India-China faceoff

लद्दाख की जमीनी स्थिति क्या है?

भारत सरकार लद्दाख में चीन के साथ चल रहे गतिरोध पर तमाम किस्म की बातें कर रही हैं पर सारी बातें बहुत अस्पष्ट हैं। इसमें संदेह नहीं है कि सरकार की प्रतिबद्धता है कि वह देश की संप्रभुता और सीमा की सुरक्षा करेगी।

भारत-चीन सीमा पर फायरिंग

भारतीय सेना ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, पीएलए के एक और प्रयास को नाकाम कर दिया है। सोमवार को देर रात चीन के सैनिकों ने भारत की सीमा में घुसने का प्रयास किया

चीन पर भारत की दुविधा!

अगर अपने देश के न्यूज चैनलों की मानें तो चीन थर-थर कांप रहा है। उसकी घिग्घी बंधी हुई है और ड्रैगन दुम दबा कर अपने बिल में छिपा हुआ है। चैनलों ने मॉस्को में भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान अपने रक्षा मंत्री की देह भंगिमा का भी स्टूडियो में बैठे बैठे विश्लेषण किया, जिसके मुताबिक अपने रक्षा मंत्री के सामने चीन के रक्षा मंत्री की बोलती बंद थी और वे सिर उठा कर, आंख मिला कर बात नहीं कर सके।

लद्दाख का हल मुश्किल नहीं

भारत के रक्षामंत्री राजनाथसिंह और चीन के रक्षामंत्री वेई फेंगहे की मास्को में दो घंटे बात हुई लेकिन उसका नतीजा क्या निकला ? दोनों अपनी-अपनी टेक पर अड़े रहे। फेंगहे कहते रहे कि वे चीन की एक इंच जमीन नहीं छोड़ेंगे और यही बात भारत की जमीन के बारे में राजनाथ भी कहते रहे।

चीन है जिम्मेदार: विदेश मंत्रालय

पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुए टकराव के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय ने चीन को जिम्मेदार ठहराया है। इस इलाके में दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है

चीन को घाव दिए बगैर कोई रास्ता नहीं

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, पीएलए के जवानों ने एक बार फिर भारतीय जवानों के साथ झड़प की। इस बार पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्से में झड़प हुई। पिछली बार दोनों देशों के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए थे।

भारत किसी गुट में क्यों शामिल हो ?

अमेरिका ने चीन के विरुद्ध अब बाकायदा शीतयुद्ध की घोषणा कर दी है। ह्यूस्टन के चीनी वाणिज्य दूतावास को बंद कर दिया है। चीन ने चेंगदू के अमेरिकी दूतावास का बंद करके ईंट का जवाब पत्थर से दिया है।

लम्हों में खत्म भारत कथा!

मैं और आप, हम सब क्या आज किंकर्तव्यविमूढ़ नहीं हैं? हम जिंदा हैं, जीवन जी रहे हैं पर क्या कोई उत्स है? भीड़ का क्या कोई मंतव्य है? न रास्ता है, न रोशनी है, न थ्रिल है, न सस्पेंस है और न उद्देश्य तो फिर कहानी कहां?

चीन में मोदी के भाषण पर वाह!

सेना से सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, पुलवामा कांड इन सब मुद्दों पर राहुल गांधी या कांग्रेस का कोई भी नेता बयान देता था या सवाल उठाता था तो भाजपा के नेता कहते थे कि राहुल के भाषण की पाकिस्तान...

चीन, नेपाल विवाद भाजपा के लिए मुश्किल

पाकिस्तान के साथ होने वाला कोई भी टकराव भारतीय जनता पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद साबित होता है। कारगिल से लेकर एयर स्ट्राइक तक जब भी पाकिस्तान से टकराव हुआ है
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