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मंदिर ही है भारत की सच्चाई!

सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या में राम मंदिर का फैसला न्याय नहीं, प्राकृतिक न्याय है। वह मनुष्य की प्रकृति का सत्य है! इंसान जिस स्थान जन्म लेता है, जिस घर, परिवेश, संस्कार, इतिहास में जीवन जीता है वहीं दिल-दिमाग में...

हिंदू व मुस्लिमः दोनों जीत गए

अयोध्या के राम मंदिर विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का जो फैसला आया है, उससे मैं बहुत प्रसन्न हूं। पहली बात तो यह कि यह फैसला सर्वसम्मति से आया है और फिर बड़ी बात यह कि देश के हिंदुओं और मुसलमानों के सम्मान की रक्षा करता है।

1856 से पहले हिंदू-मुस्लिम मिलजुल कर रहते थे: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। अयोध्या में विवादित भूमि के बहुप्रतीक्षित फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को कहा कि 1856-57 में ढांचे के पास हुए दंगों से पहले हिंदू और मुस्लिम सहअस्तित्व के साथ मिलजुल कर रहते थे। सुप्रीम कोर्ट ने...

अयोध्या का सत्य कयामत तक

मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने एक वाक्य में सबकुछ कह दिया। उनका कहा हिंदू का भी सत्य है और मुसलमान का भी तो भारत राष्ट्र-राज्य, भारतीय समाज-संस्कृति का सत्व भी है।

अयोध्या पर जबरदस्ती का हल्ला

व्यर्थ हल्ला और चिंता है कि सुप्रीम कोर्ट फैसला देगा तो न जाने क्या होगा? टीवी चैनलों, मीडिया और सरकारी सूत्रों से बंदोबस्तों की जितनी-जैसी आंशकाएं हैं उस अनुसार कुछ भी नहीं होना है। निश्चित ही मंदिर के पक्ष में फैसला हुआ तो वह भाजपा के लिए पौ-बारह होगी।

अयोध्या फैसले पर हिंदू मुसलमान संयम बरते: शंकराचार्य

शंकराचार्य अधोक्षजानन्द देव तीर्थ ने मंगलवार को अयोध्या विवाद में आनेवाले फैसले को देखते हुए हिन्दुओं और मुसलमानों से संयम बरतने की अपील की है।

चूल्हा हिंदू बना तो जिम्मेवार कौन?

हम और आप 1947 के वक्त, वक्त की भयावहता को नहीं बूझ सकते। मगर इतिहास में तथ्य दर्ज है कि अगस्त 1947 में भारत उपमहाद्वीप में मुसलमान बनाम हिंदू की परस्पर नफरत और हिंसा में जो हुआ वह मानव इतिहास (जंग और अकाल को छोड़ कर) की जघन्यतम दास्तां है।

तब भी हिंदू अवचेतन और अब भी…

नरेंद्र मोदी और अमित शाह के भारत और गांधी-नेहरू के भारत का क्या फर्क है? इस पर लोग मोटा जवाब देंगे कि तब भारत हिंदू, हिंदुवादी नहीं था लेकिन अब है। मैं यहां ‘हिंदू, हिंदुवादी’ शब्द इस्तेमाल कर रहा हूं न कि हिंदू राष्ट्र! लेकिन हिंदू, हिंदुवादी होना भी हिंदू राष्ट्र की छाया है।

कश्मीर में हिंसा

कश्मीर के हाल देखने के लिए इधर से 23 यूरोपीय सांसद श्रीनगर पहुंचे और उधर कुलगाम में आतंकवादियों ने पांच मजदूरों की हत्या कर दी। इस खबर के आगे मोदी की सउदी यात्रा और बगदादी की हत्या की खबर फीकी पड़ गई।

‘पुराने जमाने’ की खलीफत को गांधी का समर्थन

वस्तुतः जिस तरह 1919 से 1924 ई. के बीच गाँधीजी ने खलीफत, इस्लाम, तुर्क-ऑटोमन साम्राज्य, तुर्की सुलतान की ‘जरूरतें’, हिन्दू-मुस्लिम इतिहास या संबंध, हिंसा और अहिंसा की व्याख्या, आदि की – उन सब को एकत्र करके पढ़ते ही साफ हो जाता है
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