जीएसटी फ्रेमवर्क में बुनियादी बदलाव की जरूरत: सिंह

नई दिल्ली। पंद्रवें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन के सिंह ने सोमवार को कहा कि दो वर्ष पूर्ण करने के बावजूद अभी भी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधूरा है और इसमें बुनियादी बदलाव लाने की जरूरत है। सिंह ने कर से जुड़े हितधारकों को सम्मानित करने के लिए टीआईओएल पुरस्कार की घोषणा और इसकी वेबसाइट की शुरूआत के मौके पर कहा कि जीएसटी फ्रेमवर्क में बुनियादी बदलाव लाने की जरूरत है और इसके मूल उद्देश्य को हासिल करने के लिए इस सबसे बड़े अधूरे कर सुधार को पूरा करने की दरकार है। उन्होंने कहा कि एक जुलाई 2017 को केंद्र और राज्य सरकारों ने जीएसटी को कई अप्रत्यक्ष कर को मिलाकर लागू किया गया था और राज्यों ने उन्हें कहा है कि जीएसटी राजस्व के संबंध में निर्णय लेने में उनकी भूमिका बहुत कम या नगण्य है। उन्होंने कहा कि कर राजस्व में बहुत कम बढोतरी होने से आयोग अवगत है। उन्होंने कहा कि कर का उपयोग उसके संग्रह पर निर्भर करता है। सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के मद्देनजर आयोग के दायरे में लाये जाने के संबंध में अब तक सरकार की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गयी है।

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