आइडिया ऑफ सेकुलरिज्म के लिए चुनौती!

इस पर कोई बहस नहीं है कि भारत के संविधान का बुनियादी विचार कानून का राज कायम करना और उस राज में सबको बराबरी का अधिकार देना है। इसके लिए संविधान में मौलिक अधिकारों की परिकल्पना की गई है और कानून के समक्ष सबकी समानता का प्रावधान किया गया है।