इटली में हुई थी लापरवाही

फॉग स्प्रे के विज्ञापन की तरह आजकल पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ही चल रहा है। जब पिछले दिनों कानपुर से एक दोस्त का फोन आया तो मैंने उससे कहा कि मुझे तो लगता था कि देश में सबसे ज्यादा यह वायरस कानपुर में फैलेगा, मगर ऐसा नहीं हुआ। नतीजतन एक भी केस नहीं आया। तो उसने कहा कि यहां के लोग कह रहे हैं कि हमारा शहर इतना गंदा है कि कोरोना वायरस भी इस गदंगी के कारण मर गया होगा। वह फैलता कैसे! सच में उसकी बात इटली में इतनी संख्या में मरने की खबर पढने के बाद सही लगने लगती है। दुनिया के सबसे बडे धर्मावलीं समुदायईसाईयों के पवित्र शहर, वेटिकन के लिए जाना जाने वाला इटली यूरोप के साफ सुथरे शहरो में आता है। अभी तक इस रोग के पूरी दुनिया में दो लाख मामले आए हैं। इससे प्रभावित 160 देशों में सबसे ज्यादा मरने वालों की संख्या में इटली दूसरे नंबर पर आ गया है। जहां 31506 लोग इस रोग से प्रभावित हुए थे वे उसमें से 2500 लोग मरें।दुनिया में प्रभावित होने वाले दो लाख लोगों में से चीन में 81,000 लोग इससे प्रभावित हुए व वहां 3237 लोगों की इसके कारण मौत हुई… Continue reading इटली में हुई थी लापरवाही

इलाज अभी दूर, खौफ में दुनिया

नई दिल्ली/लेह। लेह में सेना का 34 वर्षीय एक जवान कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है, जिसके बाद सेना ने निगरानी तंत्र और बढ़ाने के साथ ही अपने युद्धाभ्यास व प्रशिक्षण गतिविधियों को भी टाल दिया है। देश में कोरोना वायरस के कुल मामले बुधवार को बढ़कर 151 पहुंच गए। इस बीच, लोकसभा में एक लिखित जवाब में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि विदेशों में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल भारतीयों की संख्या 276 है जिनमें ईरान में 255, यूएई में 12, इटली में पांच, हांगकांग, कुवैत, रवांडा और श्रीलंका में एक-एक मामले शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि संक्रमित सैनिक लेह के चुहोट गांव का रहने वाला है और वायरस से संक्रमित अपने पिता के सम्पर्क में आने के कारण वह भी इससे प्रभावित हो गया है। उन्होंने बताया कि उसे सात मार्च को पृथक किया गया था और 16 मार्च को पॉजिटिव पाया गया। सूत्रों ने बताया कि सैनिक का भाई भी पॉजिटिव पाया गया है।कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रकोप अब तक विश्व के 150 से अधिक देशों तक फैल चुका है और इसके संक्रमण से 8,165 लोगों की मौत हो गयी है जबकि 200,362 से ज्यादा लोगों के इससे संक्रमित होने की पुष्टि… Continue reading इलाज अभी दूर, खौफ में दुनिया

कोरोना खा रहा खरबों डालर!

उफ! कोरोना वायरस कितने खरब डालर खाएगा? जवाब क्या कोई हो सकता है? नही,क्योंकि अभी तो शुरुआत है। डोनाल्ड ट्रंप ने बात-बात में अगस्त तक हालात बेकाबू रहने का जुमला बोला है। लेकिन न ट्रंप के बस में कुछ है और न किसी और माईबाप के बस में मंदी से दुनिया को बचा सकना है। पिछले एक सप्ताह में शेयर बाजार, वित्तीय बाजार में जो हाहाकार हुआ है वह लंबी मंदी में दुनिया के जाने की शुरुआत है। सवाल है ऐसा कैसे सोचा जा सकता है? जवाब में मोटी हकीकत पिछले दो दिनों का घटनाक्रम है। 48 घंटों में दुनिया के अमीर देशों ने सामूहिक तौर पर, पूरे तालमेल के साथ अपने केंद्रीय बैंकों से पैसा लुटाने की घोषणाएं कराई ताकि कोरोना के वायरस से मंदी नहीं बने। मगर उलटा मैसेज गया! हां, ऱविवार, सोमवार के दो दिन में अमेरिका, कनाडा, योरोपीय संघ, ब्रिटेन, स्वीट्जरलैंड, जापान जैसे तमाम देशों ने अपने केंद्रीय उर्फ रिर्जव बैंक से पैसा उड़लवाने क ेखरबों डालर के फैसले किए। मतलब आओ और बिना ब्याज के पैसा ले जाओ ताकि वित्तीय धंधा आबाद रहे। शेयर बाजार में भरोसा व तेजी बनी रहे। आपतकाल के अंदाज में, आईसीयू की गंभीरता में अमेरिका के फेडरल बैंक ने जो… Continue reading कोरोना खा रहा खरबों डालर!

