एयर इंडिया ने यूरोप जाने वाली सभी उड़ानें रद्द की

नई दिल्ली। सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के मद्देनजर यूरोप जाने वाली सभी उड़ानें 19 मार्च से 31 मार्च तक रद्द कर दी है। एयरलाइन ने मंगलवार को बताया कि ब्रिटेन और शेष यूरोप जाने वाली उसकी उड़ानें सिर्फ 18 मार्च तक परिचालन में रहेंगी। ये उड़ानें 19 मार्च से 31 मार्च तक निलंबित रहेंगी। उसने बताया कि दिल्ली और लंदन के बीच की दो जोड़ी उड़ानें, दिल्ली और वियेना, दिल्ली और फ्रैंकफर्ट, दिल्ली और पेरिस अहमदाबाद-लंदन-बेंगलुरु तथा मुंबई और लंदन के बीच सेवा 18 मार्च तक ही उपलब्ध होगी। उसने इससे पहले भी यूरोप को जाने वाली उड़ानों की संख्या में कमी की थी। इसके अलावा 18 मार्च के लिए मुंबई से लंदन जाने और वहां से आने वाली, अहमदाबाद-लंदन और लंदन-बेंगलुरु उड़ानों के समय में बदलाव किया गया है। ये उड़ानें समय से डेढ़ से पौने दो घंटे पहले रवाना होंगी।

ईरान से होकर नहीं जायेंगे एयर इंडिया के विमान

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के मद्देनजर सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने फिलहाल ईरान के हवाई क्षेत्र में उड़ान नहीं भरने का निर्णय किया है।

उड़ानें बंद होने की अफवाह आधारहीन: एयर इंडिया

नई दिल्ली। सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने मंगलवार को एक स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि उसकी उड़ानें बंद होने पर बाजार में जारी अफवाह आधारहीन है और कंपनी का परिचालन निर्बाध रूप से जारी रहेगा। एयरलाइन की वाणिज्यिक निदेशक मीनाक्षी मलिक ने कंपनी के कारोबार सहयोगियों को जारी संदेश में कहा है, यात्रा कारोबार के बाजार में यह अफवाह है कि एयर इंडिया उड़ानों का परिचालन बंद कर सकती है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि इन अफवाहों का कोई आधार नहीं है और इनमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। मलिक ने कहा कि सेवा के स्तर से कोई समझौता किए बिना एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति और परिचालन के बारे में समुचित कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कंपनी के यात्रा कारोबार क्षेत्र के सहयोगियों को भरोसा दिलाया कि एयर इंडिया के साथ उनका कारोबार पूरी तरह सुरक्षित है। एयरलाइन अब भी वैश्विक बाजार में उचित कारोबारी अवसर का लाभ उठाकर विस्तार करने के लिए तैयार है।

एलायंस एयर ने गुवाहाटी से शुरू की दीमापुर, इंफाल की उड़ान

नई दिल्ली। सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया की इकाई एलायंस एयर ने असम की राजधानी गुवाहाटी से नागालैंड के सबसे बड़े शहर दीमापुर और मणिपुर की राजधानी इंफाल के लिए शनिवार को उड़ान की शुरुआत की। एलायंस एयर को इन मार्गों का आवंटन छोटे तथा मझौले शहरों के लिए सरकार की सस्ती विमान सेवा योजना ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) के तहत किया गया था। इसके तहत दूरी के हिसाब से सरकार ने अधिकतम किराया तय कर दिया है। किसी उड़ान की आधी सीटें ‘उड़ान’ के तहत बुक की जाती हैं और इसके बाद की आधी सीटों का किराया कंपनी बाजार परिस्थितियों के हिसाब से तय करने के लिए स्वतंत्र है। इस मार्ग पर कंपनी 70 सीटों वाले एटीआर विमानों का परिचालन करेगी। इससे दीमापुर से इंफाल के बीच की दूरी 50 मिनट में तय हो सकेगी। इंफाल में रेल नेटवर्क नहीं होने के कारण वहां के लोगों के लिए यह उड़ान और भी महत्त्वपूर्ण है। ये उड़ानें सप्ताह में तीन दिन बुधवार, शुक्रवार और रविवार को उपलब्ध होंगी। गुवाहाटी से दीमापुर होते हुये विमान इंफाल पहुंचेगा और इंफाल से दीमापुर होते हुये गुवाहाटी आयेगा। इसके साथ ही एलायंस एयर के गंतव्यों की संख्या बढ़कर 59 हो जाएगी।

एयर इंडिया की मुंबई-नैरोबी उड़ान अगले सप्ताह से

नई दिल्ली। सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया आगामी 27 नवंबर से मुंबई और केन्या की राजधानी नैरोबी के बीच सीधी उड़ान शुरू करेगी। एयर इंडिया ने सोमवार को बताया कि यह उड़ान सप्ताह में चार दिन मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को उपलब्ध होगी। इस मार्ग पर 256 सीटों वाले बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों का परिचालन किया जाएगा। यह पहली बार है जब भारत और केन्या के किन्हीं भी दो शहरों के बीच सीधी उड़ान शुरू की गयी है। उड़ान संख्या एआई-961 सुबह 6.25 बजे मुंबई से रवाना होकर सुबह 10 बजे (स्थानीय समयानुसार) नैरोबी पहुंचेगी। वापसी की उड़ान एआई-962 दोपहर 12 बजे (स्थानीय समय) नैरोबी से चलकर रात 8.40 बजे मुंबई हवाई अड्डे पर उतरेगी।

अरब देशों के प्रतिबंध के कारण है कतर एयरवेज का नुकसान: बकर

नई दिल्ली। कतर की सरकारी विमान सेवा कंपनी कतर एयरवेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अकबर अल बकर ने गुरुवार को कहा कि अरब देशों द्वारा करीब ढाई साल से जारी प्रतिबंध के कतर एयरवेज नुकसान में है, अन्यथा उसे 70 करोड़ से 80 करोड़ डॉलर तक का मुनाफा होता। बकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में ‘अवैध घेराबंदी’ के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इस कारण कतर एयरवेज की लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को 25 मिनट की अतिरिक्त उड़ान भरनी पड़ रही है। इससे उड़ान की लगात बढ़ जाती है। इस कारण उसे 20 फीसद का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि वायु क्षेत्र के इस्तेमाल संबंधित प्रतिबंध नहीं होते तो एयरलाइन 70-80 करोड़ डॉलर के मुनाफे में रहती। बकर ने बताया कि अतिरिक्त उड़ान समय से सिर्फ ईंधन लगात नहीं बढ़ती, इससे मानव श्रम, रखरखाव, एयरफ्रेम तथा इंजन के घंटे आदि में भी वृद्धि होती है। उल्लेखनीय है कि ईरान तथा तुर्की के साथ कतर के मैत्रिपूर्ण संबंध के खिलाफ दबाव बनाते हुए सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मिस्र और मालदीव समेत सात अरब देशों ने जून 2017 में कतर के साथ राजनयिक संबंध तोड़ दिए थे। उन्होंने कतर एयरवेज की उड़ानों के लिए अपने… Continue reading अरब देशों के प्रतिबंध के कारण है कतर एयरवेज का नुकसान: बकर

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