सुलेमानी के मारे जाने से संकट बढ़ेगा

मैं तकदीर का कायल हूं। मेरा मानना है कि कई बार तो हमें कुछ गलत नहीं करने के बावजूद दूसरों की गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ता है, जिससे हमारा न तो कुछ लेना-देना ही होता है और न ही कुछ और लोगों के उस काम में हमारी कोई भूमिका ही होती है। हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान के जाने-माने कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी के द्रोण के जरिए किए गए हमले में मारे जाने की खबर पढ़ी तो यह बात याद आ गई। यह वो व्यक्ति है जो कि इस क्षेत्र में बहुत अहमियत रखता था। उसने खाड़ी के देशों में ईरान का काफी प्रभाव बढ़ाया था। उसकी हत्या के बाद सोशल मीडिया पर तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाएं जताई जाने लगी हैं। उसकी हत्या के बाद न सिर्फ मध्य पूर्व, बल्कि पूरी दुनिया में उथल-पुथल होने की आशंका बढ़ गई है। उसकी अहमियत बिन लादेन व आतंकवादी बगदादी से भी ज्यादा थी। उसे ज्यादा खतरनाक आतंकी माना जाता था। इसकी वजह यह थी कि जहां बिन लादेन व बगदादी को औपचारिक रूप से कोई सरकारी संरक्षण हासिल नहीं था वहीं सुलेमानी इतना ज्यादा शक्तिशाली था कि ईरान सरकार से लेकर पूरे मध्य पूर्व में उसका सिक्का चलता था। वह… Continue reading सुलेमानी के मारे जाने से संकट बढ़ेगा

ईरान पर भारत की कूटनीतिक परीक्षा

अजित कुमार- ऐसा लग रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने इरादे में कामयाब हो गए हैं। उन्होंने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। ट्रंप ने अपनी घरेलू राजनीतिक मजबूरी में ईरान पर हमला किया है पर उसमें उन्होंने भारत को भी उलझा दिया है। असल में वे काफी समय से इस प्रयास में थे कि खाड़ी के मामलों में किसी तरह से भारत को घसीटा जाए। ध्यान रहे भारत अब तक हमेशा खाड़ी की भू-राजनीतिक घटनाओं से अपने को अलग रखता आया है। उसने पूरी तरह से तटस्थता की नीति अपनाए रखी है। चाहे नब्बे के दशक के शुरू में जॉर्ज बुश सीनियर का छेड़ा खाड़ी युद्ध हो या 2001 में जॉर्ज बुश जूनियर द्वारा छेड़ा गया युद्ध हो। दोनों बार भारत इस मामले से अलग रहा। चूंकि खाड़ी देशों के साथ भारत के कई तरह के हित जुड़े हैं और दूसरे वहां के मामले में शामिल होने से भारत में और दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक परिदृश्य प्रभावित होने की भी आशंका रहती है इसलिए भारत इससे दूर रहता है। पर इस बार ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को आतंकवाद से जोड़ते हुए कह दिया कि भारत की राजधानी नई दिल्ली में हुए आतंकी… Continue reading ईरान पर भारत की कूटनीतिक परीक्षा

अमेरिका ने ईरानी जनरल को मार डाला!

वाशिंगटन। अमेरिका ने एक अभूतपूर्व घटनाक्रम में अमेरिका ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के बेहद शक्तिशाली कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी को मार डाला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई में कासिम सुलेमानी को मार गिराया। सुलेमानी को ईरान के राष्ट्रपति रूहानी से भी ज्यादा लोकप्रिय माना जाता है। उनके मारे जाने पर ईरान ने बदला लेने की चेतावनी दी है। इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। कई अमेरिकी सांसदों ने भी इसकी निंदा की है और चिंता भी जताई है। जनरल सुलेमानी ईरान के अल कुद्स फोर्स के प्रमुख थे और उनको इसके क्षेत्रीय सुरक्षा हथियारों के जनक के तौर पर जाना जाता था। उन्हें शुक्रवार तीन जनवरी को बगदाद के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर अमेरिकी हवाई हमले में मारा गया। हमले में इराक के शक्तिशाली हशद अल शाबी अर्द्धसैनिक बल का उपप्रमुख भी मारा गया। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने इराक में सुलेमानी की मौत की पुष्टि की है और कहा कि यह हमला ट्रंप के निर्देश पर किया गया था। पेंटागन ने कहा- विदेश में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट रक्षात्मक कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर कुद्स… Continue reading अमेरिका ने ईरानी जनरल को मार डाला!

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