तीनों सेनाओं में समन्वय बढाने में जुटे सीडीएस

नव नियुक्त चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने कार्यभार संभालने के तुरंत बाद एकीकृत डिफेंस स्टाफ मुख्यालय के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और एकीकरण बढाने के लिए निश्चित समय सीमा में सिफारिशें देने को कहा है।

भारत में फील्ड मार्शल और सीडीएस

जनरल बिपिन रावत को सेना प्रमुख के पद से रिटायर होने के साथ ही देश का पहला सेना प्रमुख याकि‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ’ (सीडीएस) बना ही दिया गया। साल के अंतिम दिन उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया। इससे पहले हम लोगों ने सेना में फील्ड मार्शल जैसा ही सर्वोच्च पद का नाम सुना था। दरअसल इसमें भी एक अलग ही कहानी है। सेना के तीनों अंग, जल, थल व वायु सेना के प्रमुखों से भी बड़ा सम्मान फील्ड मार्शल का होता है। सैन्य प्रमुख फील्ड मार्शल कहलाता है जोकि पांच सितारो वाला अधिकारी होता है। उसे पांच सितारा जनरल भी कहते हैं। वह जीवन भर इसी पद पर बना रहता है व रिटायर नहीं होता। उसें पेंशन की जगह अपना वेतन मिलता रहता है और वह सरकारी कार्यक्रमों में अपनी वर्दी पहनकर ही आता है। हुआ यह कि 1971 में नए देश बांग्लादेश के गठन में सैम मानेकशा की अभूतपूर्व भूमिका को ध्यान में रखते हुए इंदिरा गांधी ने उन्हें फील्ड मार्शल बना दिया था। इससे पहले यह सम्मान पद केएस करियप्पा को दिया गया था। नौ-सेना के इस पद को मार्शल ऑफ द एयर चीफ व नौ-सेना में मार्शल ऑफ द नेवी कहा जाता है। जनरल बिपिन… Continue reading भारत में फील्ड मार्शल और सीडीएस

सेना राजनीति से दूर रहती है

नई दिल्ली। देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने अपने बयानों को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवादों पर पहली बार सफाई दी है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा है कि सशस्त्र बल अपने आप को राजनीति से दूर रखते हैं और सरकार के निर्देशों के अनुरूप काम करते हैं। उनका यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से विपक्षी पार्टियां सेना के राजनीतिकरण के आरोप लगा रही हैं। इन विवादों के बीच जनरल रावत ने बुधवार को सफाई दी। साथ ही उन्होंने कहा कि सीडीएस के तौर पर उनका लक्ष्य तीनों सेवाओं के बीच समन्वय और एक टीम की तरह काम करने पर केंद्रित होगा।उन्होंने कहा- हम अपने आप को राजनीति से दूर रखते हैं। हम मौजूदा सरकार के निर्देशों के अनुसार काम करते हैं। जनरल रावत ने कहा कि उनका ध्यान यह सुनिश्चित करने पर होगा कि तीनों सेनाओं को मिले संसाधनों का सर्वश्रेष्ठ और सर्वोत्तम इस्तेमाल हो। चीन पर भी बराबर नजर रहेगी नए थल सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे ने 31 दिसंबर को पद संभालने के तुरंत बाद पाकिस्तान पर दिए अपने बयान के एक दिन बाद बुधवार को कहा कि चीन पर भी भारतीय सेना की… Continue reading सेना राजनीति से दूर रहती है