भीड़ कैसे घरों में बंद हो?

क्या सवा सौ करोड़ लोगों की भीड़ में भारत के लोग कुछ दिन घरों में बंद रह सकते हंै? कैसे घर में बंद रहा जाए? सोचे, आप कितने दिन क्षेत्र सन्यास में रह सकते हंै? मतलब घर में बंद रह सकते हंै?  इटली में छह करोड़ लोग आठ दिन से घरों में बंद हंै। तभी सोचने वाली बात है कि देश, प्रांत, शहर में तालाबंदी हो और अपने-अपने घर में कई दिनों, कई महीनों बंद रहना पड़े तो वक्त कैसे कटेगा?  आधुनिक वक्त में तालाबंदी याकि लॉकडाउन से वायरस से लड़ने की कल्पना क्या पहले कभी हुई? मगर आज पूरी दुनिया इसी तरीके को कोरोना वायरस से लड़ने का कारगर तरीका मानती है। उस नाते दुनिया मध्यकाल याकि 19वीं-20वी सदी के विज्ञान-चिकित्सा काल से पूर्व के वक्त में लौट रही है। पहले महायुद्ध से पहले स्पेनिश फ्लू की महामारी याकि 1915-20 के कालखंड जैसी महामारी के वक्त में दुनिया का आज पहुंचना प्रमाण है कि इंसान कितनी ही प्रगति कर ले प्रकृति की मनमर्जी पर, अनहोनी पर कंट्रोल संभव नहीं है। 10 फरवरी को कोरोना पर मेरे लिखे कॉलम (सोचंे, वायरस से थर्राई दुनिया पर) में मैंने लिखा था-‘प्रकृति और मानव में यह होड़ अंतहीन है कि तुम डाल, डाल… Continue reading भीड़ कैसे घरों में बंद हो?

दुनिया के 158 देशों में 6,664 की मौत

वाशिंगटन। चीन में जहां, कोरोना वायरस का कहर शुरू हुआ था वहां हालात सामान्य हो रहे हैं और संक्रमित मरीजों की संख्या कम होने लगी है पर दुनिया के देशों में इसका तेजी से विस्तार हो रहा है। सोमवार तक कोरोनो वायरस का कहर 158 देशों तक पहुंच गया। सोमवार दोपहर तक कुल एक लाख 73 हजार 171 मामले सामने आए और मरने वालों का आंकड़ा 6,664 हो गया। राहत की बात ये है कि 77,789 संक्रमित लोग स्वस्थ भी हुए हैं। ईरान में 24 घंटे में 129 लोगों की मौत हो गई और संक्रमण के एक हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए। अमेरिका के 29 राज्यों में स्कूल अगले आदेश तक पूरी तरह से बंद कर दिए गए। यहां दो हजार हाईस्पीड लैब सोमवार से शुरू हो गईं। ट्रंप सरकार ने नेशनल लॉक डाउन की खबरों को अफवाह बताया। अमेरिका ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए सभी संभव उपाय किए हैं। सोमवार सुबह तक यहां कुल 3,802 मामले सामने आए। 69 संक्रमित लोगों की मौत हो चुकी है। न्यूयॉर्क सहित 29 राज्यों में सभी स्कूल अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। कुछ राज्यों में कॉलेज भी बंद किए गए हैं। उप राष्ट्रपति माइक पेंस के… Continue reading दुनिया के 158 देशों में 6,664 की मौत

चीन से पहले ब्लैक डेथ अब कोरोना!

सबसे पहले जब विश्व स्वास्थ्य संगठन व फिर हरियाणा सरकार ने कोरोना को महामारी घोषित किया तो मेरा चौकना स्वाभाविक था। अरसे बाद इतने व्यापक स्तर पर किसी बीमारी के महामारी घोषित किया गया है। इसलिए सबसे पहले यह समझना, जानना जरूरी है कि आखिर महामारी होती क्या है?  दशकों पहले अतीत में विश्व में महामारी फैलने की बातें सुना करते थे। कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया के पांच हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं व करीब सवा लाख लोग इससे प्रभावित है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन को भी अब शामिल कर अन्य सभी योरोपीय देशों से आने वाले लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगा दी है। पूरी दुनिया के शेयर बाजारों ने गिरने के सारे रिकार्ड तोड़ दिए है। इस वायरस को 100 से ज्यादा देशों में फैलने के कारण महामारी घोषित किया गया है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इस बीमारी से प्रभावित होने वाले देश में फिलहाल इटली व ईरान सबसे आगे है। कुछ अन्य देशों में यह और ज्यादा तेजी से फैलेगा।गनीमत है कि भारत में अब तक इसके कुछ ही मामले पाए गए है। जब कोई बीमारी पूरे विश्व के अधिकांश देशों में छुआछूत के कारण फैलती है… Continue reading चीन से पहले ब्लैक डेथ अब कोरोना!

