विकास दर -11.5 फीसदी रहेगी!

दुनिया की जानी-मानी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अपना अनुमान बदला है। अब उसने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर साढ़े 11 फीसदी तक गिरेगी।

दिवालिया आर्थिकी, कब मानेंगे?

देशप्रेम, देशभक्ति का अर्थ है हम देश की चिंता करें। यदि देश की आर्थिकी दिवालिया हो रही है तो फिक्र करें या नहीं? क्या भक्त लोगों को भी सच्चाई समझते हुए सरकार पर दबाव नहीं बनाना चाहिए कि अब तो जागो।

आंकड़ों से अधिक अनुभव की सच्चाई

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दैवीय घटना के हवाले अपने को लाचार बताया। भारत सरकार यदि राज्यों को उनका पैसा नहीं दे सकती है तो क्या यह इस बात का प्रमाण नहीं है कि भारत की आर्थिकी कितनी खाली हो गई है।

ग्रेट डिप्रेशन जैसे हालात बन रहे हैं

कह सकते हैंअभी से ऐसा कहना जल्दबाजी होगी कि देश 1933 के ग्रेट डिप्रेशन यानी महान आर्थिक मंदी की तरफ बढ़ रहा है। पर हालात उसी तरफ इशारा कर रहे हैं। इस बार की मंदी 2008-11 वाली नहीं है।