जनरल बिपिन रावत ने सीडीएस का कार्यभार संभाला

नई दिल्ली। पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के तौर पर कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने कहा कि उनका काम देश के सैन्य बलों के विभिन्न अंगों के बीच तालमेल बिठाना है। मंगलवार को भारत के सेनाध्यक्ष के तौर पर सेवानिवृत्त हुए रावत को तीनों सेनाओं ने गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान रावत के अलावा सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवने, एयर चीफ मार्शल राकेश सिंह भदौरिया और नौसेना प्रमुख करमबीर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। जनरल रावत ने मीडिया से कहा सेना के तीनों अंग एक टीम के तौर पर काम करेंगे। इसे भी पढ़ें : रावत बने सेना प्रमुख, सीडीएस सीडीएस को दी गई जिम्मेदारी के अनुसार, हमें समाकलन बढ़ाना होगा और बेहतर संसाधन प्रबंधन करने होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और सामंजस्य बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा हमारी कार्रवाई टीमवर्क पर आधारित है। समाकलन और टीमवर्क के माध्यम से हमें और हासिल करना होगा।

नया सेना-प्रधानः कुछ सवाल?

भारत को आजाद हुए 72 साल हो गए लेकिन देश के सेना प्रमुख या सेनापति या सेनाध्यक्ष या प्रधान सेनापति की नियुक्ति अब हो रही है। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए नरेंद्र मोदी सरकार को बधाई! यहां पहला सवाल है कि यह नियुक्ति सभी सरकारों के द्वारा टाली क्यों जाती रही? क्योंकि हर प्रधानमंत्री को यह कहकर डरा दिया जाता था कि सेना के तीनों अंगों का यदि एक प्रधान हुआ तो इस बात की पूरी संभावना है कि वह आसानी से तख्ता-पलट कर दे। इस बात की पुष्टि आज से पूरे 50 साल पहले कनाडा की मेकगिल युनिवर्सिटी में मेरे भाषण के दौरान एक भारतीय जनरल ने कही थी, जो नेहरु-काल में उच्चपदस्थ थे। करगिल-युद्ध के बाद जो के. सुब्रह्मण्यम कमेटी बनी थी उसने भी साफ-साफ कहा था कि हमारी सेना के तीनों अंगों का एक प्रधान होना चाहिए। इस प्रधान की घोषणा तो हो गई लेकिन इसका पदनाम अजीब-सा है। ‘चीफ आफ डिफेंस स्टाफ’ बहुत ही अस्पष्ट-सा पदनाम है। इसका अर्थ क्या हुआ ?यह ठीक है कि अब जनरल बिपिन रावत परमाणु कमान के सदस्य भी बन जाएंगे लेकिन उनकी हैसियत क्या होगी ? वे जल, थल और नभ सेनाओं के मुखियाओं के बीच वैसे ही रहेंगे, जैसे… Continue reading नया सेना-प्रधानः कुछ सवाल?

रावत बने सेना प्रमुख, सीडीएस

नई दिल्ली। तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, सीडीएस की नियुक्ति के साथ ही केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्रालय के अंदर सैन्य मामलों का एक नया विभाग भी बना दिया है। नए बने सीडीएस जनरल बिपिन रावत इस नए विभाग के प्रमुख होंगे। मंगलवार को एक सरकारी आदेश जारी कर यह जानकारी दी गई। थल सेना प्रमुख के रूप में तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद जनरल रावत को सोमवार को देश का पहला सीडीएस नामित किया गया था। इसके साथ ही भारत यह पद बनाने वाला पांचवा देश बन गया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक नए विभाग के पास थल सेना, नौसेना और वायु सेना तीनों से जुड़े काम होंगे। इसके अलावा मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार पूंजीगत खरीद को छोड़ कर सेवाओं के लिए विशिष्ट खरीद की भी जिम्मेदारी नए विभाग के पास होगी। इस आदेश में कहा गया है कि विभाग संयुक्त और थिएटर कमानों की स्थापना सहित संचालन में सहयोग के जरिए संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल के लिए सैन्य कमांड के पुनर्गठन की सुविधा सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा यह संयुक्त योजनाओं और आवश्यकताओं के एकीकरण के जरिए सैन्य सेवाओं में खरीद, प्रशिक्षण और… Continue reading रावत बने सेना प्रमुख, सीडीएस

