सर, ये आपकी लापरवाही है!

केंद्र सरकार को अब ख्याल आया है कि 18 जनवरी के बाद देश में 15 लाख लोग विदेश से आए, जिनमें सबकी निगरानी नहीं हो पा रही है। सवाल है कि इस निगरानी को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी थी? कोरोना वायरस फैल रहा है, ये चर्चा तब शुरू हो चुकी थी। इसके बावजूद विदेश से आने वाले यात्रियों के बारे में कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए, तो इसके लिए उन लोगों या राज्य सरकारों को दोषी नहीं ठहाराय जा सकता। लेकिन अब केंद्र सरकार ऐसा ही करती दिख रही है। आशंका तो यह है कि आगे चल कर उनमें से कुछ पर महामारी कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया जाए। लेकिन सच्चाई यह है कि 16 मार्च तक केंद्र ने सभी देशों से आने वाले यात्रियों को एकांत में रखने का निर्देश जारी नहीं किया था। ये सूची धीरे-धीरे बढ़ाई गई। फिर यह भी गौरतलब है कि यात्री तभी हवाई अड्डों से आगे गए, जब उनके इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी हुई। क्या इसके बाद किसी यात्री की जिम्मेदारी रह जाती है कि वह खुद एकांत में जाए? मगर अब कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर विदेश से भारत आए यात्रियों… Continue reading सर, ये आपकी लापरवाही है!

कारपोरेट को भी चाहिए मदद

ज्यादातर लोग अभी इस बारे में बात नहीं कर रहे हैं पर बात नहीं करने से सचाई नहीं टल जाने वाली है। जिस तरह सरकार ने गरीब कल्याण की योजना घोषित की उसी तरह उसे राज्यों में पैकेज भेजने चाहिए और उसी तरह कारपोरेट की मदद के लिए भी पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। जिस दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत एक लाख 70 हजार करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की उस दिन प्रेस कांफ्रेंस में उनसे कारपोरेट के पैकेज के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में बाद में बात करेंगे। पर इस बारे में अभी ही बात करनी होगी क्योंकि इसमें देरी से आर्थिक बरबादी का रास्ता खुलेगा। ध्यान रहे देश में लॉकडाउन भले 21 दिन का है पर कारोबारी गतिविधियां लंबे समय के लिए ठप्प हो गई हैं। अगर लॉकडाउन आगे बढ़ा तो आर्थिकी की तबाही और ज्यादा होगी। ऊपर से सरकार ने कंपनियों और छोटे उद्यमों से भी कहा है कि वे अपने यहां काम करने वाले लोगों की छंटनी नहीं करें और लॉकडाउन पीरियड में उनको काम पर मान कर उनका वेतन दें। कंपनियां ऐसा कर भी रही हैं और साथ ही कोरोना वायरस… Continue reading कारपोरेट को भी चाहिए मदद

मेडिकल पैकेज की घोषणा कब होगी?

इस समय सबसे ज्यादा जरूरी मेडिकल सेवाओं के लिए पैकेज की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले मंगलवार को जब 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया तो उन्होंने बताया कि सरकार ने चिकित्सा उपकरणों और मेडिकल सेवा से जुड़े दूसरे मद में 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। पर संकट की जैसी तीव्रता है, जितना बड़ा इसका दायरा है और जैसा खतरा दिख रहा है उसके हिसाब से 15 हजार करोड़ रुपए की रकम कुछ नहीं है। भारत की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत बहुत भयावह है। राज्यों से खबरें आ रही हैं कि डॉक्टर, नर्सें, कंपाउंडर और दूसरे स्वास्थ्यकर्मी कोरोना के मरीजों का इलाज नहीं कर रहे हैं क्योंकि उनके पास पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट यानी पीपीई नहीं हैं। यहां तक कि अच्छी क्वालिटी के मास्क भी नहीं हैं। डर है कि अगर ऐसी ही स्थिति रही तो हजारों डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी खुद ही संक्रमित हो जाएंगे। इसलिए तत्काल भारत को बड़ी संख्या में पीपीई, मास्क आदि की व्यवस्था करनी है। इसके बाद जरूरत आती है वेंटिलेटर और आईसीयू के उपकरणों की। अस्पतालों में सकी भारी कमी है। तभी अगर देश भर में अस्थायी अस्पताल बनाए जा रहे हैं तो वहां के लिए उपकरण कहां से आएंगे? सो,… Continue reading मेडिकल पैकेज की घोषणा कब होगी?

