अजय देवगन ने जेएनयू हिंसा पर चुप्पी तोड़ी

अभिनेता अजय देवगन की फिल्म ‘तानाजी : द अनसंग वारियर्स’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में आ गई। ठीक इसी दिन अभिनेता ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुई हिंसा पर भी अपनी चुप्पी तोड़ी है।

मुश्किल समय की चीफ जस्टिस की चिंता!

यह बात चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबड ने कही है। उनके सामने एक याचिका आई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने कहा था कि सर्वोच्च अदालत संशोधित नागरिकता कानून को संवैधानिक घोषित करे। यह हैरान करने वाली याचिका थी और चीफ जस्टिस ने सही ही हैरानी जताते हुए कहा कि पहली बार किसी कानून को संवैधानिक घोषित कराने के लिए याचिका दायर की गई है।

सब ठीक का ‘न्यू नार्मल’

ऐसा नहीं है कि यह हालात एक महीने पहले नागरिकता कानून पास होने के बाद बने हैं। पिछले तीन महीने से यह राष्ट्रीय राजधानी का न्यू नार्मल (सब कुछ सामान्य का नया अर्थ) है। सड़कों का बंद होना, ट्रैफिक डायवर्ट होना, इंटरनेट का बंद होना, मेट्रो स्टेशन का बंद होना अब भारत की राजधानी का न्यू नार्मल है।

इतना तो अच्छा हिंदू यज्ञ!

हां, यह दूसरा पक्ष है! एक देशभक्त ने कहा, बहुत जरूरी थी जेएनयू में लेफ्टिस्टों की ठुकाई। वहां टुकड़े-टुक़ड़े गैंग ने राष्ट्रवादी छात्रों का जीना हराम किया हुआ था। अब लेफ्टिस्टों को हमेशा ठुकाई याद रहेगी। दूसरे देशभक्त ने बताया कि जामिया में यदि पुलिस घुस कर नहीं मारती तो सड़कों पर तांडव चलता रहता।

पुलिस के निशाने पर छात्र नेता

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, जेएनयू में पांच जनवरी को हुई हिंसा में शामिल नकाबपोश गुंडों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय छह दिन की जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने हिंसा में शामिल नौ लोगों को पहचानने का दावा किया है, जिसमें जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष भी शामिल हैं, जिनको हिंसा में सबसे ज्यादा चोटें आई हैं। सोशल मीडिया में चल रहे प्रचार की लाइन पर आगे बढ़ते हुए दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि चार लेफ्ट संगठन हिंसा में शामिल हैं। इस घटना की जांच के लिए बनी दिल्ली पुलिस की एसआईटी ने शुक्रवार को अपनी जांच के बारे में मीडिया को बताया। डीसीपी जॉय तिर्की ने कहा कि हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष सहित नौ सदस्यों की पहचान कर ली गई है। हालांकि अभी तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा- जल्दी ही इन लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया। डीसीपी तिर्की ने कहा- जेएनयू में लेफ्ट से जुड़े चार संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। ये लोग नियम तोड़ रहे और असुविधा पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा- स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन,… Continue reading पुलिस के निशाने पर छात्र नेता

जेएनयू हिंसा पर कंगना ने कहा, इसे राष्ट्रीय मुद्दा न बनाएं

मुंबई। अभिनेत्री कंगना रनौत ने आखिरकार दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुई हिंसा के मामले में अपने विचार रखते हुए कहा कि घटना को राष्ट्रीय और राजनीतिक का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। हिंदुस्तान टाइम्स डॉट कॉम की खबर के अनुसार, अपनी आने वाली फिल्म ‘पंगा’ के प्रचार के मौके पर मीडिया से बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा जेएनयू में छात्रों पर हुई हिंसा की वर्तमान में जांच चल रही है। यह समझा जाता है कि विश्वविद्यालय में दो पक्ष हैं। कंगना ने चंडीगढ़ में अपने कॉलेज के दिनों में हुए गैंगवॉर को याद करते हुए कहा कॉलेज समय में गैंगवॉर (दो गुटों के बीच लड़ाई) होना आम बात है। मैं छात्रावास में रहती थी, लड़कों का होस्टल भी बगल में था। उन्होंने आगे कहा वहां लोगों का दिन दहाड़े पीछा किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। एक लड़का एक बार हमारे छात्रावास में कूद गया था और भीड़ द्वारा मारे जाने वाला था, लेकिन हमारे छात्रावास प्रबंधक ने उसे बचा लिया। उन्होंने आगे कहा पुलिस को चाहिए कि वह अपराधियों को हिरासत में ले और प्रत्येक को चार थप्पड़ लगाए। इस प्रकार के लोग हर जगह मिलते हैं, हर गली और कॉलेज में। इसे राष्ट्रीय… Continue reading जेएनयू हिंसा पर कंगना ने कहा, इसे राष्ट्रीय मुद्दा न बनाएं

संदेह का साया कैसे छंटेगा?

