वह दिन था अर्थ क्रांति का!

15 अगस्त 1947 से 24 जुलाई, 1991 के 44 सालों में भारत के लोगों की बेसिक  जरूरते, जीवन पंडित नेहरू द्वारा स्थापित, पोषित व प्रचारित समाजवादी मॉडल की उस खिचड़ी, उस मध्य मार्ग में था जिसमें रेल रिजर्वेशन, हवाईजहाज से लेकर स्कूटर, फोन, बिजली आदि सबका उत्पादन, वितरण नई दिल्ली में बैठे मंत्रियों-अफसरों की अनुमति से होता था।