Law Minister Kiren Rijuju

  • ये सीधा प्रहार है

    जजों की नियुक्ति के मामले में न्यायपालिका किस हद स्वतंत्र या स्वायत्त रहे, यह एक गंभीर प्रश्न है, जिस पर सार्वजनिक विश्वास के वातावरण में राष्ट्रीय आम सहमति बनाते हुए निर्णय लिया जा सकता है। केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजुजू का कॉलेजियम में सरकार के प्रतिनिधि की भागीदारी के लिए सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखना न्यायिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार माना जाएगा। यहां मुद्दा कॉलेजियम के औचित्य का नहीं है। उच्चतर न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति के कॉलेजियम सिस्टम की वैध और उचित आलोचनाएं मौजूद हैं। इस व्यवस्था पर लोकतांत्रिक माहौल में और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत पुनर्विचार करने की...