटिंग को रीशेड्यूल कराने के अलावा, कई शहरों की यात्राओं और फिल्मों के प्रमोशन को भी रद्द कर दिया है। कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर की फिल्म… Continue reading कलाकारों को सताने लगा कोरोना का डर

जड़ कारण है भूख, भय और मंद बुद्धि!

नामुमकिन, असाध्य सा है भारत और भारत की भीड़, हिंदुओं के दिमाग को समझ सकना! जितनी कोशिश करेंगे उलझते और भटकते जाएंगे! हमें अपनी सुध नहीं है और दुनिया ने जैसे हमें समझा हुआ है उसका हमें भान नहीं है! सोचें, विदेशियों की निगाह में हम हिंदू क्या अर्थ लिए हुए थे या हैं?