जनरल नरवाने बने सेना प्रमुख

जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे ने मंगलवार को 28वें सेनाध्यक्ष का पदभार ग्रहण कर लिया।

जनरल नरवाणे ने जनरल बिपिन रावत की जगह ली है

तीनों सेनाओं के प्रतीक चिन्हों वाली सेना की वर्दी पहनेंगे सीडीएस

नई दिल्ली। जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का कार्यभार बुधवार को संभालेंगे और उनका कार्यालय साउथ ब्लाक में होगा तथा वह सेना की ही वर्दी पहनेंगे जिसमें तीनों सेनाओं का समन्वय दिखाई देगा। सेना ने स्पष्ट किया है कि जनरल रावत सेना प्रमुख के पद से मुक्त हुए हैं और सेना से सेवानिवृत नहीं हुए हैं। सीडीएस के तौर पर वह सेना में बनें रहेंगे। नकी वर्दी पर लगे रैंक बैज, बटन, बेल्ट और टोपी पर तीनों सेनाओं के चिन्हों तथा प्रतीकों का समन्वय होगा। ये सीडीएस के पद की भूमिका के अनुरूप तीनों सेनाओं में एकीकरण और तालमेल के प्रतीक होंगे। उनकी कार पर लगने वाले ध्वज में भी तीनों सेनाओं के चिन्ह होंगे। रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि सीडीएस पद की अधिकतम आयु 65 वर्ष होगी हालाकि इसमें उसके कार्यकाल की अवधि निर्धारित नहीं की गयी है। जनरल रावत को सोमवार को सीडीएस के पद पर नियुक्त किया गया था। सेना प्रमुख के तौर पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद वह आज ही पदमुक्त हुए हैं। उनके स्थान पर जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को नया सेना प्रमुख बनाया गया है।

हर कसौटी पर खरी उतरी है सेना: जनरल रावत

सेना प्रमुख के तौर पार तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद आज सेवानिवृत्त हो रहे जनरल बिपिन रावत ने कहा कि विषम परिस्थितियों में मोर्चों पर तैनात सेना संकट की घड़ी में हर कसौटी पर खरी उतरी है।

कोविंद से मिले जनरल रावत

नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। जनरल रावत मंगलवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं और उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे अगले सेना प्रमुख होंगे। तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर से सेना प्रमुख की इस मुलाकात को सेवा निवृत होने से पहले शिष्टाचार भेंट बताया गया है। सरकार ने सेना के तीनों अंगों में तालमेल बढ़ाने तथा तीनों सेनाओं को एक कमान के नीचे लाने के लिए चार स्टार के रैंक वाले जनरल के तौर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ सीडीएस का पद सृजित किया है और जनरल रावत का नाम देश के पहले सीडीएस के लिए सबसे आगे चल रहा है।

सेना पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष, मानवाधिकारों का करती है सम्मान: जनरल रावत

नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि देश की सशस्त्र सेनाएं धर्मनिरपेक्ष हैं और मानवाधिकारों का पूरी तरह सम्मान करती हैं। जनरल रावत ने शुक्रवार को मानवाधिकार आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रशिक्षुओं को ‘युद्ध के समय मानवाधिकारों का संरक्षण और युद्धबंदी’ विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह अनुशासित और सभी मानवाधिकारों का सम्मान करती हैं। सेनाएं न केवल अपने लोगों बल्कि दुश्मन के मानवाधिकारों का भी संरक्षण करती हैं और युद्धबंदियों के साथ जिनेवा संधि के अनुसार व्यवहार करती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं का व्यवहार इंसानियत और शराफत के मूलमंत्र पर आधारित है। वे पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष हैं। प्रौद्योगिकी के उदय के साथ युद्ध के बदलते तौर तरीके बड़ी चुनौती हैं। सैन्य हमलों के विपरीत आतंकवादी हमलों के संदर्भ में अंतर्राष्ट्रीय कानून में किसी तरह की जवाबदेही नहीं है। इसलिए आतंकवाद रोधी और उग्रवाद रोधी अभियानों से निपटते समय लोगों का दिल जीतना जरूरी है। इन अभियानों को अंजाम देते समय वास्तविक आतंकवादियों का पता लगाना जरूरी है और यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि इससे आस पास की संपत्ति या अन्य लोगों को नुकसान नहीं पहुंचे। यह बेहद चुनौतीपूर्ण और कठिन काम है। यह भी पढ़ें:- लेफ्टिनेंट… Continue reading सेना पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष, मानवाधिकारों का करती है सम्मान: जनरल रावत

