शिवराज ने हीरे गिनाए कमलनाथ ने मांगी साइकिल

दरअसल, कितना भी गंभीर मामला हो लेकिन सदन में हास – परिहास के दौर हो ही जाते हैं शेरो-शायरी कहने में भी कभी-कभी होड़ सी लग जाती है। ऐसा ही कुछ नजारा शुक्रवार को विधानसभा का था