सतर्कता और ऐहतियात से

कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत चीन से हुई। उसके बाद यह वायरस अब 132 देशों तक पहुंच चुका है। दुनिया भर में तकरीबन डेढ़ लाख लोगों को यहअपनी चपेट में ले चुका है। पांच हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। उनमें सबसे ज्यादा मौतें चीन में ही हुईं। अब भारत भी इसकी चपेट में है। यह आशंका तो आरंभ से ही थी कि चीन के बाद कोरोना की मार उसके पड़ोसी देशों पर पड़ेगी। मगर फिलहाल सबसे ज्यादा प्रभावित यूरोप- उसमें भी खासकर इटली दिख रहा है। बहरहाल, ये बात ध्यान खींचती है कि चीन के सबसे करीब स्थित ताइवान पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। जब ये संक्रमण शुरू हुआ, तब अनुमान था कि चीन के बाद सबसे ज्यादा मामले ताइवान में देखने को मिलेंगे। लेकिन चीन में जहां 80 हजार से भी ज्यादा मामले सामने आए हैं, ताइवान ने इसे सिर्फ 50 मामलों पर ही रोक लिया। पर्यवेक्षकों का कहना है कि ताइवान ने जिस फुर्ती के साथ वायरस की रोकथाम के लिए कदम उठाए, यह उसी का नतीजा है। और अब इसे दुनिया भर के लिए एक मिसाल माना जा रहा है। संदेश यह है कि अगर समय पर सतर्कता बरती जाए और पक्के… Continue reading सतर्कता और ऐहतियात से

हम हैं सदी के सकंट में!

पहले विचार था कांग्रेस, ज्योतिरादित्य, भाजपा, मध्यप्रदेश याकि राजनीति पर गपशप का! लेकिन भूल जाना चाहिए राजनीति। फिजूल है भारत की राजनीति और भारत की सत्ता पर इस समय सोचना। समय कोरोना वायरस- कोविड-19 का है। आज यह खतरा भयावह है कि  कोरोना वायरस कही भारत की दशा-दिशा, भारत की मोदी सरकार, भारत की राजनीति को कुछ ऐसा न खा जाए कि आने वाली पीढियां सोचते हुए कंपकंपाए। भारत और भारत के हम लोग सदी के सबसे भयावह संकट में प्रवेश करने वाले हैं। सदी का क्या अर्थ है? तो अपनी थीसिस है कि सन् 1950 (याकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद) से सन् 2050 के वक्त को, भूमंडलीकरण में दुनिया के एक गांव में बदलने के वक्त पर यदि बतौर सदी विचार करें तो इन सौ वर्षों का सर्वाधिक गंभीर संकट सचमुच कोरोना वायरस- कोविड-19 बन सकता है। उस नाते 1947 से 2047 के आजाद भारत के सौ साल के बीच का सर्वाधिक गंभीर समय फिलहाल है। दुनिया के बाकि देश याकि चीन, अमेरिका, इटली, फ्रांस, जर्मनी, योरोपीय संघ, ब्रिटेन, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया आदि देशों की आर्थिकी, उनका स्वास्थ्य सेवा ढांचा, प्रशासन सब कोरोना वायरस से लड़ने की ताकत लिए हुए हैं जबकि इन सबके मुकाबले भारत आर्थिकी तौर… Continue reading हम हैं सदी के सकंट में!

