बसपा ने विधायकों के विलय को चुनौती दी

बहुजन समाज पार्टी अब खुल कर राजस्थान की सियासी उठापटक का हिस्सा बन गई है। पार्टी ने अपने छह विधायकों के कांग्रेस में विलय को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

राजस्थान में तुरंत कराएं शक्ति-परीक्षण

ऐसा लग रहा है कि राजस्थान की राजनीति पटरी पर शीघ्र ही आ जाएगी। राज्यपाल कलराज मिश्र का यह बयान स्वागत योग्य है कि वे विधानसभा का सत्र बुलाने के विरुद्ध नहीं हैं लेकिन उन्होंने जो तीन शर्तें रखी हैं, वे तर्कसम्मत हैं और उन तीनों का संतोषजनक उत्तर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दे ही रहे हैं।

बसपा मामले में भाजपा ने फिर दी याचिका

विधायक बहुजन समाज पार्टी के थे और वे शामिल हुए हैं कांग्रेस में परंतु इस पर आपत्ति भाजपा को है।

मप्र के राज्यपाल का फ्लोर टेस्ट का आदेश सही था: सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश में पिछले माह हुए राजनीति संकट को लेकर आज अंतिम आदेश सुनाया जिसमें उसने कहा कि तत्कालीन हालात के मुताबिक राज्य विधानसभा में बहुमत परीक्षण

आ देखें जरा… किसमें कितना है दम…

दरअसल किस दल को सरकार बनाने लायक बहुमत प्राप्त है इसका लिटमस टेस्ट फ्लोर टेस्ट ही है और कोई भी दल तब यह टेस्ट कराना चाहता है जब उसे पूरा भरोसा होता है कि उसके विधायकों की संख्या बहुमत के लायक है

कमलनाथ ने बुलाई विधायक दल की बैठक

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री आवास पर आज विधायक दल की बैठक बुलाई है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर आज कमलनाथ

फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस पराजित होगी : भाजपा

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश विधानसभा में कल शक्ति परीक्षण (फ्लोर टेस्ट) कराए जाने के फैसले का पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ने स्वागत करते हुए इसे सत्यमेव जयते यानी सत्य की जीत बताया है।

कांग्रेस फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार : पटवारी

मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा है कि कांग्रेस तो हमेशा फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार रही है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मध्य प्रदेश की विधानसभा में बहुमत परीक्षण कराए

कमलनाथ को कल साबित करना होगा बहुमत: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में मचे सियासी घमासान के बीच आज बड़ा फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कल शाम पांच बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने का स्पीकर को निर्देश दिया है।

मध्यप्रदेश में उठा-पटक जारी

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश विधानसभा में बहुमत परीक्षण 26 मार्च तक टाले जाने के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी है, जबकि कांग्रेस के बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पेश होने से इन्कार किया है। कांग्रेस के 16 बागी विधायकों ने न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की खंडपीठ के समक्ष बुधवार को दलील दी कि वे सुरक्षा कारणों से विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पेश होना नहीं चाहते। उन विधायकों की ओर से पेश हो रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने कहा कि उनके मुवक्किल बेशक उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के चैंबर में पेश होने को तैयार हैं, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पेश नहीं होना चाहते। उन्होंने कहा कि यदि कोर्ट चाहे तो उन विधायकों से कोर्ट रजिस्ट्रार मिल सकते हैं लेकिन न्यायालय ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। न्यायालय में बुधवार दिन भर सुनवाई चली और अपराह्न करीब सवा चार बजे खंडपीठ ने सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी। अब इस मामले पर सुनवाई आज साढ़े 10 बजे होगी। दिग्विजय को विधायकों से मिलने से रोका बेंगलुरु में बुधवार की सुबह उस रिजॉर्ट के पास नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला… Continue reading मध्यप्रदेश में उठा-पटक जारी