सीमा सील, सड़कों पर सैलाब

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस और लॉकडाउन से घबराए प्रवासी मजदूरों का पलायन रोकने के लिए रविवार को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। सभी राज्यों को आगाह किया कि वे सीमा सील करें और लोगों की आवाजाही रोकें। यहां तक कहा गया कि अगर लोगों की आवाजाही जारी रहे तो संबधित जिलों के कलेक्टर और एसपी के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटी यूपी की सीमा से लेकर सुदूर केरल के कोट्टायम और महाराष्ट्र तक सड़कों पर लोगों का सैलाब आया हुआ है। रविवार की शाम तक हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर थे और अपने घर लौटने की जद्दोजहद कर रहे थे। इससे पहले रविवार को दिन में केंद्र ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन से पूरे देश में लागू लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की आवाजाही को रोकने के लिए प्रभावी तरीके से राज्य और जिलों की सीमा सील करने को कहा। साथ ही आगाह किया कि पाबंदी का उल्लंघन करने वालों को 14 दिन के लिए आइसोलेशन सेंटर में भेजा जाएगा। इसके बावजूद लोगों का आना-जाना बंद नहीं हुआ है। दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लोगों से जहां हैं वहीं रहने की अपील की है।… Continue reading सीमा सील, सड़कों पर सैलाब

केजरीवाल और उद्धव ने की अपील

नई दिल्ली/मुंबई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और महाराष्ट्र के अलग अलग शहरों से प्रवासी मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपील की है। दोनों मुख्यमंत्रियों ने कहा कि जो जहां है वहीं रहे, उन्हें किसी किस्म की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। केजरीवाल ने तो यह भी ऐलान किया मजदूर अपने घरों के किराए की चिंता नहीं करें, उनका किराया सरकार भरेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजीरवाल ने डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस करके पलायन कर रहे लोगों से कहा कि जो लोग जहां हैं वहीं रहें और बाहर नहीं निकलें, दिल्ली सरकार उनके रहने और खाने का पूरा इंतजाम कर रही है। उन्होंने प्रवासी मजदूरों से अपील करते हुए कहा- आप अपने घर में रहें सरकार आपके कमरे का किराया दे देगी। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली और यूपी के बॉर्डर पर भारी भीड़ है। उन्होंने कहा- दूसरे राज्यों में भी लोग पलायन कर रहे हैं। गोवा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड आदि में लोग शहर छोड़ कर गांव में जा रहे हैं। सभी से हाथ जोड़ कर अपील है कि पीएम ने कहा था कि जो जहां हैं, वहीं रहें। यही कोरोना को रोकने का मंत्र है। ये मंत्र नहीं लागू… Continue reading केजरीवाल और उद्धव ने की अपील

दुनिया में 32 हजार से ज्यादा मरे

नई दिल्ली। दुनिया भर के देशों में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं और साथ ही इसके संक्रमण से मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। दुनिया के 195 देशों में करीब सात लाख लोग संक्रमित हो गए हैं और मरने वालों की संख्या 32 हजार से ज्यादा हो गई है। अमेरिका में सबसे ज्यादा सवा लाख लोग इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं और मरने वालों की संख्या 22 सौ से ज्यादा हो गई है। रविवार की शाम तक दुनिया भर में छह लाख 85 हजार से कुछ ज्यादा संक्रमितों की पुष्टि हुई थी। जबकि मरने वालों की संख्या 32,200 तक पहुंच चुकी थी। इसी दौरान एक लाख 46 हजार 400 लोग इलाज से स्वस्थ भी हुए। हालांकि अब भी एक्टिव मामलों की संख्या साढ़े पांच लाख से ज्यादा है, जिनमें 25 हजार से ज्यादा लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अमेरिका में रविवार तक 2236 संक्रमितों की मौत हो चुकी थी। एक लाख 24 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। न्यूयॉर्क में सबसे ज्यादा 782 लोगों की जान गई। वहां 53 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, सीडीसी ने न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी और कनेक्टिकट में लोगों… Continue reading दुनिया में 32 हजार से ज्यादा मरे

अर्धसैनिक बलों ने दी 116 करोड़ की मदद

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से लड़ने के लिए अर्धसैनिक बलों ने भी योगदान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर सभी अर्धसैनिक बलों के लोगों पीएम केयर्स फंड में अपने एक दिन के वेतन दान किया है। यह वेतन कुल 116 करोड़ रुपए का बनता है। अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों ने इसका चेक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंपा। अमित शाह ने सभी का आभार व्यक्त किया है। उधर देश के उप राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने राज्यसभा के सभी सांसदों से अपील की है कि वे अपनी एक महीने का वेतन पीएम केयर्स फंड में दान दें। पीएम केयर्स फंड बनने के दूसरे दिन यानी रविवार को भी कारपोरेट और फिल्म जगत की हस्तियों की ओर से दान देने का सिलसिला जारी रहा। टी-सीरिज के मालिक भूषण कुमार ने 11 करोड़ पीएम केयर्स फंड में दान किया और एक करोड़ रुपए की मदद मुख्यमंत्री के फंड में की। सज्जन जिंदल की कंपनी जेएसडब्लु ने एक सौ करोड़ रुपए का सहयोग देने का ऐलान किया।

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