भारत में कोरोना की करुणा

कोरोना वायरस ने दुनिया में जैसा हडकंप मचाया है, वैसा मानव इतिहास में पहले कभी नहीं मचा। सवा सौ से ज्यादा देशों में यह फैल गया है। हजारों लोग मर रहे हैं और लाखों पीड़ित हो गए हैं। ऐसा क्यों हो रहा है ? क्योंकि दुनिया बहुत छोटी हो गई है। पूरी वसुधा कटुंब बन गई है। कुछ ही घंटों में आप दुनिया के एक कोने से दूसरे कोने में पहुंच जाते हैं। चीन में पैदा हुआ यह वायरस अब सारी मानवता को परेशान कर रहा है। भारत में भी एक वृद्ध व्यक्ति की मौत हुई। मौत की इस पहली घटना ने सारे देश में खतरे की घंटी बजा दी है। सरकार ने तो बहुत पहले से तगड़ा इंतजाम किया हुआ है लेकिन अब आम जनता के कान भी खड़े हो रहे हैं। स्कूल, कालेज, मेले, सभाएं, जुलूस आदि अपने आप स्थगित किए जा रहे हैं। विदेशियों को भारत लगभग नहीं आने दिया जा रहा है। भारतीय लोगों ने भी यात्राएं आदि घटा दी हैं। आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपेथी के डाक्टरों ने तरह-तरह के नुस्खे प्रचारित कर दिए हैं। ऐलोपेथी के डाॅक्टर भी कोरोना के मरीजों की उचित देखभाल कर रहे हैं। लोगों का मांसाहार बहुत घट गया है। मांसाहार के… Continue reading भारत में कोरोना की करुणा

मेडिकल रिस्पोंस भला क्या?

कोरोना वायरस से भारत भगवान भरोसे ही लड़ रहा है। क्या तो केंद्र सरकार और क्या प्रदेशों की सरकारे। दुनिया कोरोना वायरस से थर्राई हुई है लेकिन भारत में यह निश्चिंतता दिख रही है कि अपने यहां तो ज्यादा मरीज नहीं। तेज गर्मी पड़ेगी तो सब ठीक हो जाएगा। हिसाब से 15 फरवरी को ही तय हो जाना चाहिए था कि चीन, दक्षिण कोरिया, ईरान आदि से जो भारत आया है उसे 14 दिन क्वॉरंटीन में रखंे। जो यात्री संक्रमित देश से आया है वह कहां-कहां गया, किस-किस से मिला, उसका रिकार्ड ट्रेस कर सभी की टेस्टींग हो। लेकिन भारत के विदेश मंत्री ने इस सप्ताह ससंद में यह बताया कि जो भी 15 फरवरी के बाद आया है उन्हे छूतरहित बनाने के लिए अलग रखा जाएगा। कोई पूछे कि केरोना वायरस के मामले में सरकारों की सबसे बड़ी चुनौती क्या है? तो अपना मानना है कि वायरस का पता लगाने के लिए सख्त टेस्टींग और फिर क्वॉरंटीन। क्या यह काम सरकारी अस्पतालों से हो सकता है? कतई नहीं। इसलिए हिसाब से महामारी की घोषणा के बाद केंद्र व प्रदेश सरकारों को पहला आदेश यह जारी करना था कि तमाम प्राइवेट अस्पताल, तमाम तरह के क्लिनिक, निजी प्रेक्टिस करने वाले… Continue reading मेडिकल रिस्पोंस भला क्या?

चीन की गलती भारत ने दोहराई

सारी दुनिया इस बात के लिए चीन की तारीफ कर रही है कि उसने कोविड-19 यानी एन कोरोना वायरस का प्रभावी तरीके से मुकाबला किया। उसे पूरे देश में फैलने से रोक दिया। उसने सर्वाधिक प्रभावित डेढ़ करोड़ की आबादी वाले वुहान में ऐसे बंदोबस्त किए, जिसकी वजह से संक्रमितों की संख्या काफी कम रही। डेढ़ करोड़ की आबादी में 80 हजार के करीब लोग संक्रमित हुए और उनमें से 63 हजार लोगों का इलाज करके उनको स्वस्थ करके घर भेजा जा चुका है। 80 हजार के करीब संक्रमितों में से करीब 32 सौ लोगों की मौत हुई। तभी चीन के इस प्रयास की तारीफ ही है। लेकिन दूसरी तरफ चीन की यह आलोचना भी है कि उसने पहले इस पर ध्यान नहीं दिया या इस वायरस के खतरे को गंभीरता से नहीं लिया। चीन में कोरोना वायरस से संक्रमण का पहला मामला आठ दिसंबर 2019 को सामने आया था। पर चीन ने ध्यान नहीं दिया। संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गई, फिर भी चीन ने चुपचाप सब कुछ अपने हिसाब से चलने दिया। न तो उसने संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की पहचान की, न लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगाई, न जांच की अतिरिक्त सुविधा लगाई,… Continue reading चीन की गलती भारत ने दोहराई

