भारत का एक सच भूख और कुपोषण भी

भारत कारोबार सुगमता में विश्व रैंकिंग में ऊपर पायदान पर पहुंचता है तो समूचे देश में इसका ढिंढोरा पीटा जाता है। पर जब दुनिया की एजेंसियां भूख व कुपोषण और बच्चों की हालत पर रिपोर्ट जारी करती है तो सरकार और सत्तारूढ़ दल से लेकर मीडिया तक हर आदमी आंकड़ों पर आंकड़े जारी करने वालों पर सवाल खड़े करने लगते हैं। यह पिछले पांच साल की परिघटना है।