भारत-चीनः विचित्र स्थिति

चीन को लेकर भारत में अत्यंत विचित्र स्थिति है। आज के दिन यह पता लगाना मुश्किल है कि भारत चाहता क्या है ?

सैन्य कमांडरों की फिर हुई वार्ता

लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर 15 जून की रात को हुई हिंसक झड़प के बाद बढ़े तनाव को कम करने के लिए एक बार फिर सैन्य कमांडरों की वार्ता होगी।

भारत दुविधा में क्यों?

गलवान घाटी की घटना के बाद चीन ने अपना रुख और सख्त कर दिया है। बल्कि पिछले हफ्ते तो चीन के विदेश और रक्षा मंत्रालयों- दोनों ने एक साथ भारत पर निशाना साधा। उन्होंने गलवान वैली में 15 जून को हुई हिंसक वारदात के लिए भारत को दोषी ठहराया।

चीन के साथ आखिर चल क्या रहा है?

इस बात को लेकर बड़ा संशय है कि आखिर चीन के साथ क्या चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में लंबी चर्चा की पर चीन का नाम नहीं लिया। उन्होंने पड़ोसी देश को सबक सिखाने की बात कही है।

चीन पर पवार केंद्र के साथ

महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ महाविकास अघाड़ी सरकार में शामिल एनसीपी के नेता शरद पवार ने खुल कर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी से नाराजगी जाहिर की है।

भाजपा और कांग्रेस का आपसी दंगल

यह हमारे लोकतंत्र की मेहरबानी है कि इस संकट की घड़ी में चीन का मुकाबला करने की बजाय हमारे राजनीतिक दल एक-दूसरे के साथ दंगल में उलझे हुए हैं।

लोकतांत्रिक जवाबदेही से बेखबर?

भारतीय जनता पार्टी छह साल से सत्ता में है। इसके पहले भी 1998 से 2004 तक केंद्र की सत्ता में रह चुकी है।

पीएम के विश्व नेताओं के गले लगने का क्या फायदा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के नेताओं के साथ निजी संबंध बनाए बताते हैं। आमतौर पर विश्व नेताओं के बीच कूटनीतिक संबंध होते हैं। वैचारिक रूप से नजदीक होने पर कुछ नेताओं में वैचारिक निकटता भी बन जाती है।

भारत और चीन अब आगे की सुध लें

भारत और चीन के कोर कमांडरों की बैठक में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी सेनाओं को पीछे हटाने पर सहमति व्यक्त की है। यह बैठक 10-11 घंटे तक चली। इस बैठक में क्या-क्या बातें तय हुई हैं, यह अभी विस्तार से पता नहीं चला है।

भारत का फिलहाल अपमानकाल

पिछले कुछ दिनों से भारत और चीन के बीच जिस तरह का सीमा विवाद चल रहा है उसे देखकर तमाम पुरानी यादें ताजी हो गई हैं।

अचानक बढ़ी रूस की अहमियत

भारत और चीन के बीच सीमा पर चल रहे टकराव और दोनों देशों की फौजों के बीच हुई हिंसक झड़प की वजह से अचानक रूस महत्वपूर्ण हो गया है।

भारत-चीन में रूस दखल नहीं देगा

भारत और चीन के बीच लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चल रहे गतिरोध को सुलझाने में रूस कोई दखल नहीं देगा। रूस ने कहा है कि यह दोनों देशों का आपसी मुद्दा है और वे इसे सुलझाने में सक्षम हैं।

जदयू के कारण राजद को बाहर रखा!

भारत और चीन के सैनिकों के बीच सीमा पर हुई हिंसक झड़प जैसे संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई पर उसमें भी बिहार की राजनीति और अरविंद केजरीवाल को हैसियत दिखाने का खासतौर से ख्याल रखा