मानी जाए राज्यों की मांग

कोरोना वायरस से लड़ने में केरल के मॉडल की दुनिया भर में तारीफ हुई। मगर अब वही राज्य घोर आर्थिक संकट में है। जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों के पास राजस्व के स्रोत वैसे भी काफी कम बचे थे।

लेफ्ट को केरल मॉडल से फायदा होगा

कोरोना वायरस से लड़ाई में केरल की कहानी सफलता की महागाथा के तौर पर लिखी जाएगी। भारत में ही नहीं देश से बाहर भी इसकी चर्चा हो रही है कि कैसे केरल ने इस जानलेवा वायरस को अपने यहां फैलने से रोक दिया।

केरल में क्या है खास!

केरल का विकास मॉडल पहले भी चर्चित रहा है। विकाम मॉडल्स पर लिखी गई अमर्त्य सेन की किताबों में अक्सर केरल का जिक्र आता है। अपने इस मॉडल की बदौलत इस राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मानव विकास के अन्य मानदंडों पर बाकी भारत से बेहतर नतीजे अतीत में भी हासिल किए। अब कोरोना संकट के मद्देनजर केरल ने फिर दुनिया भर में तारीफ बटोरी है। ये राज्य इस रोग से सबसे पहले पीड़ित हुआ, लेकिन जल्द ही उसने इस पर लगभग काबू पा लिया। केरल में पहला कोविड-19 पॉजिटिव केस जनवरी में ही सामने आ गया था। चीन की वुहान यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली एक छात्रा जब केरल के थ्रिसूर जिले में अपने घर वापस लौटी, तो उसे कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया। वुहान से ही इस वैश्विक महामारी की शुरुआत हुई थी। थ्रिसूर की इस छात्रा को तुरंत अस्पताल में भर्ती किया गया। करीब तीन सप्ताह में वो पूरी तरह ठीक हो गई। तब से अब तक केरल ने एक लंबा सफर तय किया है। राज्य सरकार का दावा है कि राज्य में बीमारी का ग्राफ गिर रहा है। इस दावे को किसी ने चुनौती नहीं दी है। बल्कि नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने भी… Continue reading केरल में क्या है खास!

गहलोत का भीलवाड़ा मॉडल

भारत के हर सत्यवादी नागरिक को अशोक गहलोत और पिनरायी विजयन को सलाम करना चाहिए। इसलिए कि कोविड-19 के खतरे की गंभीरता को प्रारंभिक चरण में इन दो मुख्यमंत्रियों ने ही बूझा। दोनों ने प्रदेश में वायरस पहुंचने की पहली खबर आते ही मेडिकल व्यवस्था की कमान संभाल वायरस से लड़ाई शुरू कराई। केरल में भारत का सबसे पहला केस 30 जनवरी को चीन के वुहान से पहुंची मेडिकल छात्रा से आया था। तब से अब तक केरल में सिर्फ दो मौत और संक्रमण का मोटे तौर पर थमा रहना केरल का वह कमाल है, जिस पर वाशिंगटन पोस्ट से ले कर तमाम जानकार प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की वाह कर रहे हैं। ऐसे ही भारत में केरल के पहले तीन केस के बाद राजस्थान में दो मार्च को जयपुर में कोरोना पीडित इतालवी पर्यटक के होने की खबर आई तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा, स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसरों के साथ बैठक कर कोरोना संकट प्रबंधन टीम बनाई। मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव रोहित सिंह को प्रभारी बना कर जयपुर के सरकारी अस्पताल एसएमएस में टेस्टिंग, विशेष वार्ड, इलाज प्रयोग आदि की व्यवस्था बनवा कर, नियमित मीटिंगों से मॉनिटरिंग शुरू की। तभी जब 18 मार्च को प्रदेश… Continue reading गहलोत का भीलवाड़ा मॉडल

केरल से सीखे सारा देश

केरल में कल-परसों ऐसा काम हुआ है, जो पूरे देश में बड़े पैमाने पर होना चाहिए। कोची के समुद्रतट के किनारे चार गगनचुंबी भवनों को कुछ ही सेकेंड में जमीदोज़ कर दिया गया। ये भवन 17 से 19 मंजिले थे। इनमें तीन सौ से ज्यादा फ्लैट बने हुए थे। इन फ्लैटों में 300 से ज्यादा परिवार कई वर्षों से रह रहे थे। इन फ्लैटों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत गिराया गया। ये फ्लैट निजी बिल्डरों ने गैर-कानूनी ढंग से बनाकर लोगों को कई वर्ष पहले बेच दिए थे। इन्हें बनाने की इजाजत केरल के नौकरशाहों ने दी थी। जब इनके खिलाफ मुकदमा चला तो उच्च न्यायालय ने इन्हें निर्दोष पाया लेकिन सबसे बड़ी अदालत के सामने यह मामला टिक नहीं पाया। साल भर पहले उसने इन गैर-कानूनी फ्लैटों को गिराने का फैसला दिया। फ्लैट के निवासियों ने काफी शोरगुल मचाया, काफी उठा-पटक की लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। अदालत ने प्रत्येक फ्लैट-मालिक को 25-25 लाख रु. का हर्जाना देने का आदेश दिया और आखिरकार इन भव्य भवनों को गिरवा दिया। इतने बड़े पैमाने पर अवैध भवन गिरवाने का कारनामा पहली बार हुआ है। अभी तो ऐसे सिर्फ चार भवन ही गिरे हैं, अभी देश में ऐसे ही हजारों भवन हैं,… Continue reading केरल से सीखे सारा देश

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