दिग्विजय ने सेना प्रमुख रावत की टिप्पणी पर दी प्रतिक्रिया

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) प्रदर्शन के खिलाफ टिप्पणी ने एक नया मोड़ ले लिया है और इस पर प्रतिक्रिया शुरू हो गई है।

सेना प्रमुख कूदे राजनीति में!

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर रुख जाहिर करते हुए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने आज कहा कि भारी भीड़ को हिंसा के लिए उकसाना और आगजनी करना नेतृत्व नहीं है।

कश्मीर और एलओसी का नया मोर्चा!

अजित कुमार- केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर पर ऐतिहासिक फैसला किया था। उसे विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म कर दिया गया और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया। उसी समय विपक्षी पार्टियों के तमाम बड़े नेताओं को नजरबंद कर दिया गया और संवेदनशील इलाकों में कई किस्म की पाबंदियां लागू कर दी गईं। जम्मू क्षेत्र के कुछ नेता नजरबंदी से रिहा हुए हैं पर घाटी के बड़े नेताओं, जिनमें तीन पूर्व मुख्यमंत्री भी  शामिल हैं, उनको नजरबंद रखा गया है और वह भी जन सुरक्षा अधिनियम यानी पीएसए के तहत। राज्य के ज्यादातर इलाकों में अब भी इंटरनेट और मोबाइल पर पाबंदी लगी है। पिछले करीब साढ़े चार महीने में सरकार का पाबंदी और नजरबंदी का यह फैसला कारगर दिखा है। राज्य में शांति रही है और तभी गृह मंत्री अमित शाह ने कई बार कहा कि अनुच्छेद 370 में बदलाव के फैसले के बाद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों को एक भी गोली चलाने की जरूरत नहीं पड़ी है। पर अब हालात बदल सकते हैं। अब कश्मीर घाटी और नियंत्रण रेखा पर नया मोर्चा खुल सकता है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन… Continue reading कश्मीर और एलओसी का नया मोर्चा!

सेना प्रमुख ने जताया टकराव का अंदेशा

नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सीमा पर टकराव का अंदेशा जताया है। उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा, एलओसी पर स्थिति कभी भी खराब हो सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना किसी भी समय जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। सेना प्रमुख ने कहा- सीमा पर स्थिति कभी भी बिगड़ सकती है, लेकिन हम पूरी ताकत के साथ जवाब देने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से संघर्षविराम के उल्लंघन की लगातार खबरें आ रही हैं, ऐसे में सेना प्रमुख का बयान बेहद गंभीर है। बताया जा रहा है कि अगस्त से ही पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की घटनाओं में बढ़ोतरी हो गई है। ध्यान रहे अगस्त में ही सरकार ने जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया था। मंगलवार को भी भारतीय सेना ने सुंदरबनी सेक्टर में पाकिस्तान की बोर्डर एक्शन टीम, बैट की कार्रवाई को नाकाम कर दिया था। गौरतलब है कि पाकिस्तान लगातार अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जम्मू कश्मीर का मामला उठाता रहा है। हालांकि उसे भारत के खिलाफ कोई खास कामयाबी नहीं मिल पाई है। इस बीच पिछले दिनों ही केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने संसद को बताया… Continue reading सेना प्रमुख ने जताया टकराव का अंदेशा

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