रहीम का मकबरा और उनकी बात

मैं बचपन से ही कबीर और रहीम को बहुत पसंद करता आया हूं क्योंकि ये दोनों कवि बड़ी-बड़ी शाब्दिक लफ्फाजी करने की जगह अपनी सफल व आम आदमी को आसानी से समझ में आ जाने वाली भाषा में जीवन के सत्य को वर्णित करते थे।