बंदूक थामे हाथ आखिर किसके हैं?

रामभक्त गोपाल या कपिल गुर्जर को किसी विचारधारा का प्रतिनिधि चेहरा मानना चाहिए या संशोधित नागरिकता कानून का विरोध करने वालों के ऊपर इनके गोली चलाने की घटना को इनका वैयक्तिक अपराध मान कर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत इनके ऊपर मुकदमा चलना चाहिए? इस सवाल का जवाब आसान नहीं है। कहने को… Continue reading बंदूक थामे हाथ आखिर किसके हैं?