थानागाजी दुष्कर्म मामला : पीड़ित परिवार ने दोषियों को फांसी देने की मांग की

बहुचर्चित थानागाजी सामूहिक दुष्कर्म मामले में अदालत ने कल फैसला सुनाते हुए पांचों आरोपियों को दोषी माना। विशेष अदालत ने चार दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई, जबकि घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले दोषी को पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

निर्भया के दोषियों को फांसी!

नई दिल्ली। आखिरकार सात साल की लंबी लड़ाई के बाद निर्भया को न्याय मिल गया। निर्भया के चारों दोषियों को शुक्रवार की सुबह साढ़े पांच बजे फांसी पर लटका दिया गया। गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2012 को छह लोगों ने निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार किया था और उसे बुरी तरह से घायल करके छोड़ दिया था। कुछ दिन के बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। पूरे देश की सामूहिक चेतना को झकझोर देने वाली इस घटना चार दोषियों- मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को शुक्रवार की सुबह साढ़े पांच बजे फांसी के फंदे पर लटकाया गया। तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने कहा- डॉक्टरों ने शवों की जांच की और चारों को मृत घोषित कर दिया। बाद में इन चारों का शव दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और फिर उनके परिजनों को सौंप दिया गया। जेल अधिकारियों ने बताया कि चारों दोषियों के शव करीब आधे घंटे तक फंदे पर झूलते रहे जो जेल नियमावली के अनुसार फांसी के बाद की अनिवार्य प्रक्रिया है। तिहाड़ जेल में पहली बार चार दोषियों को एक साथ फांसी दी गई। इससे पहले चारों दोषियों ने फांसी… Continue reading निर्भया के दोषियों को फांसी!

प्रधानमंत्री ने न्याय की जीत बताया

फिजियोथैरेपी की 23 वर्षीय छात्रा के सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में चारों दोषियों को फांसी पर चढ़ाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि न्याय की जीत हुई।

निर्भया को न्याय : फांसी के फंदे बक्से में बंद

नई दिल्ली। तमाम कानूनी दांव-पेचों के बाद आखिरकार गुरुवार को तय हो गया कि निर्भया के हत्यारे शुक्रवार (20 मार्च 2020) को ही तड़के करीब साढ़े पांच बजे तिहाड़ जेल में फांसी के फंदे पर लटकाए जाएंगे। ज्यों-ज्यों मुजरिमों को लटकाए जाने का वक्त घटता जा रहा है, त्यों-त्यों तिहाड़ जेल प्रशासन अपनी तैयारियों को मुकाम की ओर बढ़ाता जा रहा है। गुरुवार को दोपहर बाद पवन जल्लाद ने तिहाड़ जेल अधिकारियों की मौजूदगी में आखिरी ‘डमी-ट्रायल’ को अंजाम दिया था। उसके बाद शाम करीब 6 बजे एक चाबी तिहाड़ जेल नंबर-3 के अधीक्षक के हवाले की। जल्लाद से चाबी लेते वक्त अधीक्षक के साथ जेल नंबर तीन में जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट भी मौजूद थे। चाबी सौंपने के बाद पवन जल्लाद दोनों अफसरों को फांसीघर के पास मौजूद एक कोठरी में ले गया। वहां जाकर दोनों अधिकारियों से पवन जल्लाद ने लोहे का एक बक्सा खोलने को कहा। बक्सा खोलने पर दोनों अधिकारियों को उसके अंदर चार मुंह बंद कपड़े के थैले रखे मिले। इन थैलों के मुंह जब खोले गए, तो उनके अंदर फांसी पर टांगने के लिए तैयार किए गए चार अलग-अलगे रस्से (फंदे) रखे मिले। फंदों की जांच जेल के दोनों अधिकारियों से कराने के बाद… Continue reading निर्भया को न्याय : फांसी के फंदे बक्से में बंद

