इस बहस में नया क्या?

इस वर्ष के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से एक बार फिर गरीबी चर्चा के केंद्र में आई है। इसलिए कि जिन तीन लोगों को साझा तौर पर नोबेल कमेटी ने चुना, उन्हें वैश्विक गरीबी को दूर करने में प्रायोगिक रास्ता बनाने के लिए पुरस्कृत किया गया है। लेकिन ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है। बाकी को छोड़ दें और बात भारत पर ही केंद्रित रखें तो ऐसा ही 21 साल पहले अमर्त्य सेन को नोबेल पुरस्कार दिए जाने से हुआ था।