मप्र में भाजपा प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा

भोपाल। मध्यप्रदेश में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच भाजपा का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को एक बार फिर राजभवन पहुंचा। भाजपा नेताओं की राज्यपाल के साथ चर्चा चल रही है। प्रतिनिधिमंडल में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वी.डी. शर्मा, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के अलावा अन्य नेता भी शामिल हैं। भाजपा की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि कांग्रेस के 22 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। इस कारण राज्य की कमल नाथ सरकार अल्पमत में आ गई है। बीते तीन दिनों में राज्यपाल लालजी टंडन की ओर से दो पत्र लिखकर मुख्यमंत्री कमल नाथ को शक्ति परीक्षण (फ्लोर टेस्ट) के लिए कहा गया, मगर उस पर अमल नहीं हुआ। राज्यपाल ने 17 मार्च तक फ्लोर टेस्ट कराने को कहा था और यह भी कहा था कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो माना जाएगा कि सरकार को बहुमत नहीं है। इसी बात को लेकर भाजपा का प्रतिनिधिमंडल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के नेतृत्व में राजभवन पहुंचा है।

शक्ति परीक्षण पर न्यायालय ने कल तक मांगा जवाब

उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश विधानसभा में तत्काल शक्ति परीक्षण कराने की मांग करने वाली, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर कमलनाथ सरकार से कल तक जवाब मांगा है।

अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा फ्लोर टेस्ट

मध्यप्रदेश की राजनीति में इस समय अजीबोगरीब स्थिति है। आपस में नेताओं की मुलाकात हो रही है, लेकिन भरोसा टूटता जा रहा है। हरेक को संदेह की निगाहों से देखा जा रहा है।

मप्र : राज्यपाल के दूसरे पत्र के बाद भी फ्लोर टेस्ट पर संशय

भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन द्वारा लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट करने के लिए कहने के बाद भी विधानसभा में इस पर अमल होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष एन.पी. प्रजापति ने कोरोनावायरस को कारण बताते हुए विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी है, ऐसे में फ्लोर टेस्ट होने को लेकर संशय की स्थिति बन गई है। राज्यपाल टंडन ने 14 मार्च को पत्र लिखकर विधानसभा के बजट सत्र के अभिभाषण के बाद फ्लोर टेस्ट कराने को कहा था, लेकिन 16 मार्च को ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद राज्यपाल ने इस पर सख्त एतराज जताते हुए मुख्यमंत्री को दोबारा पत्र लिखा और 17 मार्च तक फ्लोर टेस्ट के लिए कहा। इस बार भी फ्लोर टेस्ट को लेकर संशय की स्थिति बन गई है क्योंकि 16 मार्च को ही विधानसभा सत्र को 26 मार्च तक के लिए स्थगित किया जा चुका है। अब यह मामला सर्वोच्च न्यायालय भी पहुंच चुका है। सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल के पत्र के बाद कांग्रेस ने जयपुर से लाए अपने विधायकों को भोपाल में ही आगामी रणनीति के तहत रखा हुआ है। वहीं भाजपा ने स्थिति को देखते… Continue reading मप्र : राज्यपाल के दूसरे पत्र के बाद भी फ्लोर टेस्ट पर संशय

मप्र : भाजपा विधायकों का दिल्ली जाना रद्द

भोपाल। मध्य प्रदेश के भाजपा विधायकों को दिल्ली ले जाने की योजना को रद्द कर दिया गया है। विधायक हवाईअड्डे से होटल की ओर लौटने लगे हैं। विधायकों को आमेर ग्रीन नहीं बल्कि अन्य होटल में ठहराने की तैयारी है। भाजपा विधायकों को विधानसभा के सत्र में शामिल करने के लिए रविवार की देर रात को मानेसर से भोपाल लाया गया था, मगर विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च तक के लिए स्थगित किए जाने पर फिर विधायकों को दिल्ली भेजा जा रहा था। विधायकों को होटल आमेर ग्रीन से हवाईअड्डे पर लाया गया था, विधायक विमान में बैठने की तैयारी में थे मगर अचानक दिल्ली जाना निरस्त कर दिया गया है। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री विजय शाह ने कहा राज्यपाल ने मंगलवार को फ्लोर टेस्ट के लिए पत्र लिखा है, इसलिए दिल्ली जाने के कार्यक्रम को निरस्त किया गया है। वैसे इस बात की उम्मीद कम है कि मुख्यमंत्री द्वारा राज्यपाल के निर्देश पर अमल हो। सूत्रों का कहना है कि भाजपा के विधायकों को अब भोपाल के आमेर ग्रीन में नहीं बल्कि पड़ोसी जिले सीहोर के एक होटल में ठहराया जा सकता है।

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