निर्भया के गुनहगार अक्षय की याचिका खारिज होते ही फूट पड़ी पत्नी

नई दिल्ली। निर्भया दुष्कर्म-हत्या मामले के चार दोषियों में से एक अक्षय सिंह की ओर से फांसी को रोकने के लिए दायर याचिका खारिज होते ही उसकी पत्नी कोर्टरूम में ही फूट-फूटकर रोने लगी। न्यायाधीश द्वारा याचिका खारिज कर दिए जाने के बाद अक्षय की पत्नी ने कोर्ट में कहा, अब मैं कैसे जी पाऊंगी? मुझे भी लटका दो। कोर्ट में जब यह हाईवोल्टेज ड्रामा चल रहा था, उस समय निर्भया की मां भी वहां मौजूद थीं। चारो दोषियों- विनय, मुकेश, अक्षय और पवन को तय तारीख यानी 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे तिहाड़ जेल के फांसीघर में फांसी पर लटकाया जाएगा। मेरठ से बुलाया गया पवन जल्लाद चारों के गले का फंदा कसेगा। राष्ट्रीय राजधानी में 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की फिजियोथेरेपी छात्रा के साथ एक खाली चलती बस में क्रूरतापूर्वक दुष्कर्म और लोहे की रॉड से वार किया गया था। निर्भया को अधमरी हालत में बस से फेंक दिया गया था। उसका इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, हालत में सुधार न होने पर उसे विशेष विमान से सिंगापुर भेजा गया, जहां वारदात के 13वें दिन उसकी मौत हो गई।

निर्भया के दोषियों को कल सुबह फांसी

दिल्ली की एक अदालत ने सात साल पहले निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दोषियों की एक और पैंतरेबाजी को रद्द करते हुए उनकी लंबित कानूनी उपचार के आधार लगाई गई

निर्भया को न्याय: जेल में फांसी की तैयारियां पूरी, अंतिम ‘डमी-ट्रायल’ पूरा

नई दिल्ली। निर्भया कांड के मुजरिमों को फांसी के फंदे से बचाने के लिए वकील-मुजरिमों के तीमारदारों द्वारा जहां अदालतों के बाहर हर संभव कोशिशें जारी हैं, वहीं दिल्ली की तिहाड़ जेल ने अपने स्तर पर फांसी पर मुजरिमों को चढ़ाने के तमाम बंदोबस्त पूरे कर लिए हैं। चारों मुजरिमों को फांसी के फंदे पर लटकाए जाने का डेथ-वारंट 20 मार्च (शुक्रवार) की सुबह पांच से 6 बजे के बीच का जारी हुआ है। हालांकि फांसी की प्रक्रिया से जुड़े तमाम संबंधित अफसरान को गुरुवार को लिखित आदेश जारी कर उन्हें शुक्रवार तड़के ही जेल में पहुंचने को कहा गया है। जबकि पवन जल्लाद को फांसी लगाने का काम पूरा होने के बाद ही जेल से कड़ी सुरक्षा में वापस मेरठ भेजा जाएगा। फिलहाल खबर लिखे जाने से कुछ देर पहले ही तिहाड़ जेल में पहुंच चुके पवन जल्लाद ने फांसी पर लटकाए जाने के ‘डमी-ट्रायल’ को भी पूरा कर लिया है। हां, यह सब मगर अमल में शुक्रवार को तभी लाया जा सकेगा, जब मुजरिमों के वकील अदालत में अपने ‘मुवक्किलों’ को बचा पाने का आखिरी दांव भी हार जाएंगे। गुरुवार को दोपहर के वक्त जेल नंबर-3 में मौजूद फांसीघर में अंतिम डमी ट्रायल पूरा कर लिए जाने की… Continue reading निर्भया को न्याय: जेल में फांसी की तैयारियां पूरी, अंतिम ‘डमी-ट्रायल’ पूरा

फांसी टालने का नया पैंतरा, निर्भया के दोषी की पत्नी ने मांगा तलाक

औरंगाबाद/नई दिल्ली। देश को झकझोर देने वाले निर्भया सामूहिक दुष्कर्म व हत्या मामले के दोषी फांसी के फंदे से बचने के लिए विभिन्न तरीके आजमा रहे हैं। अब चार दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह की पत्नी पुनीता ने स्थानीय परिवार न्यायालय में अर्जी देकर पति से तुरंत तलाक दिलाने की मांग की है, क्योंकि वह विधवा के तौर पर अपनी जिंदगी नहीं गुजार सकती। इस अर्जी पर अगली सुनवाई 19 मार्च को होनी है। जबकि दिल्ली के तिहाड़ जेल में आरोपी अक्षय को फांसी पर लटकाने की तारीख 20 मार्च, 2020 मुकर्रर की जा चुकी है। अक्षय की पत्नी पुनीता ने बिहार के औरंगाबाद की एक अदालत में दाखिल अर्जी में लिखा है, मेरे पति को सजा-ए-मौत दी जानी है। जबकि मेरे पति निर्दोष हैं। ऐसे में मैं अपनी जिंदगी एक दुष्कर्मी पति की विधवा बनकर नहीं गुजार सकती, लिहाजा मुझे कानूनी तौर पर पति की मौत से पहले ही तलाक दिलवाया जाए। वहीं औरंगाबाद में मीडिया से बातचीत में पुनीता के वकील मुकेश कुमार सिंह ने कहा, “मेरी मुवक्किल (अक्षय कुमार सिंह की पत्नी पुनीता सिंह) पीड़ित महिला का यह मौलिक और कानूनी अधिकार है। यह खबर भी पढ़ें:- निर्भया कांड: दोषी विनय उच्च न्यायालय पहुंचे इसीलिए… Continue reading फांसी टालने का नया पैंतरा, निर्भया के दोषी की पत्नी ने मांगा तलाक