अर्थशास्त्री सीपी चंद्रशेखर का इस्तीफा दिखाता है कि भारत की सांख्यिकीय प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर चिंताएं अभी भी जस की तस हैं। विशेषज्ञों के बीच ये राय पहले ही बन चुकी है कि सरकार की सांख्यिकीय प्रणाली की विश्वसनीयता अपने सबसे निचले स्तर पर है। मगर ऐसा नहीं है कि विश्वसनीयता बहाल नहीं की जा सकती। अगर विशेषज्ञों ऐसा करने की स्वतंत्रता दी जाए, ये काम हो सकता है। लेकिन समस्या यही है कि सरकार की मंशा को लेकर विशेषज्ञ आश्वस्त नहीं हैं। गौरतलब है कि नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों पर हमले के एक ही दिन बाद विश्वविद्यालय के जाने-माने प्रोफेसर सीपी चंद्रशेखर ने इस्तीफा दे दिया। अर्थशास्त्री प्रणब सेन की अध्यक्षता में आर्थिक आंकड़ों की स्थायी समिति का गठन केंद्र सरकार ने सरकारी आंकड़ों की गुणवत्ता सुधारने के लिए पिछले महीने किया था। चंद्रशेखर ने समिति की पहली बैठक से ठीक पहले इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा है कि जेएनयू में मौजूदा हालात की वजह से बैठक में शामिल होने में वो असमर्थ थे। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि उन्हें नहीं लगता कि मौजूदा हालात में समिति सांख्यिकीय प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल कर पाएगी। उनके इस्तीफे ने उन्हीं सवालों को फिर… Continue reading संदेह का साया कैसे छंटेगा?

गुंडों को पकड़ने में नाकाम पुलिस

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, जेएनयू में घुस कर छात्रों और शिक्षकों के साथ मारपीट करने वाले नकाबपोश गुंडों को पकड़ने में दिल्ली पुलिस नाकाम रही है। चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस यह दावा ही करती रही कि वह नकाबपोश गुंडों की पहचान कर रही है। सूत्रों के हवाले से पुलिस ने कहा कि कुछ नकाबपोशों की पहचान हो गई है और जल्‍दी ही पुलिस इस मामले में खुलासा करने वाली है। हालांकि कोई नया केस इस मामले में दर्ज नहीं किया गया है और न अब तक कोई गिरफ्तारी हुई है। नकाबपोश गुंडों के हमले में घायल हुई जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने पुलिस में शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि उनको जान से मारने की कोशिश की गई। आइशी ने पुलिस को विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि उनके बेहोश हो जाने तक गुंडे उनको मारते रहे थे। आइशी ने यह भी कहा कि वे एक नकाबपोश गुंडे को पहचानती हैं। गौरतलब है कि रविवार को 50 के करीब गुंडे जेएनयू कैंपस में घुसे थे और छात्रों व शिक्षकों से मारपीट की थी। उन्होंने कैंपस में तोड़फोड़ भी की थी। इस बीच छात्रों के प्रति समर्थन जताने के लिए मंगलवार… Continue reading गुंडों को पकड़ने में नाकाम पुलिस

कांग्रेस ने जेएनयू कुलपति के इस्तीफे की मांग की

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में पांच जनवरी को हुई हिंसा के लिए कांग्रेस ने विश्वविद्यालय के कुलपति पर हमला करते हुए उनके इस्तीफे की आज मांग की।

जेएनयू हिंसा की जांच प्रगति पर : पुलिस

दिल्ली पुलिस के उपायुक्त देवेंद्र आर्य ने आज दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार को हुई हिंसा की जांच चल रही है।

जस्टिस काटजू की चिंता कितनी जायज?

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा की घटना के बाद ट्विट करके दिल्ली के चुनाव के बारे में आशंका जताई है और एक भविष्यवाणी भी की है। सोमवार को चुनाव की घोषणा के बाद किए गए अपने ट्विट में उन्होंने लिखा है कि दिल्ली में जल्दी ही बड़ा सांप्रदायिक दंगा हो सकता है,

जेएनयू हिंसा और चुनाव की घोषणा!

दिल्ली में विधानसभा चुनावों की घोषणा क्या जल्दबाजी में की गई है? क्या इस घोषणा का जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में सोमवार को हुई हिंसा से कोई लेना देना है? जानकार सूत्रों का कहना है कि चुनाव की घोषणा शनिवार को होने वाली थी। इसके दो कारण बताए जा रहे हैं।

जेएनयू में शैक्षणिक प्रक्रिया बहाल कराने के निर्देश

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) में रविवार रात हुई हिंसा पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी एक रिपोर्ट तैयार की है। जेएनयू प्रशासन ने यह रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सौंप दी है

जेएनयू हिंसा : जांच टीमों को ठंड में भी आ रहा पसीना

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार यानी पांच जनवरी को हुई हिंसा की परतें खोलने के लिए सबूत जुटाने में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को कड़ाके की ठंड में भी पसीना आ रहा है।

जेएनयू हमले की जिम्मेदारी हिंदू रक्षा दल ने ली

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार को हुई हिंसा की जिम्मेदारी हिंदू रक्षा दल द्वारा लिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वह इस दावे की जांच कर रही है।

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