पैनिक ज्यादा ठोस उपाय कम

भारत में कोरोना वायरस को लेकर दो तरह की बातें हो रही हैं। या तो इसका मजाक उड़ाया जा रहा है, इस पर मीम बन रहे हैं, सोशल मीडिया में मजाकिया वीडियो शेयर किए जा रहे हैं या इसका खौफ पैदा किया जा रहा है। इसे रोकने या इससे लड़ने के ठोस उपाय नहीं हो रहे हैं। आम आदमी इसका मजाक बना कर अपने मन को दिलासा दे रहा है तो सरकारें खौफ अब पैदा करने में लगी हैं। किसी का ध्यान इस बात की ओर नहीं है कि जिस तरह से चीन या दक्षिण कोरिया ने अपने यहां उपाय किए और इस वायरस के संक्रमण को काफी हद तक रोक दिया उस तरह का कोई उपाय किया जाए। सरकार ने इस वायरस को लेकर खौफ फैलाना मार्च के पहले हफ्ते में शुरू किया, जब प्रधानमंत्री से लेकर तमाम केंद्रीय मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा कि वे होली के समारोह से दूर रहेंगे। उसके बाद से यह सिलसिला चल रहा है। अब जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे वैश्विक महामारी घोषित किया तो भारत में भी एक एक करके राज्यों ने इसे महामारी घोषित करना शुरू कर दिया है। हालांकि उसमें भी टुकड़ों टुकड़ों में उपाय हो रहे… Continue reading पैनिक ज्यादा ठोस उपाय कम

रोकना है तो बड़े कदम उठाने होंगे

अगर भारत में कोरोना वायरस को फैलने से रोकना है तो बड़े कदम उठाने होंगे। कुछ बिल्कुल अलग अंदजा में सोचना होगा और ऐसी पहल करनी होगी, जो अब तक नहीं हुई है। इसका कारण यह है कि भारत का मामला चीन, दक्षिण कोरिया या इटली से बहुत अलग है। चीन और दक्षिण कोरिया में कोविड-19 का संक्रमण एक-एक शहर में हुआ। इटली में हुबई प्रांत की राजधानी वुहान में और दक्षिण कोरिया के दागू में संक्रमण हुआ। दोनों देशों ने इन दो शहरों को पूरी तरह से अलग-थलग कर दिया। इन शहरों के लोगों को घरों में कैद कर दिया और सब कुछ उनके घर तक पहुंचाया गया। दूसरी ओर इटली बहुत छोटा देश है, जहां मजबूरी में पूरे देश को ही आइसोलेशन में जाना पड़ा है। इसके उलट भारत बहुत बड़ा देश है और अभी तक देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस से लोगों के संक्रमित होने की खबर आई है। यानी यह एक या दो शहर का मामला नहीं है। इसका फुटप्रिंट पूरे देश में दिखने लगा है। अभी तक के आंकड़ों के मुताबिक भारत में 80 के करीब मामले आए हैं। तीन फरवरी तक भारत में सिर्फ तीन मामले थे। इसके एक महीने बाद बढ़… Continue reading रोकना है तो बड़े कदम उठाने होंगे

कोरोना महामारी घोषित, भारत ने सभी वीजा रद्द किया

नई दिल्ली। भारत ने कोरोना वायरस संक्रमण को प्रसार को रोकने के उद्देश्य से 15 अप्रैल तक सभी पर्यटन वीजा निलंबित कर दिए हैं। सरकारी बयान में इसकी जानकारी जानकारी दी गयी है। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह निलंबन 13 मार्च को रात जीएमटी 12 बजे से प्रभावी होगा। इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने बुधवार को कहा कि नये कोरोना वायरस को अब महामारी कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमने कोरोना की ऐसी महामारी कभी नहीं देखी है। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की अध्यक्षता में हुई मंत्री समूह की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है, ‘‘राजनयिक, आधिकारिक, संयुक्त राष्ट्र/ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, कामकाजी और प्रोजेक्ट वीजा के अलावा सभी मौजूदा वीजा 15 अप्रैल, 2020 तक निलंबित किए जाते हैं। यह 13 मार्च, 2020 की जीएमटी समयानुसार दोपहर 12 बजे से सभी प्रस्थान बिन्दुओं पर प्रभावी होगा।’’ओसीआई कार्डधारकों को प्राप्त वीजा मुक्त यात्रा की सुविधा भी 15 अप्रैल तक के लिए रोक दी गयी है।विज्ञप्ति में कहा गया है कि यदि कोई विदेशी नागरिक आपात स्थिति में भारत की यात्रा करना चाहता है तो वह अपने देश में स्थित भारतीय मिशन से संपर्क कर सकता है।

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