Pegasus hacking : पाकिस्तान ने भारत पर लगाया आरोप, जासूसी का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की धमकी

‘वॉशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक सर्विलांस लिस्ट में भारत के एक हजार फोन नंबर और पाकिस्तान के एक सौ नंबरों को डाला गया था। स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर पेगासस इजराइली फर्म एनएसओ ग्रुप टेक्नोलॉजिज ने बनाया है। कंपनी को हैकिंग सॉफ्टवेयर बनाने में महारत हासिल है। उसका दावा है कि वह सिर्फ संप्रभु सरकारों को ही अपना सॉफ्टवेयर बेचती है।

जो असल मुद्दा है

जहां तक लोकतांत्रिक पैमानों का सवाल है, तो उसमें एक यह है कि चुनावों के दौरान पक्ष और विपक्ष को समान धरातल मिले। हालांकि कई दूसरे कारणों से भी हाल के वर्षों में ये धरातल टूट गया है, लेकिन इस मामले ने एक बार फिर इस सवाल को उठाया है। इसलिए खबर आई है कि 2019 के आम चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जासूसी की गई।

पेगासस से जासूसी का सवार कौन?

आमतौर पर सरकारों से असहमति रखने वालों की जासूसी के लिए इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है। इजराइल की संस्था एनएसओ ने इस सॉफ्टवेयर का निर्माण किया है और उसका दावा है कि वह ये सॉफ्टवेयर सिर्फ संप्रभु सरकारों या सरकारों से मान्यता प्राप्त एजेंसियों को ही बेचती है।

फोन हैकिंग में पूरा सद्भाव है

सरकारी लोगों में वसुंधरा राजे के सहयोगी का नाम सूची में  होना जरूर समझ में आता है। उसके राजनीतिक कारण होंगे। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनके संबंध तनाव वाले हैं और वे राजस्थान में स्वतंत्र रूप से राजनीति करती हैं।

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