‘रासुका’: आपात्काल की अवांछित संतान

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने डाॅ. कफील खान को रिहा करने का फैसला दिया था, उस पर मैंने जो लेख लिखा था, उस पर सैकड़ों पाठकों की सहमति आई लेकिन एक-दो पाठकों ने काफी अमर्यादित प्रतिक्रिया भी भेजी। उन्होंने इसे हिंदू-मुसलमान के चश्मे से देखा।

डॉ. कफील खानः फिजूल गिरफ्तारी

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायाधीश सौमित्रदयाल सिंह को दाद देनी पड़ेगी कि उन्होंने डॉ. कफील खान के मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। सात महिने से जेल में पड़े डॉ. खान को उन्होंने तत्काल रिहा करने का आदेश दे दिया।

कफील खान पर से हटा एनएसए

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, एनएसए के तहत गिरफ्तार करके पिछले करीब छह महीने से जेल में रखे गए डॉक्टर कफील खान को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तत्काल जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।