चेहरा, नीति, नेतृत्व विहीन, दिशाहीन बीजेपी में क्या संकट गहराया

भाजपा अपने कब्जे वाली झाबुआ का उपचुनाव सिर्फ हारी नहीं, बल्कि बड़े मतों के अंतर से जिस सीट पर लोकसभा चुनाव में उसे 7000 की बढ़त मिली थी वहां वह 27000 से हार गई यानी बड़ा उलटफेर।

झाबुआ उपचुनाव में जीत से मजबूत हुई कमलनाथ सरकार

भोपाल। मध्य प्रदेश के झाबुआ विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव ने कमलनाथ सरकार की सेहत को पहले के मुकाबले और दुरुस्त करने का काम किया है, क्योंकि बहुमत के आंकड़े से दो अंक दूर चल रही इस सरकार का इस उपचुनाव से एक अंक और बढ़ गया है। अब सरकार पूर्ण बहुमत से सिर्फ एक सीट पीछे रह गई है। वहीं इस चुनाव से सरकार का मनोबल बढ़ा है। राज्य की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत नहीं है और बाहरी समर्थन से यह सरकार चल रही है। झाबुआ उपचुनाव से पहले कांग्रेस के 114 विधायक थे, जो अब बढ़कर 115 हो गए हैं। यानी पूर्ण बहुमत से एक सीट कम। वहीं भाजपा के 108 विधायक हैं, जो विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से एक कम हो गए हैं। कांग्रेस को बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है। इस तरह सरकार के पास अब 122 विधायकों का समर्थन हो जाएगा। झाबुआ विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव शुरुआत से ही कमलनाथ बनाम शिवराज सिंह चौहान के तौर प्रचारित किया जा रहा था। इस चुनाव में दोनों ही नेताओं ने अपनी ताकत झोंकने में कोई कसर नहीं छोड़ी। चुनाव से पहले कहा यही जा रहा… Continue reading झाबुआ उपचुनाव में जीत से मजबूत हुई कमलनाथ सरकार

परिस्थितियां बदलने के लिए परिणाम की प्रतीक्षा

आज महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा के चुनाव परिणाम जहां राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक परिस्थितियों को बदलेंगे वहीं प्रदेश में झाबुआ विधानसभा के उपचुनाव के परिणाम की प्रतीक्षा भी बेसब्री से की जा रही है क्योंकि प्रदेश के दोनों ही दलों कांग्रेस और भाजपा पर इस परिणाम का असर होगा।

झाबुआ मतदान संपन्न, 60 फीसदी से अधिक मतदान

मध्यप्रदेश के झाबुआ विधानसभा उपचुनाव के लिए आज शाम पांच बजे मतदान संपन्न हो गया और दो लाख 77 हजार से अधिक मतदाताओं में से साठ प्रतिशत से अधिक ने वोट डाले।

कांति, कमलनाथ, कांग्रेस के लिए ‘सिंधिया’ कितने जरूरी…

कमलनाथ के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी चुनाव प्रचार के लिए महाराष्ट्र दौरे पर जा रहे हैं। जो 2 दिन में करीब आधा दर्जन से ज्यादा सभाओं को संबोधित करेंगे। ऐसे में सवाल खड़ा होना लाजमी है कि झाबुआ उपचुनाव में प्रचार के लिए सिंधिया आएंगे तो कब.? हाल ही में ग्वालियर-चंबल का उनका सघन दौरा, इस दौरान उठाए गए मुद्दे और मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखी गई चिट्ठियां खूब चर्चा में रही।

और लोड करें