कांग्रेस को सलाहवीर नहीं संघर्षवीर चाहिए

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने माफ करो और भूल जाओ की अपनी उदारता के चलते राष्ट्रीय सुरक्षा पर बनाई एक महत्वपूर्ण नई कमेटी में गुलामनबी आजाद को मनोनीत किया है।

कांग्रेस वालों जनसंघ को याद रखों!

पता नहीं कपिल सिब्बल को जनसंघ नाम याद है या नहीं? पार्टियों के मौजूदा नेताओं-टीवी चैनलों के एंकरों को शायद ही इतिहास ध्यान हो कि 1951 से लेकर 1977 तक भाजपा की पूर्वज जनसंघ पार्टी चुनावों में दो-पांच-बीस-बाईस सीटे जीतती थी।