परंपरा : झाबुआ में ग्वालों के ऊपर से गुजरी गायें

झाबुआ। मन्नत की कामना और मन्नत उतारने के लिए लोग तरह-तरह के जतन करते हैं। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में तो मन्नतधारी सड़क पर लेटकर अपने उपर से गायों को निकलने देते हैं। मान्यता है कि दीपावली के अगले दिन पड़वा पर ऐसा करने से मन्नत पूरी होती है। झाबुआ के पेटलावद कस्बे के बाछीखेड़ा सहित अन्य गांवों में गाय और ग्वालों के पारस्परिक रिश्तों का पर्व गाय-गोयरी पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर गायों को खास तौर से मोर पंख, मेहंदी और रंग लगाकर सजाया जाता है, जिन्हें लोग अपने ऊपर से गुजारते हैं। जिनके ऊपर पैर रखकर गाय निकल जाती है वे अपने को भाग्यशाली मानते हैं। साथ ही चोटिल न होने का दावा किया जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गायों के पैर पड़ने से संबंधित व्यक्ति की मन्नत पूरी होती है या उतर जाती है। उसी के लिए लोगों में दीपावली के अगले दिन सड़क पर पेट के बल लेटकर गाय को गुजारने की होड़ मची रहती है। सोमवार को बड़ी संख्या में इस तरह के आयोजन किए गए, और गायों के हुजूम को लोगों के ऊपर से गुजारा गया। स्थानीय लोग बताते हैं कि दीपावली के अगले… Continue reading परंपरा : झाबुआ में ग्वालों के ऊपर से गुजरी गायें

परिस्थितियां बदलने के लिए परिणाम की प्रतीक्षा

आज महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा के चुनाव परिणाम जहां राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक परिस्थितियों को बदलेंगे वहीं प्रदेश में झाबुआ विधानसभा के उपचुनाव के परिणाम की प्रतीक्षा भी बेसब्री से की जा रही है क्योंकि प्रदेश के दोनों ही दलों कांग्रेस और भाजपा पर इस परिणाम का असर होगा।

झाबुआ में दोपहर एक बजे तक 41 प्रतिशत मतदान

मघ्यप्रदेश में झाबुआ विधानसभा उपचुनाव के लिए आज हो रहे मतदान में दोपहर एक बजे तक 41 प्रतिशत मतदान हो चुका है। शांति पूर्ण मतदान जारी है।

झाबुआ उपचुनाव : कमलनाथ बनाम शिवराज !

मध्य प्रदेश के झाबुआ विधानसभा सीट का उपचुनाव, मतदान की तारीख करीब आते-आते दो दिग्गजों के बीच आकर ठहर गया है। यह चुनाव वैसे तो कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया और भाजपा के भानु भूरिया के बीच है, मगर वास्तव में यह चुनाव मुख्यमंत्री कमलनाथ बनाम शिवराज सिंह चौहान के बीच बनकर रह गया है।

भाजपा फैला रही है भ्रम  : दिग्विजय

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए आज कहा कि राज्य में कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं है

झाबुआ में ‘शिवराज’ को दांव पर लगाने के मायने..!

झाबुआ उपचुनाव ने क्या भाजपा नेताओं को एकजुट कर दिया या फिर यह अभी भी खुद को बेहतर साबित कर एक-दूसरे को निपटाने की स्कि्रप्ट का हिस्सा है जिम्मेदार नेताओं के ये बयान। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का ताजा बयान फिर उससे मुकर जाना, झाबुआ की धरती से सबसे पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भाजपा प्रत्याशी भानु भूरिया की जीत होने पर कमलनाथ सरकार को गिरा देने का दावा कर चुके।

कमलनाथ सरकार के कामकाज का ‘लिटमस टेस्ट’

वैसे तो एक विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव का सियासी तौर पर ज्यादा महत्व नहीं होता है, मगर मध्यप्रदेश के झाबुआ में होने जा रहे उप-चुनाव में बड़ा संदेश छुपा हुआ है, क्योंकि यह चुनाव जहां नौ माह पुरानी कमलनाथ सरकार के कामकाज का लिटमस टेस्ट होगा,

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