निर्भया मामला : मृत्युदंड के दोषी की याचिका खारिज

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले के चार दोषियों में से एक मुकेश ने आज अपनी फांसी की सजा पर रोक लगाने की मांग को लेकर अदालत में याचिका दायर की, जिस अदालत ने खारिज कर दिया है।

निर्भया कांड: दोषी विनय उच्च न्यायालय पहुंचे

निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में फांसी की सजा पाए चार दोषियों में से एक विनय शर्मा ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर दावा किया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा उसकी दया याचिका खारिज किए

निर्भया के दोषियों को 20 मार्च को फांसी

दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले में चारों दोषियों को मृत्यु होने तक फांसी पर लटकाने के लिये बृहस्पतिवार

फांसी के नाम पर मजाक चल रहा है!

दुनिया भर के सभ्य देशों में फांसी की सजा खत्म करने पर बहस चल रही है। अनेक देशों ने अपने यहां फांसी की सजा नहीं रखी है। इसके बावजूद उनके यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति भारत ऐसे दूसरे देशों, जहां फांसी की सजा है, वहां से बेहतर है। फांसी की सजा पाए करीब दो दर्जन लोगों के साथ बातचीत के आधार पर हाल ही में एक महिला शोधकर्ता का एक शोध प्रकाशित हुआ है, जिसमें बताया गया है कि फांसी की सजा होने से बलात्कारी की सोच पर कोई खास असर नहीं होता है। यानी मौत की सजा का प्रावधान होना इस बात की गारंटी नहीं है कि अपराध रूक जाएगा। मौत की सजा का मतलब है किसी का जीवन लेना। हमेशा यह तर्क दिया जाता है कि जब आदमी जीवन दे नहीं सकता है तो उसे जीवन लेने का अधिकार नहीं हो सकता है। सो, यह एक बड़ी बहस का विषय है कि मौत की सजा जब अपराध रोकने में कारगर नहीं है तो यह सजा होनी चाहिए या नहीं? इस बहस का लब्बोलुआब यह है कि अपराध न्याय प्रणाली में मौत की सजा एक गंभीर विषय है और इसे गंभीरता से ही लिया जाना चाहिए। पर दिल्ली में निर्भया… Continue reading फांसी के नाम पर मजाक चल रहा है!

निर्भया के दोषियों की फांसी तीसरी बार टली

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म व हत्या मामले में चारों दोषियों की फांसी पर पटियाला हाउस कोर्ट ने अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है।

निर्भया मामले की सुनवाई होगी कल

उच्चतम न्यायालय ने निर्भया के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की केंद्र एवं दिल्ली सरकार की विशेष अनुमति वाली याचिका पर सुनवाई कल के लिए टाल दी है।

निर्भया के दोषियों को नोटिस

नई दिल्ली। निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए चारों लोगों को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। केंद्र सरकार की याचिका पर सर्वोच्च अदालत ने नोटिस जारी किया है। केंद्र सरकार ने दोषियों को फांसी पर लटकाने के फैसले के अमल पर रोक के खिलाफ अपनी याचिका हाई कोर्ट में खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में उसके फैसले को चुनौती दी है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नोटिस जारी किया। जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने अधिकारियों को चारों दोषियों की मौत की सजा पर अमल के लिए नई तारीख तय करने के लिए निचली अदालत जाने की छूट भी दे दी है। केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इन दोषियों की मौत की सजा पर अमल खुशी के लिए नहीं है और अधिकारी तो कानून के आदेश पर ही अमल कर रहे हैं। केंद्र ने इस याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें चारों दोषियों को अलग-अलग फांसी दिए जाने की मांग को खारिज करते हुए कहा था कि सबको एक साथ ही फांसी होगी। केंद्र की ओर से… Continue reading निर्भया के दोषियों को नोटिस

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